प्रश्न पत्र पर रहेगा फमरूला की जानकारी
- सीबीएसइ ने 9वीं से 12वीं के मैथेमेटिक्स और साइंस विषय के प्रश्न पत्र पर फमरूला देने का लिया निर्णय
- पूछे गये सवाल से जुड़े सूत्रों को डाला जायेगा प्रश्न पत्र पर
संवाददाता, पटना
अब मैथ और साइंस के प्रश्न पत्र को देखकर डरने की जरूरत नहीं है. मैथ और साइंस को बोझ समझने वाले स्टूडेंट्स अब इन दोनों की से फेंडली हो जायेंगे. सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसइ) ने अब मैथेमेटिक्स और साइंस के प्रश्न पत्र के पैटर्न मे बदलाव करने जा रही है. पैटर्न में बदलाव होने से मैथ और साइंस के प्रति स्टूडेंट्स के डर को खत्म किया जा सकेगा. बोर्ड की ओर से मैथ और साइंस के प्रश्न पत्र पर पूछे गये सवाल से जुड़े सूत्रों को भी उस प्रश्न पत्र पर दिया जायेगा. सीबीएसइ के अनुसार प्रश्न पत्र में आयें प्रश्नों के आधार पर ही सूत्र दिये रहेंगे. सीबीएसइ द्वारा 2015 सत्र से 9वीं से 12वीं तक के क्लास में यह लागू किया जायेगा. 2015 में होने वाले 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षा में पहली बार यह लागू किया जायेगा. 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षार्थी को सूत्रों के साथ प्रश्न पत्र दिया जायेगा.
- सही सूत्र को सही प्रश्न के लिए उपयोग करना होगा चुनौती
सीबीएसइ ने यह फैसला परीक्षार्थी के आइक्यू टेस्ट करने के लिए किया है. सीबीएसइ सोर्स के अनुसार जो भी प्रश्न मैथ और साइंस (फिजिक्स, केमेस्ट्री) के प्रश्न पत्र में पूछे जायेंगे. उससे जुड़े हुए सूत्रों को प्रश्न पत्र के लास्ट पेज पर दिया जायेाग. इन सूत्रों को स्टूडेंट्स अपने प्रश्नो के उत्तर के लिए उपयोग कर सकेंगे. बोर्ड के अधिकारी ने बताया कि प्रश्न पत्र पर मौजूद सूत्रों का सही प्रश्न में प्रयोग करने परीक्षार्थी के लिए एक चुनौती होगी. सही प्रश्न में प्रयोग करने पर परीक्षार्थी को स्टेप मार्किग के जरिये अंक दिये जायेंगे.
प्रश्न पत्र पर इन कारणों से दिया जायेगा सूत्र
- स्टूडेंट्स की तैयारी को परखने के लिए सीबीएसइ ने यह कदम उठाया है
- सवालों के साथ उसमें प्रयोग होने वाले सूत्र को स्टूडेंट्स पकड़ पाते है या नहीं
- सवालों के अनुसार फामरूला को लिखने के बाद स्टूडेंट्स प्रश्न का जवाब दे पाता है या नहीं
- स्टूडेंट्स स्टेप वाइज मार्किग कर पाता है या नहीं
स्टूडेंट्स को होगा यह फायदा
- स्टेप वाइज मार्किग होगी
- फमरूला को लिखे रहने से स्टूडेंट्स को फायदा होगा
- सही मूल्यांकन हो पायेगा. जो स्टूडेंट्स जो डिजर्व करेंगे उन्हें उसके अनुसार अंक मिलेगा
- इस नये प्रयोग से स्टूडेंट्स को हर स्टेप की तैयारी करनी पड़ेगी
- सूत्र याद करने से स्टूडेंट्स बच सकेंगे. उसके पढ़ाई का तरीका चेंज हो जायेगा
- स्टूडेंट्स को उनके योग्यता के अनुसार मार्क्स मिलेंगे
कोट
बोर्ड ने मैथ और साइंस के प्रति फेंडली बनाने के लिए इसकी शुरुआत की है. इससे जो स्टूडेंट्स के पास जैसी योग्यता होगी, उन्हें उसी के अनुसार मार्क्स मिलेंगे. स्टूडेंट्स के पढ़ाई का तरीका भी चेंज होगा. इससे सूत्र आदि के रटने से स्टूडेंट्स को छुटकारा मिलेगा.
राजीव रंजन सिन्हा, सिटी को-ऑडिनेटर, सीबीएसइ पटना
8 jan 2015 on prabhat khabar patna
- सीबीएसइ ने 9वीं से 12वीं के मैथेमेटिक्स और साइंस विषय के प्रश्न पत्र पर फमरूला देने का लिया निर्णय
- पूछे गये सवाल से जुड़े सूत्रों को डाला जायेगा प्रश्न पत्र पर
संवाददाता, पटना
अब मैथ और साइंस के प्रश्न पत्र को देखकर डरने की जरूरत नहीं है. मैथ और साइंस को बोझ समझने वाले स्टूडेंट्स अब इन दोनों की से फेंडली हो जायेंगे. सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसइ) ने अब मैथेमेटिक्स और साइंस के प्रश्न पत्र के पैटर्न मे बदलाव करने जा रही है. पैटर्न में बदलाव होने से मैथ और साइंस के प्रति स्टूडेंट्स के डर को खत्म किया जा सकेगा. बोर्ड की ओर से मैथ और साइंस के प्रश्न पत्र पर पूछे गये सवाल से जुड़े सूत्रों को भी उस प्रश्न पत्र पर दिया जायेगा. सीबीएसइ के अनुसार प्रश्न पत्र में आयें प्रश्नों के आधार पर ही सूत्र दिये रहेंगे. सीबीएसइ द्वारा 2015 सत्र से 9वीं से 12वीं तक के क्लास में यह लागू किया जायेगा. 2015 में होने वाले 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षा में पहली बार यह लागू किया जायेगा. 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षार्थी को सूत्रों के साथ प्रश्न पत्र दिया जायेगा.
- सही सूत्र को सही प्रश्न के लिए उपयोग करना होगा चुनौती
सीबीएसइ ने यह फैसला परीक्षार्थी के आइक्यू टेस्ट करने के लिए किया है. सीबीएसइ सोर्स के अनुसार जो भी प्रश्न मैथ और साइंस (फिजिक्स, केमेस्ट्री) के प्रश्न पत्र में पूछे जायेंगे. उससे जुड़े हुए सूत्रों को प्रश्न पत्र के लास्ट पेज पर दिया जायेाग. इन सूत्रों को स्टूडेंट्स अपने प्रश्नो के उत्तर के लिए उपयोग कर सकेंगे. बोर्ड के अधिकारी ने बताया कि प्रश्न पत्र पर मौजूद सूत्रों का सही प्रश्न में प्रयोग करने परीक्षार्थी के लिए एक चुनौती होगी. सही प्रश्न में प्रयोग करने पर परीक्षार्थी को स्टेप मार्किग के जरिये अंक दिये जायेंगे.
प्रश्न पत्र पर इन कारणों से दिया जायेगा सूत्र
- स्टूडेंट्स की तैयारी को परखने के लिए सीबीएसइ ने यह कदम उठाया है
- सवालों के साथ उसमें प्रयोग होने वाले सूत्र को स्टूडेंट्स पकड़ पाते है या नहीं
- सवालों के अनुसार फामरूला को लिखने के बाद स्टूडेंट्स प्रश्न का जवाब दे पाता है या नहीं
- स्टूडेंट्स स्टेप वाइज मार्किग कर पाता है या नहीं
स्टूडेंट्स को होगा यह फायदा
- स्टेप वाइज मार्किग होगी
- फमरूला को लिखे रहने से स्टूडेंट्स को फायदा होगा
- सही मूल्यांकन हो पायेगा. जो स्टूडेंट्स जो डिजर्व करेंगे उन्हें उसके अनुसार अंक मिलेगा
- इस नये प्रयोग से स्टूडेंट्स को हर स्टेप की तैयारी करनी पड़ेगी
- सूत्र याद करने से स्टूडेंट्स बच सकेंगे. उसके पढ़ाई का तरीका चेंज हो जायेगा
- स्टूडेंट्स को उनके योग्यता के अनुसार मार्क्स मिलेंगे
कोट
बोर्ड ने मैथ और साइंस के प्रति फेंडली बनाने के लिए इसकी शुरुआत की है. इससे जो स्टूडेंट्स के पास जैसी योग्यता होगी, उन्हें उसी के अनुसार मार्क्स मिलेंगे. स्टूडेंट्स के पढ़ाई का तरीका भी चेंज होगा. इससे सूत्र आदि के रटने से स्टूडेंट्स को छुटकारा मिलेगा.
राजीव रंजन सिन्हा, सिटी को-ऑडिनेटर, सीबीएसइ पटना
8 jan 2015 on prabhat khabar patna
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