सीबीएसइ करेगा सीसीइ में बदलाव, एफए और पीएसए होगा आसान
- अभिभावक और स्टूडेंट्स से फीडबैक लेने के बाद बोर्ड कर रहा बदलाव
संवाददाता, पटना
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसइ) 2015 सत्र से कई बदलाव करने जा रहा है. स्टूडेंट्स की सुविधा के लिए सीसीइ (कंटीन्यूअस एंड कंप्रीहेंसिव असेसमेंट) के अंतर्गत यह बदलाव किया जायेगा. बोर्ड ने फॉर्मेटिव असेसमेंट (एफए) स्कीम में सबसे ज्यादा चेंज किये है. अब फॉर्मेटिव असेसमेंट में जो भी प्रोजेक्ट वर्क होगा वह स्कूल द्वारा करवाया जायेगा. वहीं असाइमेंट को भी स्कूल में ही स्टूडेंट्स का करवाया जायेगा. प्रोजेक्ट वर्क को स्कूल वाले होमवर्क का हिस्सा नहीं बना सकते है. बोर्ड के अनुसार स्टूडेंट्स और पैरेंट्स के फीडबैक से सामने आया है कि अधिकांश स्कूल एफए को होमवर्क का पार्ट बना दिया है. इसके कारण स्टूडेंट्स के साथ पैरेंट्स भी परेशान रहते है.
प्रोजेक्ट वर्क अब होंगे स्कूल में ही कम्पलीट
बोर्ड की ओर से समेटिव असेसमेंट (एसए) और फार्मेटिव असेसमेंट (एफए) ली जाती है. समेटिव असेसमेंट में क्लास टेस्ट और पेपर होते है. वहीं फार्मेटिव असेसमेंट में प्रोजेक्ट वर्क, असाइनमेंट व को-करिकुलम एक्टिविटी. अब बोर्ड ने फॉमेटिव असेसमेंट में बदलाव किया है. 12वीं में रीवैलुएशन स्कीम में इस वर्ष बदलाव किया जायेगा. अब स्टूडेंट्स 10 की बजाय 15 क्वेशचन का रीवैलुएशन करा सकेंगे. इसी प्रकार सीसीइ पैटर्न को लेकर स्टूडेंट्स, टीचर्स, स्कूल मैनेजमेंट से मिले फीडबैक के आधार पर नये सेशन से इसेक लिए नया फमरूला तैयार कर लिया है. बोर्ड की करिकुलम कमेटी ने जरूरी बदलावों को अप्रूवल दे दी है. 2015 सत्र से इसे लागू कर दिया जायेगा. इसी के अनुसार अब क्लास वर्क भी स्कूल तैयार करेंगे.
ये हुए है बदलाव
1. एफए का प्रेशर होगा कम
फीडबैक से पता चला है कि एफए की होमवर्क का पार्ट बना दिया गया है. इस कारण बोर्ड ने एफए में प्रोजेक्ट का प्रेशर कम करने के लिए स्टूडेंट्स को एक्टिविटी या फिर क्लास असाइमेंट में से किसी एक को चुनने की सुविधा देगा.
2. पीएसए की परसेंटेज
9वीं और 11वीं में लिया जाने वाला अभी तक प्रॉब्लम सॉल्विंग असेसमेंट (पीएसए) टेस्ट की वेटेज 10 परसेंट है. 2015 से पीएसए की वेटेज 5 परसेंट होगी और बांकी पांच परसेंट एफए-4 की दूसरी एक्टिविटी के साथ जोड़ा जायेगा.
3. नया टेस्ट शामिल
फॉमेटिव असेसमेंट मे ंएक टेस्ट शामिल किया गया है. इससे पांच ऑप्शंस में से एक सेलेक्ट करना होगा. इसमें कांसेप्ट मैप, असाइनमेंट, एमसीक्यू बेस्ड टेस्ट, अप्लीकेशन बेस्ड टेस्ट, क्रियेटिव वर्क आदि शामिल है. क्रियेटिव वर्क में स्टूडेंट साइंस काटरून बना सकते है या फिर इंगलिश में शार्ट स्टोरी लिख सकते है.
4. स्मॉल ग्रुप एक्टिविटी
स्माल ग्रुप डिस्कशन, स्मॉल ग्रुप प्रेजेंटेशन, डिबेट, क्लब एक्टिविटी, रोल इन प्ले से स्टूडेंट्स को एक एक्टिविटी में हिस्सा लेना होगा. बोर्ड ने कहा है कि एफए में अब प्रोजेक्ट का प्रेशर कम किया जायेगा. स्टूडेंट्स को इनमें से कोई एक एक्टिविटी में हिस्सा लेना होगा और क्लास में ही असेसमेंट होगा.
5. इंटरडिसिप्लिनरी ग्रुप प्रोजेक्ट
इन प्रोजेक्ट की वेटेज 5 पर्सेट होगी. स्टूडेंट्स को ग्रुप में बांटा जायेगा. एफए 4 में ये प्रोजेक्ट करने होंगे. होमवर्क में इन प्रोजेक्ट को बिल्कुल शामिल नहीं किया जायेगा. टीचर्स की गाइडेंस में ये प्रोजेक्ट करने होंगे. स्टूडेंट्स को अलग-अलग ग्रुप में बांटा जायेगा. बोर्ड सूत्रों का कहना है कि जो भी चेंज किये जा रहे है, उनसे बच्चों की कम्यूनिकेशन स्किल बेहतर हेागी और उनमें विश्वास भी होगा.
कोट
इस बदलाव से स्टूडेंट्स को काफी सुविधा मिलेगी. प्रोजेक्ट वर्क या असाइमेंट आदि आसान हो जायेगा. स्टूडेंट्स की सुविधा के लिए बोर्ड द्वारा यह किया जा रहा है. पीएसए कम अंक के होने के कारण स्टूडेंट्स के रिजल्ट खराब होने की संभावना कम हो जायेगा. स्टूडेंट्स का प्रेशर कम होगा.
राजीव रंजन सिन्हा, सिटी को-ऑडिनेटर, सीबीएसइ
21 nev. 2015 on prabhat khabar patna
स्कूल बेस्ड बोर्ड होगा खत्म, अब सिर्फ बोर्ड परीक्षा लेगा सीबीएसइ
- 2016 के 10वीं बोर्ड परीक्षा में लागू होगी नयी प्रक्रिया
- स्कूल बेस्ड बोर्ड देने वाले स्टूडेंट्स की संख्या लगातार घट रही
संवाददाता, पटना
स्कूल बेस्ड बोर्ड देना है या बोर्ड बेस्ड बोर्ड की परीक्षा में शामिल होना है. 10वीं बोर्ड की परीक्षा में शामिल होने के लिए अब सीबीएसइ स्टूडेंट्स को इस उधेड़बुन में नहीं रहना पड़ेगा. क्योंकि सीबीएसइ 2016 से बोर्ड परीक्षा के सिस्टम में पूरी तरह से परिवर्तन करने जा रही है. 2016 से सीबीएसइ पूरी तरह से पुराने सिस्टम से बोर्ड परीक्षा पैटर्न करने जा रही है. अब स्कूल बेस्ड बोर्ड नहीं बल्कि सीबीएसइ स्कूलों में भी बोर्ड परीक्षा ही अब आयोजित होगा. अभी हाल में कोच्चि में हुए सहोदया की नेशनल कांफ्रेंस में इस बात का फैसला लिया गया. सीबीएसइ ये यह फैसला कई सालों से स्कूल बेस्ड बोर्ड को लेकर अभिभावकों की निगेटिविटी के कारण लिया है.
- सर्वे के बाद बदला जा रहा पैटर्न
कुछ महीनों पहले सीबीएसइ ने अभिभावक, छात्र, स्कूल प्रशासन के बीच एक सर्वे करवाया था. इसमें पूछा गया था कि स्कूल बेस्ड और बोर्ड बेस्ड में से कौन से पैटर्न 10वी बोर्ड परीक्षा के लिए पसंद किये जा रहे है और क्यूं. इसमें अधिकांश लोगों ने बोर्ड बेस्ड बोर्ड परीक्षा को चूना था. स्कूल बेस्ड बोर्ड पर अभी भी कई प्रश्न चिन्ह लग रहे है. सर्वे में बताया गया था कि स्कूल के टीचर स्कूल बेस्ड पैटर्न का काफी दुरूपयोग करते है. इससे स्टूडेंट्स इस पैटर्न के पीछे नही पड़ना चाहते. इसके अलावा स्कूल बेस्ड बोर्ड पैटर्न के सर्टिफिकेट का दूसरे बोर्ड में मान्यता नहीं होने का भी असर इस पर काफी पड़ा है. 2010 से चल रहे इस पैटर्न को सीबीएसइ 2016 में पूरी तरह से बंद कर देगी.
- घट रही स्टूडेंट्स की संख्या
स्कूल बेस्ड बोर्ड होने के बाद सीबीएसइ में 9वीं और 10वीं में स्टूडेंट्स की संख्या पर भी असर हुआ है. बोर्ड के अनुसार जितनी संख्या 8वीं तक स्टूडेंट्स की रहती है. वो संख्या 9वीं के रजिस्ट्रेशन में कम हो जाती है. अधिकांश स्टूडेंट्स 8वीं के बाद सीबीएसइ से आइसीएसइ या स्टेट बोर्ड में नाम लिखवा कर वहीं से 10वीं बोर्ड की परीक्षा देते है. उसके बाद प्लस टू में फिर सीबीएसई में स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ जाती है. इसको देखते हुए सीबीएसइ के 2014 की बोर्ड परीक्षा में स्टूडेंट की संख्या बढ़ी और स्कूल बेस्ड बोर्ड परीक्षा में स्टूडेंट्स की संख्या कम हो गयी. इतना ही नहीं 10वीं में सीसीइ पैटर्न लागू होने के बाद इसकी कई खामियां समय-समय पर सामने आयी है शिक्षकों पर मर्जी से कम या ज्यादा अंक देने के आरोप लगते रहे है. स्कूल भी अपनी लोकप्रियता बदलने के लिए सभी छात्रों को 10 सीजीपीए देने के आरोप में जांच के दायरे में आते रहे है.
- 2015 की परीक्षा में चेंज करने का दिया गया आप्सन
सीबीएसइ ने 2015 की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले स्टूडेंट्स को स्कूल बेस्ड बोर्ड परीक्षा में परिवर्तन करने का आप्सन दिया है. जिन स्टूडेंट्स ने स्कूल बेस्ड बोर्ड परीक्षा का फार्म भरा है. वो अगर चाहे तो इसे परिवर्तन कर बोर्ड परीक्षा के लिए फार्म भर सकते है. सीबीएसइ यह सुविधा स्टूडेंट को पहली बार दिया है. अगर कोई स्टूडेंट्स स्कूल बेस्ड बोर्ड से बोर्ड परीक्षा देना चाह रहें हो तो वह स्कूल के माध्यम से या फिर रीजनल ऑफिस के एग्जामिनेशन कंट्रोलर को आवेदन दे सकते है. इसके अलावा 2015 की 10वीं बोर्ड परीक्षा में कई और परिवर्तन किया जायेगा.
कोट
सीबीएसइ का यह फैसला स्वागत योग्य है. सहोदया के नेशनल कांफ्रेंस में नयी शिक्षा नीति को लेकर कई तरह की चर्चाएं हुई है. उसमें से 10वीं बोर्ड परीक्षा पैटर्न को लेकर गंभीर चर्चाएं हुई. क्योंकि दो सालों पहले शुरू हुआ स्कूल बेस्ड बोर्ड को आज भी अभिभावक पूरी तरह से एक्सेप्ट नहीं कर पा रहे है. इस कारण बोर्ड अब इसे परिवर्तन करने की सोच रहा है.
सीबी सिंह, अध्यक्ष, पाटलिपुत्र सहोदया
30 nov 2015
- अभिभावक और स्टूडेंट्स से फीडबैक लेने के बाद बोर्ड कर रहा बदलाव
संवाददाता, पटना
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसइ) 2015 सत्र से कई बदलाव करने जा रहा है. स्टूडेंट्स की सुविधा के लिए सीसीइ (कंटीन्यूअस एंड कंप्रीहेंसिव असेसमेंट) के अंतर्गत यह बदलाव किया जायेगा. बोर्ड ने फॉर्मेटिव असेसमेंट (एफए) स्कीम में सबसे ज्यादा चेंज किये है. अब फॉर्मेटिव असेसमेंट में जो भी प्रोजेक्ट वर्क होगा वह स्कूल द्वारा करवाया जायेगा. वहीं असाइमेंट को भी स्कूल में ही स्टूडेंट्स का करवाया जायेगा. प्रोजेक्ट वर्क को स्कूल वाले होमवर्क का हिस्सा नहीं बना सकते है. बोर्ड के अनुसार स्टूडेंट्स और पैरेंट्स के फीडबैक से सामने आया है कि अधिकांश स्कूल एफए को होमवर्क का पार्ट बना दिया है. इसके कारण स्टूडेंट्स के साथ पैरेंट्स भी परेशान रहते है.
प्रोजेक्ट वर्क अब होंगे स्कूल में ही कम्पलीट
बोर्ड की ओर से समेटिव असेसमेंट (एसए) और फार्मेटिव असेसमेंट (एफए) ली जाती है. समेटिव असेसमेंट में क्लास टेस्ट और पेपर होते है. वहीं फार्मेटिव असेसमेंट में प्रोजेक्ट वर्क, असाइनमेंट व को-करिकुलम एक्टिविटी. अब बोर्ड ने फॉमेटिव असेसमेंट में बदलाव किया है. 12वीं में रीवैलुएशन स्कीम में इस वर्ष बदलाव किया जायेगा. अब स्टूडेंट्स 10 की बजाय 15 क्वेशचन का रीवैलुएशन करा सकेंगे. इसी प्रकार सीसीइ पैटर्न को लेकर स्टूडेंट्स, टीचर्स, स्कूल मैनेजमेंट से मिले फीडबैक के आधार पर नये सेशन से इसेक लिए नया फमरूला तैयार कर लिया है. बोर्ड की करिकुलम कमेटी ने जरूरी बदलावों को अप्रूवल दे दी है. 2015 सत्र से इसे लागू कर दिया जायेगा. इसी के अनुसार अब क्लास वर्क भी स्कूल तैयार करेंगे.
ये हुए है बदलाव
1. एफए का प्रेशर होगा कम
फीडबैक से पता चला है कि एफए की होमवर्क का पार्ट बना दिया गया है. इस कारण बोर्ड ने एफए में प्रोजेक्ट का प्रेशर कम करने के लिए स्टूडेंट्स को एक्टिविटी या फिर क्लास असाइमेंट में से किसी एक को चुनने की सुविधा देगा.
2. पीएसए की परसेंटेज
9वीं और 11वीं में लिया जाने वाला अभी तक प्रॉब्लम सॉल्विंग असेसमेंट (पीएसए) टेस्ट की वेटेज 10 परसेंट है. 2015 से पीएसए की वेटेज 5 परसेंट होगी और बांकी पांच परसेंट एफए-4 की दूसरी एक्टिविटी के साथ जोड़ा जायेगा.
3. नया टेस्ट शामिल
फॉमेटिव असेसमेंट मे ंएक टेस्ट शामिल किया गया है. इससे पांच ऑप्शंस में से एक सेलेक्ट करना होगा. इसमें कांसेप्ट मैप, असाइनमेंट, एमसीक्यू बेस्ड टेस्ट, अप्लीकेशन बेस्ड टेस्ट, क्रियेटिव वर्क आदि शामिल है. क्रियेटिव वर्क में स्टूडेंट साइंस काटरून बना सकते है या फिर इंगलिश में शार्ट स्टोरी लिख सकते है.
4. स्मॉल ग्रुप एक्टिविटी
स्माल ग्रुप डिस्कशन, स्मॉल ग्रुप प्रेजेंटेशन, डिबेट, क्लब एक्टिविटी, रोल इन प्ले से स्टूडेंट्स को एक एक्टिविटी में हिस्सा लेना होगा. बोर्ड ने कहा है कि एफए में अब प्रोजेक्ट का प्रेशर कम किया जायेगा. स्टूडेंट्स को इनमें से कोई एक एक्टिविटी में हिस्सा लेना होगा और क्लास में ही असेसमेंट होगा.
5. इंटरडिसिप्लिनरी ग्रुप प्रोजेक्ट
इन प्रोजेक्ट की वेटेज 5 पर्सेट होगी. स्टूडेंट्स को ग्रुप में बांटा जायेगा. एफए 4 में ये प्रोजेक्ट करने होंगे. होमवर्क में इन प्रोजेक्ट को बिल्कुल शामिल नहीं किया जायेगा. टीचर्स की गाइडेंस में ये प्रोजेक्ट करने होंगे. स्टूडेंट्स को अलग-अलग ग्रुप में बांटा जायेगा. बोर्ड सूत्रों का कहना है कि जो भी चेंज किये जा रहे है, उनसे बच्चों की कम्यूनिकेशन स्किल बेहतर हेागी और उनमें विश्वास भी होगा.
कोट
इस बदलाव से स्टूडेंट्स को काफी सुविधा मिलेगी. प्रोजेक्ट वर्क या असाइमेंट आदि आसान हो जायेगा. स्टूडेंट्स की सुविधा के लिए बोर्ड द्वारा यह किया जा रहा है. पीएसए कम अंक के होने के कारण स्टूडेंट्स के रिजल्ट खराब होने की संभावना कम हो जायेगा. स्टूडेंट्स का प्रेशर कम होगा.
राजीव रंजन सिन्हा, सिटी को-ऑडिनेटर, सीबीएसइ
21 nev. 2015 on prabhat khabar patna
स्कूल बेस्ड बोर्ड होगा खत्म, अब सिर्फ बोर्ड परीक्षा लेगा सीबीएसइ
- 2016 के 10वीं बोर्ड परीक्षा में लागू होगी नयी प्रक्रिया
- स्कूल बेस्ड बोर्ड देने वाले स्टूडेंट्स की संख्या लगातार घट रही
संवाददाता, पटना
स्कूल बेस्ड बोर्ड देना है या बोर्ड बेस्ड बोर्ड की परीक्षा में शामिल होना है. 10वीं बोर्ड की परीक्षा में शामिल होने के लिए अब सीबीएसइ स्टूडेंट्स को इस उधेड़बुन में नहीं रहना पड़ेगा. क्योंकि सीबीएसइ 2016 से बोर्ड परीक्षा के सिस्टम में पूरी तरह से परिवर्तन करने जा रही है. 2016 से सीबीएसइ पूरी तरह से पुराने सिस्टम से बोर्ड परीक्षा पैटर्न करने जा रही है. अब स्कूल बेस्ड बोर्ड नहीं बल्कि सीबीएसइ स्कूलों में भी बोर्ड परीक्षा ही अब आयोजित होगा. अभी हाल में कोच्चि में हुए सहोदया की नेशनल कांफ्रेंस में इस बात का फैसला लिया गया. सीबीएसइ ये यह फैसला कई सालों से स्कूल बेस्ड बोर्ड को लेकर अभिभावकों की निगेटिविटी के कारण लिया है.
- सर्वे के बाद बदला जा रहा पैटर्न
कुछ महीनों पहले सीबीएसइ ने अभिभावक, छात्र, स्कूल प्रशासन के बीच एक सर्वे करवाया था. इसमें पूछा गया था कि स्कूल बेस्ड और बोर्ड बेस्ड में से कौन से पैटर्न 10वी बोर्ड परीक्षा के लिए पसंद किये जा रहे है और क्यूं. इसमें अधिकांश लोगों ने बोर्ड बेस्ड बोर्ड परीक्षा को चूना था. स्कूल बेस्ड बोर्ड पर अभी भी कई प्रश्न चिन्ह लग रहे है. सर्वे में बताया गया था कि स्कूल के टीचर स्कूल बेस्ड पैटर्न का काफी दुरूपयोग करते है. इससे स्टूडेंट्स इस पैटर्न के पीछे नही पड़ना चाहते. इसके अलावा स्कूल बेस्ड बोर्ड पैटर्न के सर्टिफिकेट का दूसरे बोर्ड में मान्यता नहीं होने का भी असर इस पर काफी पड़ा है. 2010 से चल रहे इस पैटर्न को सीबीएसइ 2016 में पूरी तरह से बंद कर देगी.
- घट रही स्टूडेंट्स की संख्या
स्कूल बेस्ड बोर्ड होने के बाद सीबीएसइ में 9वीं और 10वीं में स्टूडेंट्स की संख्या पर भी असर हुआ है. बोर्ड के अनुसार जितनी संख्या 8वीं तक स्टूडेंट्स की रहती है. वो संख्या 9वीं के रजिस्ट्रेशन में कम हो जाती है. अधिकांश स्टूडेंट्स 8वीं के बाद सीबीएसइ से आइसीएसइ या स्टेट बोर्ड में नाम लिखवा कर वहीं से 10वीं बोर्ड की परीक्षा देते है. उसके बाद प्लस टू में फिर सीबीएसई में स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ जाती है. इसको देखते हुए सीबीएसइ के 2014 की बोर्ड परीक्षा में स्टूडेंट की संख्या बढ़ी और स्कूल बेस्ड बोर्ड परीक्षा में स्टूडेंट्स की संख्या कम हो गयी. इतना ही नहीं 10वीं में सीसीइ पैटर्न लागू होने के बाद इसकी कई खामियां समय-समय पर सामने आयी है शिक्षकों पर मर्जी से कम या ज्यादा अंक देने के आरोप लगते रहे है. स्कूल भी अपनी लोकप्रियता बदलने के लिए सभी छात्रों को 10 सीजीपीए देने के आरोप में जांच के दायरे में आते रहे है.
- 2015 की परीक्षा में चेंज करने का दिया गया आप्सन
सीबीएसइ ने 2015 की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले स्टूडेंट्स को स्कूल बेस्ड बोर्ड परीक्षा में परिवर्तन करने का आप्सन दिया है. जिन स्टूडेंट्स ने स्कूल बेस्ड बोर्ड परीक्षा का फार्म भरा है. वो अगर चाहे तो इसे परिवर्तन कर बोर्ड परीक्षा के लिए फार्म भर सकते है. सीबीएसइ यह सुविधा स्टूडेंट को पहली बार दिया है. अगर कोई स्टूडेंट्स स्कूल बेस्ड बोर्ड से बोर्ड परीक्षा देना चाह रहें हो तो वह स्कूल के माध्यम से या फिर रीजनल ऑफिस के एग्जामिनेशन कंट्रोलर को आवेदन दे सकते है. इसके अलावा 2015 की 10वीं बोर्ड परीक्षा में कई और परिवर्तन किया जायेगा.
कोट
सीबीएसइ का यह फैसला स्वागत योग्य है. सहोदया के नेशनल कांफ्रेंस में नयी शिक्षा नीति को लेकर कई तरह की चर्चाएं हुई है. उसमें से 10वीं बोर्ड परीक्षा पैटर्न को लेकर गंभीर चर्चाएं हुई. क्योंकि दो सालों पहले शुरू हुआ स्कूल बेस्ड बोर्ड को आज भी अभिभावक पूरी तरह से एक्सेप्ट नहीं कर पा रहे है. इस कारण बोर्ड अब इसे परिवर्तन करने की सोच रहा है.
सीबी सिंह, अध्यक्ष, पाटलिपुत्र सहोदया
30 nov 2015
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