Sunday, February 22, 2015

6 हजार स्टूडेंट का भविष्य दांव पर

6 हजार स्टूडेंट का भविष्य दांव पर

- बिहार के 16 केंद्रीय विद्यालय ने नामांकन लेना किया बंद
- स्कूल के लिए जगह नहीं मिलेगा तो दो सालों में बंद हो जायेगा केंद्रीय विद्यालय
रिंकू झा, पटना
केंद्रीय विद्यालय में नामांकन हो गया तो अभिभावक चैन की सांस लेते है. क्वालिटी एजुकेशन और छात्रों का भविष्य सुरक्षित हो जाता है. लेकिन बिहार में केंद्रीय विद्यालय का ऐसा हाल नहीं है. केंद्रीय विद्यालय खुल तो गया. नामांकन भी तेजी से काफी हुआ. लेकिन अब केंद्रीय विद्यालय के बंद होने से उन अभिभावकों के लिए मुश्किल हो रहा है कि वो अब अपने बच्चे का नामांकन कहां करवायेंगे. इन्फ्रास्ट्रर के अभाव में केंद्रीय विद्यालय संगठन ने बिहार के 16 विद्यालय को बंद करने का मन बना लिया है. इसकी शुरुआत भी हो चुकी है. संगठन की ओर से 2013 से धीरे-धीरे केंद्रीय विद्यालय में नया नामांकन लेना बंद कर दिया गया है. ऐसे में लगभग 6 हजार छात्र का भविष्य अंधेर में चला जायेगा जहां पर अभी शिक्षा ग्रहण किया जा रहा था. सूचना के अधिकार के तहत मांगी की जानकारी में यह निकल कर आया है. आरटीइ एक्टिविस्ट अजय कुमार ने बताया कि कई केंद्रीय विद्यालय तो सरकार स्कूल के भवन में चल रहा है. ऐसे में क्वालिटी एजुकेशन की बात कैसे की जा सकती है.
- हर साल नये नामांकन पर लग रहे रोक
केंद्रीय विद्यालय संगठन हर साल स्कूलों में नामांकन प्रक्रिया बंद करना शुरू कर दिया है. पूर्णिया स्थिति एएफएस केंद्रीय विद्यालय में तीन साल पहले क्लास वन में नामांकन बंद कर दिया गया था. उसके बाद 3, 4 और 5वीं क्लास में भी अब नामांकन नहीं लिये जा रहे है. इसके साथ दरभंगा स्थिति नंबर-2 केंद्रीय विद्यालय में नये क्लास में नामांकन के साथ दो, तीन, चार, पांच और छह क्लास में भी नामांकन प्रक्रिया बंद कर दिया गया है. इसके अलावा बरौनी, लखीसराय, सीआरपीएफ मुजफ्फरपुर में भी केंद्रीय विद्यालय में नामांकन पिछले साल से बंद कर दिया गया है. क्षेत्रीय कार्यालय पटना से मिली जानकारी के अनुसार 2015 में हाजीपुर केंद्रीय विद्यालय में नये नामांकन नहीं लिये जायेंगे.
- बंद होने में लगते है 6 साल
संगठन के पटना क्षेत्रीय कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार विद्यालय तो स्थानीय राज्य सरकार के आश्वासन पर खुल जाता है, लेकिन इसे दुबारा बंद होने में कम से कम 6 साल लग जाते है.  क्योंकि विद्यालय क्लास वन से 5वीं तक के लिए खोला जाता है. ऐसे में नामांकन लेने के बाद उन छात्रों के भविष्य फंस जाता है. इस कारण नये नामांकन नहीं लेने से इसकी प्रक्रिया शुरू होती है. इसे करने में 6 साल लग जाते है.  कुछ दिनों तक तो राज्य सरकार का आश्वासन पर चलता रहा. लेकिन अब विद्यालय को बंद कर दिया जायेगा.
- 49 केंद्रीय विद्यालय चल रहा बिहार में
पूरे बिहार में 49 केंद्रीय विद्यालय चल रहा है. इसमें कई जगहों पर दो शिफ्ट में केंद्रीय विद्यालय को चलाना पड़ रहा है. क्षेत्रीय कार्यालय पटना के अनुसार बिहार में सेंट्रल गवर्नमेंट में नौकरी करने वाले लोगों की संख्या काफी कम है. ऐसे में राज्य सरकार और लोकल छात्रों को ही केंद्रीय विद्यालय में नामांकन लिया जाता है. बड़े जिलों में तो पांच से छह केंद्रीय विद्यालय खोले गये है. पटना जिला में 6 केंद्रीय विद्यालय चलते है. छात्रों की संख्या को देखते हुए कई विद्यालय तो दो शिफ्ट में चल रहे है.

इन चीजों की कमी ङोल रहा केंद्रीय विद्यालय
- एक कमरा या अधिकतर पांच कमरे में चल है केंद्रीय विद्यालय
- ना लैब और ना ही लाइब्रेरी की सुविधा
- खेल के लिए कोई मैदान नहीं
- एक्टिविटी की कोई सुविधा नहीं
- इन्फ्रास्ट्रर के नाम पर खानापूर्ति

 - सासाराम में खुला है केंद्रीय विद्यालय
एक तरफ केंद्रीय विद्यालय संगठन पुराने केंद्रीय विद्यालय को बंद करने की प्लानिंग कर रहा है. वहीं नये केंद्रीय विद्यालय भी खोले जा रहे है. लेकिन अब जब राज्य सरकार केंद्रीय विद्यालय के लिए जमीन उपलब्ध करवा रही है तभी नये केंद्रीय विद्यालय खोले जा रहे है. केंद्रीय विद्यालय संगठन के पटना क्षेत्रीय कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार सासाराम में केंद्रीय विद्यालय खोले जा रहे है. इससे पहले महाराजगंज में 2011 में केंदीय विद्यालय खोले गये थे. तीन सालों के बाद अब सासाराम में केंद्रीय विद्यालय क्लास वन से 5वीं तक का खोला जा रहा है. इसके लिए नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गयी है.

16 केंद्रीय विद्यालय जिन्हें अगले 2 से 3 सालों में बंद कर दिया जायेगा
विद्यालय              -    स्थापना         -  क्लास         -  छात्रों की संख्या
मोतिहारी केवी     -         2003-04    -   10वीं तक   -  387
औरंगाबाद केवी   -         2010-11        -    10वीं तक   -  385
बांका केवी         -            2004-05      -    10वीं तक   - 500
बेला केवी          -             2011-12       -    9वीं तक     -  333
सीआरपीएफ, मुजफ्फरपुर  -  2010-11   -  9वीं तक   -  400
हरनौत  केवी       -     2011-12         -   9वीं तक     -    378
एएफएस पूर्णिया केवी    -  2004-05     - 12वीं तक   -   504
हाजीपुर केवी      -   2003-04          -   12वीं         -  543
दरभंगा नंबर-2 केवी   -   2004-05    - 10वीं        -  323
बरौनी  केवी     -     2004-05           -   12वीं तक  -  503
छपरा केवी    -       2004-05          -   10वीं       -   354
बक्सर केवी    -   2003-04          -       10वीं      -   424
लखीसराय केवी   -  1987-88        -     10वीं       -  424
सीवान  केवी    - 2004-05            - 12वीं            -  444
गोपालगंज केवी   - 2004-05         - 10वीं       -  230
महराजगंज केवी   -  2011-12       - 8वीं         -   195  

कोट
हमने कइ्र बार कोशिश किया कि सरकार हमें जमीन दे दे. लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है. इस कारण अब धीरे-धीरे 16 केंद्रीय विद्यालय को बिहार में बंद कर दिया जायेगा. इसकी शुरुआत हमने कर दी है. हर साल एक या दो विद्यालय में नामांकन प्रक्रिया को बंद किया जाता है. इस बार हाजीपुर केवी में 2015 में नामांकन नहीं लिये जायेंगे. विद्यालय की स्थिति देखकर अभिभावक भी नहीं आते है.
एमएस चौहान, डिप्टी कमीशनर, केंद्रीय विद्यालय संगठन क्षेत्रीय कार्यालय पटना

2 december. 2014 on prabhat khabar patna

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