Thursday, July 9, 2015

जन्मतिथि बदली तो खत्म हो जायेगा मैट्रिक का दोनों सर्टिफिकेट

- कई मामले सामने आने पर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने लिया निर्णय
- संबंधित स्कूल के प्रिंसिपल पर भी होगी कार्रवाई
संवाददाता, पटना
अब अगर कोई भी छात्र मैट्रिक की परीक्षा जन्म तिथि, नाम, अभिभावक का नाम, साल आदि बदल कर मैट्रिक की परीक्षा दो बार देगा तो उसके मैट्रिक के दोनों सालों के सर्टिफिकेट कैंसिल कर दिया जायेगा. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से यह फैसला लिया गया है कि जो छात्र समिति को धोखे में रख कर मैट्रिक या इंटर की परीक्षा देंगे और उसके पकड़ में आ जाने के बाद उसके दोनों सालों के मैट्रिक और इंटर के रिजल्ट को कैंसिल कर दिया जायेगा. अभी तक बोर्ड इसमें छात्र के हित को देखते हुए एक ही सर्टिफिकेट को कैंसिल करने का नियम बना रखा था. पहले के नियम के अनुसार जो सर्टिफिकेट छात्र ने बोर्ड से अपने लाभ के कारण लिया हो, जांच के बाद उसे कैंसिल कर दिया जाता था. लेकिन अब इसमें परिवर्तन कर दिया गया है. अब ऐसे केस में दोनों की सर्टिफिकेट को कैंसिल कर दिये जायेंगे.
- भोजपुर के रविरंजन ने जन्म तिथि छुपा कर दिया दो बार मैट्रिक
भोजपुर जिला के रविरंजन ने अपने दो जन्म तिथि का उपयोग कर एक बार सीबीएसइ और दूसरी बार बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से मैट्रिक की परीक्षा में शामिल हुए. सेमरा गांव, काइलवर थाना, भोजपुर के रविरंजन ने सीबीएसइ ने 10 अक्टूबर 1994 के जन्म तिथि पर मैट्रिक की परीक्षा दिया. वहीं बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से 1 जून 1995 की जन्म तिथि पर मैट्रिक की परीक्षा तृतीय श्रेणी से पास किया. छात्र रविरंजन द्वारा बोर्ड को धोखे में रख कर किया गया यह काम सामने आ गया. अब बिहार बोर्ड ने रविरंजन को विज्ञप्ति निकाल कर सूचना दिया है कि 15 दिनों के अंदर अपने जन्म तिथि को स्पष्ट करें. समिति को धोखा में रख कर और जन्म तिथि में परिवर्तन कर परीक्षा में सम्मिलित होने के कारण उनके सर्टिफिकेट को कैंसिल कर दिया जायेगा. इसके अलावा इसकी सूचना सीबीएसइ के पास भी भेजी जायेगी.
- कंप्यूटर में पकड़ में आने पर दोनों की सर्टिफिकेट होगा कैंसिल
बोर्ड ने तमाम छात्रों से स्पष्ट कहा है कि सारा डाटा कंप्यूटर पर डाला जा रहा है. ऐसे में पिछले कई सालों पहले किये गये छात्रों के हर छोटी बातों को पकड़ा जा रहा है. बोर्ड के पास हर महीने ऐसे केस सामने आ रहे है जिसमें छात्र दो बार मैट्रिक की परीक्षा देकर सर्टिफिकेट हासिल कर रहे है. बोर्ड के अनुसार कंप्यूटर के पकड़ में आने के बाद बोर्ड अपने स्तर से उसकी जांच करता है. सारी जांच प्रक्रिया होने के बाद ही छात्र को सूचना भेजी जाती है. आए दिन आ रहे इस तरह के केस में अब बोर्ड दोनों ही सर्टिफिकेट को कैंसिल करने की सोची है.
- मार्क्‍स सीट और सर्टिफिकेट पर सारा बदलाव स्कूल से
बिहार बोर्ड के छात्रों को अब मार्क्‍स सीट या सर्टिफिकेट में किसी भी तरह की गलती में सुधार के लिए अब बिहार विद्यालय परीक्षा समिति नहीं आना होगा. अब इसकी सुविधा स्कूल और कॉलेज स्तर पर ही मिलेगा. इस संबंध में बोर्ड जल्द ही एक विज्ञप्ति भी जारी करने जा रही हैं. बोर्ड के अनुसार अब जो भी गलतियां होगी, छात्र अपने स्कूल में जमा करेंगे, इसके बाद स्कूल की ओर से उस सर्टिफिकेट को बोर्ड भेजा जायेगा. फिर गलती में सुधार कर बोर्ड द्वारा स्कूल भेज दिया जायेगा. छात्र फिर स्कूल से अपना सर्टिफिकेट प्राप्त कर लेंगे.

कोट
बोर्ड में सारे डाटा को कंप्यूटर पर डाला जा रहा है. ऐसे में अगर कोई छात्र बोर्ड को धोखे में रख कर अलग-अलग सालों में मैट्रिक या इंटर की परीक्षा अपने लाभ  के कारण देता है तो यह पकड़ में आ जाता है. ऐसे छात्रों पर अब हम कड़ाई से काम करेंगे. जो छात्र बोर्ड को धोखे में रख कर दो बार परीक्षा देगें, उनके दो सालों के मैट्रिक के सर्टिफिकेट को कैंसिल कर दिया जायेगा. अगर मामला दूसरे बोर्ड का होगा तो हम उसकी जानकारी उस बोर्ड को भी भेजेंगे. लेकिन अगर दोनों बार ही मैट्रिक की परीक्षा छात्र ने बिहार बोर्ड से दिया होगा तो उसके दोनों की सर्टिफिकेट को कैंसिल कर दिया जायेगा.
एसएन तिवारी, सचिव, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति

4 comments:

  1. Sir2019 mein matric pass kiye the per usmein English mein sar marks kam hai kya Hamsar 2022 mein usi name aur usi date of birth se exam de sakte hain

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  2. Pata nahi bhai lekin achhe se isake baare main jankari prapt karna jaruri hai isake liye apne school main baat karna dusare school main jakar mat baat karna wo aapko phasa bhi sakte hai

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