विद्यापति भवन में खुलेगा मिथिला अस्पताल
- पटना के सात डॉक्टरों की बनायी गयी टीम
- फ्री चेकअप के साथ मिलेगा फ्री में दवा
संवाददाता, पटना
जे बाजत मैथिली, हुनकर इलाज हेतै मुफ्त में.. मैथिली भाषा के प्रचार प्रसार और लोगों तक मिथिलांचल की पहुंच बनाने के लिए जल्द ही एक मिथिला अस्पताल राजधानीवासियों को मिलेगा. इसके लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी गयी है. मिथिला अस्पताल में मैथिली बोलने वाले मरीज का इलाज फ्री में होगा. इसके अलावा दवा भी डॉक्टर फ्री में देंगे. जमीनी स्तर पर चल रही इस योजना को तीन दिवसीय विद्यापति समारोह होने के बाद अमलीजामा पहनाया जायेगा. विद्यापति समारोह होने के बाद चेतना समिति की एक बैठक में इस पर विचार किया जायेगा. विद्यापति भवन या राजेंद्र नगर स्थिति मिथिला भवन में इस अस्पताल के खोले जाने का प्रस्ताव डॉक्टरों ने चेतना समिति को दिया है.
- सात डॉक्टरों की बनायी गयी टीम
अपने-अपने क्षेत्र में प्रसिद्ध डॉक्टरों की टीम इसके लिए बनायी गयी है. हर डॉक्टर अपने समय के अनुसार इस अस्पताल को देंगे. सात डॉक्टरों की टीम में हर फील्ड में स्पेशलिस्ट को रखा जायेगा. चर्म रोग विशेषज्ञ डा. अमरकांत झा अमर ने बताया कि मिथिलांचल वाले अब अपनी भाषा और पर्व त्योहार आदि को भूलते जा रहे है. मिथिलांचल की परंपरागत चीजें अब विदेशों में देखने को मिलती है. राजधानी की बात हो या मिथिलांचल की हम गिने चुने लोगों को ही मैथिली गीत आता है. ऐसे में अगर हम अवेयर नहीं हुए तो ये सारी चीजों अब विलुप्त हो जायेगी. मिथिलांचल का यह हाल है कि अब विदेशों में रह रहे मैथिल भाषी लोग मैथिली गीत की ट्रेनिंग ले कर सीडी और कैसेज देश में भेजते है. उसी को लेकर हमारे यहां शादी विवाह संपन्न हो रहा है. ऐसे में राजधानी के कुछ डॉक्टरों ने मिलकर इस अस्पताल को खोलने की सोची है. इस संबंध में डा. सीएम झा ने बताया कि मैथिली का रंग हर जगहों पर हो, इस कारण इस अस्पताल की शुरुआत हम करने जा रहे है.
यह है डॉक्टरों की टीम
1. डा. अरूण कुमार ठाकुर, चाइल्ड स्पेशलिस्ट
2. डा. अमर कांत झा अमर, चर्म रोग विशेषज्ञ
3. डा. एसएस चौधरी, नेत्र रोग विशेषज्ञ
4. डा. सीएम झा, न्यूरो सजर्न
5. विनय कारक, न्यूरो फिजिशियन
6. डा. एसएस झा, हड्डी रोग विशेषज्ञ
7. वीणा मिश्र, गाइनोकोलॉजिस्ट
कोट
हम लोगों की यह योजना है. जल्द ही हम इसे शुरू करेंगे. इसमें कमजोर और गरीब तबकों के लोगों का इलाज किया जायेगा. इसके लिए हमने मैथिली भाषी लोगों को अधिक फोकस किया है. हर दिन एक डॉक्टर यहां पर समय देंगे.
डा, अरुण कुमार ठाकुर, चाइल्ड स्पेशलिस्ट
विदेशों में मैथिली भाषा को लेकर कई तरह की चीजें चल रही है. मैथिली गीत को लेकर लोग ट्रेनिंग लेते है. लेकिन हमारे देश में इन चीजों को इगAोर किया जा रहा है. इस कारण इसकी शुरुआत की जा रही है. इस अस्पताल में मैथिली भाषी का इलाज फ्री में होगा. इस अस्पताल को लेकर चेतना समिति के पास एक प्रस्ताव हमने दिया है. विद्यापति समारोह के बाद इसे कार्यरूप दिया जायेगा.
डा. अमरकांत झा अमर, चर्म रोग विशेषज्ञ
हमारे पास इसकी चर्चा हुई है. अभी विद्यापति समारोह चल रहा है. समारोह होने के बाद हम लोग एक बैठक करेंगे. उसमें इस पर विचार किया जायेगा. मौखिक प्रस्ताव हमारे पास आया है. बैठक के बाद ही कुछ तय किया जायेगा.
विवेकानंद ठाकुर, उपाध्यक्ष, चेतना समिति
6 nev. 2015 on prabhat khabar patna
- पटना के सात डॉक्टरों की बनायी गयी टीम
- फ्री चेकअप के साथ मिलेगा फ्री में दवा
संवाददाता, पटना
जे बाजत मैथिली, हुनकर इलाज हेतै मुफ्त में.. मैथिली भाषा के प्रचार प्रसार और लोगों तक मिथिलांचल की पहुंच बनाने के लिए जल्द ही एक मिथिला अस्पताल राजधानीवासियों को मिलेगा. इसके लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी गयी है. मिथिला अस्पताल में मैथिली बोलने वाले मरीज का इलाज फ्री में होगा. इसके अलावा दवा भी डॉक्टर फ्री में देंगे. जमीनी स्तर पर चल रही इस योजना को तीन दिवसीय विद्यापति समारोह होने के बाद अमलीजामा पहनाया जायेगा. विद्यापति समारोह होने के बाद चेतना समिति की एक बैठक में इस पर विचार किया जायेगा. विद्यापति भवन या राजेंद्र नगर स्थिति मिथिला भवन में इस अस्पताल के खोले जाने का प्रस्ताव डॉक्टरों ने चेतना समिति को दिया है.
- सात डॉक्टरों की बनायी गयी टीम
अपने-अपने क्षेत्र में प्रसिद्ध डॉक्टरों की टीम इसके लिए बनायी गयी है. हर डॉक्टर अपने समय के अनुसार इस अस्पताल को देंगे. सात डॉक्टरों की टीम में हर फील्ड में स्पेशलिस्ट को रखा जायेगा. चर्म रोग विशेषज्ञ डा. अमरकांत झा अमर ने बताया कि मिथिलांचल वाले अब अपनी भाषा और पर्व त्योहार आदि को भूलते जा रहे है. मिथिलांचल की परंपरागत चीजें अब विदेशों में देखने को मिलती है. राजधानी की बात हो या मिथिलांचल की हम गिने चुने लोगों को ही मैथिली गीत आता है. ऐसे में अगर हम अवेयर नहीं हुए तो ये सारी चीजों अब विलुप्त हो जायेगी. मिथिलांचल का यह हाल है कि अब विदेशों में रह रहे मैथिल भाषी लोग मैथिली गीत की ट्रेनिंग ले कर सीडी और कैसेज देश में भेजते है. उसी को लेकर हमारे यहां शादी विवाह संपन्न हो रहा है. ऐसे में राजधानी के कुछ डॉक्टरों ने मिलकर इस अस्पताल को खोलने की सोची है. इस संबंध में डा. सीएम झा ने बताया कि मैथिली का रंग हर जगहों पर हो, इस कारण इस अस्पताल की शुरुआत हम करने जा रहे है.
यह है डॉक्टरों की टीम
1. डा. अरूण कुमार ठाकुर, चाइल्ड स्पेशलिस्ट
2. डा. अमर कांत झा अमर, चर्म रोग विशेषज्ञ
3. डा. एसएस चौधरी, नेत्र रोग विशेषज्ञ
4. डा. सीएम झा, न्यूरो सजर्न
5. विनय कारक, न्यूरो फिजिशियन
6. डा. एसएस झा, हड्डी रोग विशेषज्ञ
7. वीणा मिश्र, गाइनोकोलॉजिस्ट
कोट
हम लोगों की यह योजना है. जल्द ही हम इसे शुरू करेंगे. इसमें कमजोर और गरीब तबकों के लोगों का इलाज किया जायेगा. इसके लिए हमने मैथिली भाषी लोगों को अधिक फोकस किया है. हर दिन एक डॉक्टर यहां पर समय देंगे.
डा, अरुण कुमार ठाकुर, चाइल्ड स्पेशलिस्ट
विदेशों में मैथिली भाषा को लेकर कई तरह की चीजें चल रही है. मैथिली गीत को लेकर लोग ट्रेनिंग लेते है. लेकिन हमारे देश में इन चीजों को इगAोर किया जा रहा है. इस कारण इसकी शुरुआत की जा रही है. इस अस्पताल में मैथिली भाषी का इलाज फ्री में होगा. इस अस्पताल को लेकर चेतना समिति के पास एक प्रस्ताव हमने दिया है. विद्यापति समारोह के बाद इसे कार्यरूप दिया जायेगा.
डा. अमरकांत झा अमर, चर्म रोग विशेषज्ञ
हमारे पास इसकी चर्चा हुई है. अभी विद्यापति समारोह चल रहा है. समारोह होने के बाद हम लोग एक बैठक करेंगे. उसमें इस पर विचार किया जायेगा. मौखिक प्रस्ताव हमारे पास आया है. बैठक के बाद ही कुछ तय किया जायेगा.
विवेकानंद ठाकुर, उपाध्यक्ष, चेतना समिति
6 nev. 2015 on prabhat khabar patna
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