्रAपरीक्षा सिर पर, 12वी फिजिक्स में जुड़ गये नये चैप्टर
- सीबीएसइ ने 12वीं में जोड़ा कम्यूनिकेशन सिस्टम का नया चैप्टर
- 2015 सत्र के 12वीं परीक्षा में आयेंगे नये चैप्टर से प्रश्न
संवाददाता, पटना
सीबीएसइ ने भले अभी परीक्षा की तिथि घोषित ना की हो, लेकिन मार्च के प्रथम सप्ताह में परीक्षा शुरू होना तय है. 10वीं के साथ 12वीं बोर्ड के परीक्षा फार्म भराये जा चुके है. स्कूलों में प्री बोर्ड भी लिया जा रहा है. ऐसे में सीबीएसइ ने फिजिक्स विषय में कई नये चैप्टर को जोड़ दिया है. अब इन नये चैप्टर से प्रश्न मार्च 2015 में होने वाले 12वीं बोर्ड की परीक्षा में भी पूछा जायेगा. नये चैप्टर से 16 मार्क्स के प्रश्न पूछे जायेंगे.अब ना तो स्टूडेंट्स को प्रश्नों के पैटर्न की जानकारी है और ना ही नये चैप्टर को लेकर कुछ पता है. अब नये चैप्टर के जोड़ने से उनके सामने समस्या आ रही है कि नये चैप्टर की जानकारी कौन देगा. क्योंकि ना तो इसके बारे टीचर्स कुछ बता पा रहें हैं और ना ही इसके लिए कोई बुक्स ही उपलब्ध है.
- कम्यूनिकेशन सिस्टम होगा अब फिजिक्स का पार्ट
सीबीएसइ 12वीं के 2015 के बोर्ड परीक्षा में फिजिक्स में कम्यूनिकेशन सिस्टम से प्रश्न आयेंगे. फिजिक्स थ्योरी के सिलेबस में इसे शामिल किया गया है. इसके अंतर्गत कम्यूनिकेशन सिस्टम के अंतर्गत आने वाले टॉपिक्स को जोड़ा गया है. कम्यूनिकेशन में फिजिक्स का क्या रोल है और यह किस तरह से काम करता है. कंप्यूटर पर नेटवर्किग का काम कैसा होता है. लोकल एरिया नेटवर्क, वाइड एरिया नेटवर्क क्या है. इसकी स्पीड और रेंज से कम्यूनिकेशन का वर्क कैसे चलता है. इंटरनेट सर्फिग, ई-मेल आदि को फिजिक्स के प्वाइंट कैसे समझा जाता है. इन तमाम प्रश्नों को फिजिक्स के नये पैटर्न में जोड़ा गया है. 12वीं की परीक्षा में कम्यूनिकेशन से प्रश्न पूछे जायेंगे.
- जीपीएस और मोबाइल सिस्टम से आयेंगे फिजिक्स में प्रश्न
जीपीएस सिस्टम के चलाने में 24 सेटेलाइट की जरूरत होती है. इसे मैप की मदद से लगभग 20 हजार किमी तक की दूरी की मॉनिटरिंग करना संभव हो पाता है. ऐसे में फिजिक्स का सिद्धांत कैसे काम करता है. जीपीएस सिस्टम किस तरह से काम करता है. जीपीएस सिस्टम के अलावा मोबाइल सिस्टम से भी प्रश्न आयेगे. इन दोनों ही सिस्टम मे फिजिक्स की क्या भूमिका होती है. सेटेलाइट के लाइट,टाइम और डिस्टेंस के बारे में स्टूडेंट्स को पढ़ कर जाना होगा. इसके अलावा पानी, हवा और जमीन पर जीपीएस सिस्टम कैसे काम करता है, इससे भी इस बार फिजिक्स में प्रश्न आ सकते हैं. मोबाइल के वन-जी, टू-जी, थ्री-जी और फोर-जी सिस्टम पर प्रश्न पूछे जायेंगे. मोबाइल के एडवांस टेक्नोलॉजीसे प्रश्न आ सकते है. बोर्ड के अनुसार एडवांस टेक्नोलॉजी के साथ इसके स्पीड में फर्क आने और इससे होने वाले मोबाइल के परिवर्तन को लेकर भी प्रश्न पूछे जा सकते है. इसके अलावा मोबाइल के सिम कार्ड और नंबर सिस्टम को भी स्टूडेंट्स को तैयार कर जाना होगा. क्योंकि मोबाइल में नौ डिजिट वाले ही नंबर सिस्टम पर भी कई प्रश्न पूछे जा सकते हैं.
- 5 मार्क्स का होगा कम्यूनिकेशन सिस्टम
इस नये चैप्टर में 5 अंक के प्रश्न आयेंगे. इसमें आब्जेक्टिव और सब्जेक्टिव दोनों ही प्रकार के प्रश्न हो सकते है. बोर्ड ने स्कूलों को निदेश दिया है कि इस प्रैक्टिकल में भी इस चैप्टर को शामिल किया जायें. इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस और रेडियेशन विषय को नये चैप्टर के रूप में जोड़ा गया है.
इन टॉपिक्स को जोड़ा गया है नये चैप्टर में
कम्यूनिकेशन सिस्टम - 5 मार्क्स
1. इंटरनेट
- नेटवर्किग ऑफ कंप्यूटर (लोकल एरिया नेटवर्क, वाइड एरिया नेटवर्क)
- अप्लीकेशन ऑफ इंटरनेट (ई-मेल, इंटरनेट सर्फिग, ई-बैंकिंग, ई-शॉपिंग, ई-बुकिंग या ई-टिकटिंग, सोशल नेटवर्क)
2. मोबाइल टेलिफोनी
- मोबाइल फोन का सिद्धांत
- साइंटिफिक प्रोसेस ऑफ मोबाइल फोन सेल
- मोबाइल टेलिफोन स्विच ऑफिस
- मोबाइल फोन नंबर सिस्टम
- मोबाइल नेटवर्क जेनरेशन
3. ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस)
- इस सिस्टम के बारे में जानकारी
- जीपीएस डिवाइस के सिद्धांत
- अप्लीकेशन ऑफ जीपीएस
रेडियेशन - 4 मार्क्स
इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस - 7 मार्क्स
कोट
हम क्या कर सकते है. हमने तो वहीं चैप्टर पढ़ाया जो सिलेबस का पार्ट था. अचानक से नये चैप्टर जुड़ेंगे इसकी जानकारी तो हमें भी नहीं थी. मार्च में परीक्षा होना है. प्री बोर्ड के कुछ दिनों के बाद सेल्फ स्टडी के लिए स्टूडेंट्स को दिया जाता है. ऐसे में कोई नया चैप्टर जोड़ने से मुश्किल तो आयेगी ही.
अमरेंद्र कुमार, फिजिक्स टीचर, लोयेला हाई स्कूल
फिजिक्स के यूनिट फाइव चैप्टर में कुछ टॉपिक को जाोड़ा गया है. फिजिक्स को वर्तमान समय से जोड़ने और उसे इंट्रेस्टिंग बनाने के लिए बोर्ड ने ऐसा किया है. कम्यूनिकेशन सिस्टम के बारे में तो अधिकांश स्टूडेंट्स समझते है. ऐसे में फिजिक्स में इसे शामिल करने से कम्यूनिकेशन में स्टूडेंट्स अच्छा कर पायेंगे.
सीबी सिंह, सचिव, पाटलिपुत्र सहोदया
13 dec. 2015 on prabhat khabar patna
- सीबीएसइ ने 12वीं में जोड़ा कम्यूनिकेशन सिस्टम का नया चैप्टर
- 2015 सत्र के 12वीं परीक्षा में आयेंगे नये चैप्टर से प्रश्न
संवाददाता, पटना
सीबीएसइ ने भले अभी परीक्षा की तिथि घोषित ना की हो, लेकिन मार्च के प्रथम सप्ताह में परीक्षा शुरू होना तय है. 10वीं के साथ 12वीं बोर्ड के परीक्षा फार्म भराये जा चुके है. स्कूलों में प्री बोर्ड भी लिया जा रहा है. ऐसे में सीबीएसइ ने फिजिक्स विषय में कई नये चैप्टर को जोड़ दिया है. अब इन नये चैप्टर से प्रश्न मार्च 2015 में होने वाले 12वीं बोर्ड की परीक्षा में भी पूछा जायेगा. नये चैप्टर से 16 मार्क्स के प्रश्न पूछे जायेंगे.अब ना तो स्टूडेंट्स को प्रश्नों के पैटर्न की जानकारी है और ना ही नये चैप्टर को लेकर कुछ पता है. अब नये चैप्टर के जोड़ने से उनके सामने समस्या आ रही है कि नये चैप्टर की जानकारी कौन देगा. क्योंकि ना तो इसके बारे टीचर्स कुछ बता पा रहें हैं और ना ही इसके लिए कोई बुक्स ही उपलब्ध है.
- कम्यूनिकेशन सिस्टम होगा अब फिजिक्स का पार्ट
सीबीएसइ 12वीं के 2015 के बोर्ड परीक्षा में फिजिक्स में कम्यूनिकेशन सिस्टम से प्रश्न आयेंगे. फिजिक्स थ्योरी के सिलेबस में इसे शामिल किया गया है. इसके अंतर्गत कम्यूनिकेशन सिस्टम के अंतर्गत आने वाले टॉपिक्स को जोड़ा गया है. कम्यूनिकेशन में फिजिक्स का क्या रोल है और यह किस तरह से काम करता है. कंप्यूटर पर नेटवर्किग का काम कैसा होता है. लोकल एरिया नेटवर्क, वाइड एरिया नेटवर्क क्या है. इसकी स्पीड और रेंज से कम्यूनिकेशन का वर्क कैसे चलता है. इंटरनेट सर्फिग, ई-मेल आदि को फिजिक्स के प्वाइंट कैसे समझा जाता है. इन तमाम प्रश्नों को फिजिक्स के नये पैटर्न में जोड़ा गया है. 12वीं की परीक्षा में कम्यूनिकेशन से प्रश्न पूछे जायेंगे.
- जीपीएस और मोबाइल सिस्टम से आयेंगे फिजिक्स में प्रश्न
जीपीएस सिस्टम के चलाने में 24 सेटेलाइट की जरूरत होती है. इसे मैप की मदद से लगभग 20 हजार किमी तक की दूरी की मॉनिटरिंग करना संभव हो पाता है. ऐसे में फिजिक्स का सिद्धांत कैसे काम करता है. जीपीएस सिस्टम किस तरह से काम करता है. जीपीएस सिस्टम के अलावा मोबाइल सिस्टम से भी प्रश्न आयेगे. इन दोनों ही सिस्टम मे फिजिक्स की क्या भूमिका होती है. सेटेलाइट के लाइट,टाइम और डिस्टेंस के बारे में स्टूडेंट्स को पढ़ कर जाना होगा. इसके अलावा पानी, हवा और जमीन पर जीपीएस सिस्टम कैसे काम करता है, इससे भी इस बार फिजिक्स में प्रश्न आ सकते हैं. मोबाइल के वन-जी, टू-जी, थ्री-जी और फोर-जी सिस्टम पर प्रश्न पूछे जायेंगे. मोबाइल के एडवांस टेक्नोलॉजीसे प्रश्न आ सकते है. बोर्ड के अनुसार एडवांस टेक्नोलॉजी के साथ इसके स्पीड में फर्क आने और इससे होने वाले मोबाइल के परिवर्तन को लेकर भी प्रश्न पूछे जा सकते है. इसके अलावा मोबाइल के सिम कार्ड और नंबर सिस्टम को भी स्टूडेंट्स को तैयार कर जाना होगा. क्योंकि मोबाइल में नौ डिजिट वाले ही नंबर सिस्टम पर भी कई प्रश्न पूछे जा सकते हैं.
- 5 मार्क्स का होगा कम्यूनिकेशन सिस्टम
इस नये चैप्टर में 5 अंक के प्रश्न आयेंगे. इसमें आब्जेक्टिव और सब्जेक्टिव दोनों ही प्रकार के प्रश्न हो सकते है. बोर्ड ने स्कूलों को निदेश दिया है कि इस प्रैक्टिकल में भी इस चैप्टर को शामिल किया जायें. इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस और रेडियेशन विषय को नये चैप्टर के रूप में जोड़ा गया है.
इन टॉपिक्स को जोड़ा गया है नये चैप्टर में
कम्यूनिकेशन सिस्टम - 5 मार्क्स
1. इंटरनेट
- नेटवर्किग ऑफ कंप्यूटर (लोकल एरिया नेटवर्क, वाइड एरिया नेटवर्क)
- अप्लीकेशन ऑफ इंटरनेट (ई-मेल, इंटरनेट सर्फिग, ई-बैंकिंग, ई-शॉपिंग, ई-बुकिंग या ई-टिकटिंग, सोशल नेटवर्क)
2. मोबाइल टेलिफोनी
- मोबाइल फोन का सिद्धांत
- साइंटिफिक प्रोसेस ऑफ मोबाइल फोन सेल
- मोबाइल टेलिफोन स्विच ऑफिस
- मोबाइल फोन नंबर सिस्टम
- मोबाइल नेटवर्क जेनरेशन
3. ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस)
- इस सिस्टम के बारे में जानकारी
- जीपीएस डिवाइस के सिद्धांत
- अप्लीकेशन ऑफ जीपीएस
रेडियेशन - 4 मार्क्स
इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस - 7 मार्क्स
कोट
हम क्या कर सकते है. हमने तो वहीं चैप्टर पढ़ाया जो सिलेबस का पार्ट था. अचानक से नये चैप्टर जुड़ेंगे इसकी जानकारी तो हमें भी नहीं थी. मार्च में परीक्षा होना है. प्री बोर्ड के कुछ दिनों के बाद सेल्फ स्टडी के लिए स्टूडेंट्स को दिया जाता है. ऐसे में कोई नया चैप्टर जोड़ने से मुश्किल तो आयेगी ही.
अमरेंद्र कुमार, फिजिक्स टीचर, लोयेला हाई स्कूल
फिजिक्स के यूनिट फाइव चैप्टर में कुछ टॉपिक को जाोड़ा गया है. फिजिक्स को वर्तमान समय से जोड़ने और उसे इंट्रेस्टिंग बनाने के लिए बोर्ड ने ऐसा किया है. कम्यूनिकेशन सिस्टम के बारे में तो अधिकांश स्टूडेंट्स समझते है. ऐसे में फिजिक्स में इसे शामिल करने से कम्यूनिकेशन में स्टूडेंट्स अच्छा कर पायेंगे.
सीबी सिंह, सचिव, पाटलिपुत्र सहोदया
13 dec. 2015 on prabhat khabar patna
No comments:
Post a Comment