Sunday, February 22, 2015

मैट्रिक में लागू होगा स्टेप वाइज मार्किग

मैट्रिक में  लागू होगा स्टेप वाइज मार्किग

- 2015 सत्र की मैट्रिक की परीक्षा में हर स्टेप पर मिलेगा अंक
- हर साल तीन लाख से अधिक छात्र हो जाते है फेल
संवाददाता, पटना
 प्रश्न के अधूरे उत्तर पर भी मिलेंगे अंक. मैथ में प्रोसेस नहीं बस फामरूला लिख दिया तो अंक मिल जायेंगे. अब मैट्रिक की परीक्षा में पूरा उत्तर नहीं भी लिखा तो अंक नहीं कटने वाले. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति 2015 सत्र की मैट्रिक की परीक्षा में स्टेप वाइज मार्किग को पूरी तरह से लागू करने जा रहा है. छात्र किसी भी प्रश्न का जितना उत्तर लिखेंगे उन्हें उसके अंक उतने मिल जायेंगे. इसके लिए शिक्षकों को पहले ही गाइड लाइन जारी किया जायेगा. गाइड लाइन में शिक्षकों को मार्किग स्कीम की पूरी जानकारी दी जायेगी.
  एक्सपर्ट तैयार करेंगे मार्किग स्कीम
बिहार बोर्ड में कई सालों से सीबीएसइ पैटर्न पर मार्किग स्कीम को लागू करने की बात चल रही है. इसके लिए हर साल टीचर्स को बताया भी जाता है. लेकिन अभी तक पूरी तरह से लागू नही किया जा सका है. शिक्षकों को पता तो होता है. लेकिन उत्तर पुस्तिका की जांच के समय टीचर्स पुराने पद्धति पर ही मूल्यांकन करते है. अब इसमें बोर्ड बदलाव करने जा रही है. मैट्रिक परीक्षा के पहले एक्सपर्ट की एक टीम बनायी जायेगी. यह टीम सीबीएसइ पैटर्न के अनुसार मार्किग स्कीम को स्टेप वाइज तैयार करेगी. अगर कोई प्रश्न पांच अंक का है. और इसका उत्तर छात्र ने आधा अधूरा लिखा है तो इसके लिए मार्किग कैसे हो कि छात्र को अंक मिल जायें. पांच अंक को डिवाइड करके शिक्षकों को दिया जायेगा. जिससे शिक्षक उत्तर पर सही मार्किग कर सकें.
 - बैक लॉग छात्रों की संख्या होगी कम
बिहार बोर्ड ने यह पहल बैक लॉग में बढ़ रहे छात्रों को लेकर किया है. हर साल बिहार बोर्ड के मैट्रिक में तीन लाख के लगभग छात्र अनुत्तीर्ण हो जाते है. अगर कंपार्टमेंटल परीक्षा में रिजल्ट सही नहीं हुआ तो उन्हें अगले साल फिर मैट्रिक की परीक्षा में बैठना पड़ता है. ऐसे में बोर्ड की लिस्ट में लाखों की संख्या में पिछले साल के छात्र जुड़ते जाते है. इसके परीक्षा फार्म भराने से लेकर एडमिट कार्ड तक की तैयारी बोर्ड को अलग से करनी पड़ती है. सही मार्किग होने से फेल होने वाल छात्रों की संख्या कम होगी.

- आइआइटीयंस तैयार करते है सीबीएसइ की मार्किग स्कीम
सीबीएसइ की 10वी बोर्ड परीक्षा का मार्किग स्कीम हर साल चेंज होता है. देश भर के आइआइटीयंस द्वारा 10वीं बोर्ड के मार्किग स्कीम को तैयार किया जाता है. इसी मार्किग स्कीम पर उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन हर साल किया जाता है. सीबीएसइ के अनुसार बोर्ड परीक्षा होने के बाद प्रश्नों की सूची आइआइटी के एक्सपर्ट के पास भेजे जाते हेै. प्रश्नों को देखकर एक्सपर्ट मार्किग स्कीम तैयार करते है. और उसी मार्किग स्कीम को इवैल्यूशन के लिए एग्जामिनेशन सेंटर पर भेजा जाता है. हर प्रश्न के लिए स्टेप वाइज मार्किग अलग से होती है. इसमें कठिन और आसान प्रश्नों को भी ख्याल रखा जाता है.

स्टेप वाइज मार्किग क्या है
किसी भी प्रश्न को अगर छात्र टच करते है या किसी भी प्रश्न के उत्तर में अगर शिक्षक को लगे कि छात्र को उत्तर के विषय में थोड़ी भी जानकारी है तो वो अंक दे सकते है. उदाहरण के लिए अगर कोई प्रश्न न्यूटन के किसी सिद्धांत को लेकर पूछा गया है. ऐसे में छात्र ने उसका उत्तर नहीं लिखा, लेकिन अगर छात्र ने न्यूटन के सिद्धांत को भी लिख दिया तो उसे अंक मिलेंगे. उसी तरह से मैथ में हाईट एंड डिस्टेंस से कोई प्रश्न दिया गया है. अगर छात्र ने हाईट एंड डिस्टेंस के फमरूला का एक भी स्टेप लिख देता है तो उसे अंक दिये जायेंगे.

सीबीएसइ 10वीं की स्टेप वाइज मार्किग स्कीम
- हर प्रश्न के लिए अलग-अलग मार्किग स्कीम तैयार किया जाता है
- मैथ में किस टॉपिक से प्रश्न आयेगे और किस टॉपिक से कितने अंक के प्रश्न रहेंगे, उसकी जानकारी छात्रों को पहले ही दे दी जाती है
- हर प्रश्न के उत्तर देने के लिए वर्ड निर्धारित होते है. इसके अनुसार भी अंक दिये जाते है
- मैथ में अगर फमरूला, शब्द, नंबर सिस्टम आदि के लिए अलग से स्टेप वाइज मार्किग दी जाती है
- साइंस में सिद्धांत, न्यूटन के नियम आदि पर स्टेप वाइज मार्किग होता है.

बिहार बोर्ड का ऐसा होगा मार्किग स्कीम
- हर प्रश्न के लिए अलग से तैयार किया जायेगा मार्किग स्कीम
- फमरूला पर मिलेगा पूरा अंक
- साफ और क्रमांक के अनुसार लिखने पर मिलेंगे अंक
- जीरो अंक किसी भी प्रश्न के उत्तर पर नहीं दिया जायेगा
- वस्तुनिष्ठ प्रश्न को छोड़ कर हर प्रश्न पर अंक निर्धारित होंगे
- पांच अंक के प्रश्नों के लिए एक, दो, तीन, चार और पांच अंक को डिवाइड किया जायेगा
- सोशल साइंस में इतिहास विषय में अगर छात्र ने घटना के साल की जानकारी दी तो उसे उसके लिए अंक मिलेंगे

2010 से 2014 में हर साल लाखों की संख्या में छात्र हो गये फेल
साल    -      मैट्रिक में सम्मिलित छात्रों की संख्या       -  अनुत्तीर्ण होने वाले छात्र
2010   -         9,74,30                                        -    2,88,231  
2011    -        9,24,187                                       -    3,01,273
2012   -        12,52,069                                    -    3,62,711
2013    -       13,63,994                                    -   3,72,819
2014     -      13,38,254                                   -    3,32,232            

कोट
इस बार उत्तर पुस्तिका के स्क्रूटनी में देखा गया कि मार्किग स्कीम पुराने तरीके से दिये जा रहे है. अगर किसी छात्र ने किसी प्रश्न का आधा उत्तर दिया है तो उसके अंक काट लिये गये. ऐसे में इस बार स्टेप वाइज मार्किग पर पूरा फोकस रहेगा. सीबीएसइ की तरह बिहार बोर्ड में भी हर प्रश्न के थोड़ा उत्तर देने पर भी छात्रों को अंक दिये जायेंगे. आब्जेक्टिव प्रश्नों में तो यह दिक्कतें हैं नहीं. बस सॉट क्वेशचन और लॉग क्वेशचन के लिए स्टेप वाइज मार्किग पर ध्यान देना होगा.
श्रीनिवास चंद तिवारी, सचिव, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति

14 dec. 2015 on prabhat khabar patna 


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