स्कूल टूर के पहले लेनी होगी बोर्ड से इजाजत
- सीबीएसइ और आइसीएसइ बोर्ड ने भेजा स्कूलों को नोटिस
संवाददाता, पटना
विंटर वैकेंशन दिसंबर के थर्ड वीक से शुरू होगा. अभी तक स्कूल अपनी मरजी से स्कूल टूर की योजना बना रहे थे. लेकिन अब इसके लिए संबंधित बोर्ड से उन्हें आदेश लेनी होगी. इसके लिए स्कूल को टूर की योजना बनाने के पहले ही बोर्ड को सूचित करना होगा. बोर्ड के आदेश के बाद ही कोई स्कूल अब विंटर टूर के साथ समर टूर की प्लानिंग बनायेगा. इस संबंधी नोटिस तमाम सीबीएसइ और आइसीएसइ बोर्ड के स्कूलों को भेज दिया गया है. हर स्कूल को इसका पालन करना है.
- बोर्ड के आदेश के बाद स्कूल देगा ट्रेनिंग
टूर का आदेश मिलने के बाद स्कूल को अभिभावक का भी आदेश लेना होगा. अभिभावक के मरजी के बाद स्कूल द्वारा विंटर टूर पर जाने से पहले उस जगह की पूरी जानकारी स्टूडेंट्स के साथ अभिभावक को देना होगा. अभिभावक की पूरी जानकारी स्कूल की ओर से दी जायेगी कि उनके बच्चे कहां जा रहे है. ठहरने के स्थान, उस जगह का पूरा लोकेशन, संबंधित शहर के बारे में जानकारी दी जायेगी कि बच्चों को कहां-कहां घुमाया जायेगा. बोर्ड के आदेश के बाद बोर्ड द्वारा उस शहर के प्रशासन को स्कूल टूर के बारे में पूरी जानकारी दी जायेगी. इसके अलावा बोर्ड स्कूल को उस शहर के भागोलिक स्थिति से भी अवगत करवायेगा. इससे सुरक्षा के मामले में किसी तरह की चूक नहीं हो सके.
- जरूरत हो तभी करें एजुकेशन टूर
सीबीएसइ ने स्कूलों को भेजे आदेश में कहा है कि अगर उस शहर में रहते हुए एजुकेशन टूर की कमी को पूरा किया जा सकता है तो स्कूल को स्टूडेंट्स को टूर पर ले जाने से बचना चाहिए. जब जरूरत हो तभी एजुकेशन टूर करवाना चाहिए. इसके अलावा उन स्टूडेंट को एजुकेशन टूर पर नही ले जाया जायेगा जो बीमार हो. डायबिटीज, ब्लड सूअर, दमा आदि से ग्रस्त स्टूडेंट के एजुकेशनल टूर के साथ विंटर और समर टूर पर पूरी तरह से रोक लगा दिया जायें. बोर्ड के अनुसार टूर के दौरान स्टूडेंट्स के ट्रेनिंग के अनुसार उनसे एक्टिविटी करवाया जायें. जैसे अगर किसी स्टूडेंट को स्विमिंग नहीं आती हो तो इन चीजों से स्टूडेंट को दूर रखना चाहिए.
इन चीजों को स्कूलों को रखना होगा ख्याल
- टूर के लिए बोर्ड से लेनी होगी इजाजत
- प्रिंसिपल यह तय करेंगे कि जिस कोर्स को बच्चे कर रहे है उसी से संबंधित प्रोजेक्ट के लिए टूर पर जायें
- टूर पर जाने से पहले स्टूडेंट, अभिभावक और टीचर्स के लिए एक ओरिएंटेशन सेशन चलाया जायेगा.
- टूर पर जाने वाले जगह शहर के बारे में पूरी जानकारी लेनी चाहिए
- स्टूडेंट्स की सुरक्षा पर स्कूल का पूरा ध्यान होना चाहिए
- टूर पर जाने वले स्टूडेंट्स के साथ सिक्यूरिटी गार्ड होना चाहिए
- टूर पर जाने से पहले स्टूडेंट्स से लिखित आश्वासन लिया जाये कि हर नियम का पालन वो करेंगे
- 10 से ज्यादा मेंबर होने पर वहां के लोकल टूर ऑपरेटर का साथ जाना जरूरी है.
- समुद्री तट आदि पर टूर के लिए जाने पर वहां के डीएम को जानकारी देना होगा
25 nev 2015 on prabhat khabar patna
- सीबीएसइ और आइसीएसइ बोर्ड ने भेजा स्कूलों को नोटिस
संवाददाता, पटना
विंटर वैकेंशन दिसंबर के थर्ड वीक से शुरू होगा. अभी तक स्कूल अपनी मरजी से स्कूल टूर की योजना बना रहे थे. लेकिन अब इसके लिए संबंधित बोर्ड से उन्हें आदेश लेनी होगी. इसके लिए स्कूल को टूर की योजना बनाने के पहले ही बोर्ड को सूचित करना होगा. बोर्ड के आदेश के बाद ही कोई स्कूल अब विंटर टूर के साथ समर टूर की प्लानिंग बनायेगा. इस संबंधी नोटिस तमाम सीबीएसइ और आइसीएसइ बोर्ड के स्कूलों को भेज दिया गया है. हर स्कूल को इसका पालन करना है.
- बोर्ड के आदेश के बाद स्कूल देगा ट्रेनिंग
टूर का आदेश मिलने के बाद स्कूल को अभिभावक का भी आदेश लेना होगा. अभिभावक के मरजी के बाद स्कूल द्वारा विंटर टूर पर जाने से पहले उस जगह की पूरी जानकारी स्टूडेंट्स के साथ अभिभावक को देना होगा. अभिभावक की पूरी जानकारी स्कूल की ओर से दी जायेगी कि उनके बच्चे कहां जा रहे है. ठहरने के स्थान, उस जगह का पूरा लोकेशन, संबंधित शहर के बारे में जानकारी दी जायेगी कि बच्चों को कहां-कहां घुमाया जायेगा. बोर्ड के आदेश के बाद बोर्ड द्वारा उस शहर के प्रशासन को स्कूल टूर के बारे में पूरी जानकारी दी जायेगी. इसके अलावा बोर्ड स्कूल को उस शहर के भागोलिक स्थिति से भी अवगत करवायेगा. इससे सुरक्षा के मामले में किसी तरह की चूक नहीं हो सके.
- जरूरत हो तभी करें एजुकेशन टूर
सीबीएसइ ने स्कूलों को भेजे आदेश में कहा है कि अगर उस शहर में रहते हुए एजुकेशन टूर की कमी को पूरा किया जा सकता है तो स्कूल को स्टूडेंट्स को टूर पर ले जाने से बचना चाहिए. जब जरूरत हो तभी एजुकेशन टूर करवाना चाहिए. इसके अलावा उन स्टूडेंट को एजुकेशन टूर पर नही ले जाया जायेगा जो बीमार हो. डायबिटीज, ब्लड सूअर, दमा आदि से ग्रस्त स्टूडेंट के एजुकेशनल टूर के साथ विंटर और समर टूर पर पूरी तरह से रोक लगा दिया जायें. बोर्ड के अनुसार टूर के दौरान स्टूडेंट्स के ट्रेनिंग के अनुसार उनसे एक्टिविटी करवाया जायें. जैसे अगर किसी स्टूडेंट को स्विमिंग नहीं आती हो तो इन चीजों से स्टूडेंट को दूर रखना चाहिए.
इन चीजों को स्कूलों को रखना होगा ख्याल
- टूर के लिए बोर्ड से लेनी होगी इजाजत
- प्रिंसिपल यह तय करेंगे कि जिस कोर्स को बच्चे कर रहे है उसी से संबंधित प्रोजेक्ट के लिए टूर पर जायें
- टूर पर जाने से पहले स्टूडेंट, अभिभावक और टीचर्स के लिए एक ओरिएंटेशन सेशन चलाया जायेगा.
- टूर पर जाने वाले जगह शहर के बारे में पूरी जानकारी लेनी चाहिए
- स्टूडेंट्स की सुरक्षा पर स्कूल का पूरा ध्यान होना चाहिए
- टूर पर जाने वले स्टूडेंट्स के साथ सिक्यूरिटी गार्ड होना चाहिए
- टूर पर जाने से पहले स्टूडेंट्स से लिखित आश्वासन लिया जाये कि हर नियम का पालन वो करेंगे
- 10 से ज्यादा मेंबर होने पर वहां के लोकल टूर ऑपरेटर का साथ जाना जरूरी है.
- समुद्री तट आदि पर टूर के लिए जाने पर वहां के डीएम को जानकारी देना होगा
25 nev 2015 on prabhat khabar patna
No comments:
Post a Comment