- मैट्रिक के बाद अब इंटर की परीक्षा में लिया जायेगा दो पालियो में
- 2016 में 14 लाख परीक्षार्थी हो सकते हैं शामिल
संवाददाता, पटना
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति जल्द ही इंटरमीडिएट की परीक्षा को भी दो पालियों में लिये जाने को ले कर निर्णय लेगी. इंटरमीडिएट में हर साल परीक्षार्थी की संख्या बढ़ रही है, इस कारण अब समिति इंटर की परीक्षा भी दो पालियों में करवाने पर विचार कर रहीं हैं. इसे 2016 से ही लागू कर दिया जायेगा. समिति सूत्रो की माने तो इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया गया हैं. प्रस्ताव में दो पालियों में लिया जाने वाले परीक्षा की पूरी रूपरेखा भी तैयार की गयी है. दोनों ही पालियों की परीक्षा एकदम अलग होगी. परीक्षार्थी की संख्या के हिसाब से उसे बांट दिया जायेगा. चुकी इंटर में साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स का अलग-अलग विषय और उसमें शामिल छात्रों की संख्या होती हैं. इस कारण इसमें विषय वार परीक्षार्थी की संख्या को अलग-अलग किया जायेगा.
- एक दिन में एक ही विषय की होगी परीक्षा
मैट्रिक की तरह अब इंटर की परीक्षा भी अब एक दिन में एक ही विषय की ली जायेगी. जिन विषयों में परीक्षार्थी की संख्या कम होगी, उन विषयों की परीक्षा एक ही दिन दो पालियों में लिया जायेगा. लेकिन जिन विषयों में परीक्षार्थी की संख्या अधिक होगी, ऐसे विषयों के दिन दुसरे विषयों की परीक्षा नहीं लिया जायेगा. इससे परीक्षा को कंट्रोल किया जा सकेगा. समिति सूत्रों की माने तो साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स स्ट्रीम परीक्षा का रूटीन तैयार करने में ही इसका ख्याल रखा जायेगा.
- 2016 में 14 लाख पर जा सकती हैं परीक्षार्थी की संख्या
समिति की माने तो हर साल इंटरमीडिएट करने वाले परीक्षार्थी की संख्या बढ़ रही है. पिछले तीन सालों की बात करें तो हर साल दो लाख के लगभग परीक्षार्थी बढ़ रहें है. 2015 में जहां 12 लाख के लगभग परीक्षार्थी इंटर की परीक्षा में शामिल हुए, वहीं 2016 में यह संख्या 14 लाख तक पहुंच सकता हैं.
इंटरमीडिएट की परीक्षा में ऐसे बढ़े तीन साल में परीक्षार्थी
साल - परीक्षार्थी की संख्या
2013 - 7 लाख 68 हजार
2014 - 9 लाख 89 हजार
2015 - 12 लाख 65 हजार
कोट
इंटरमीडिएट में हर साल परीक्षार्थियों की संख्या दो लाख के उपर बढ़ रही हैं. ऐसे में परीक्षा केंद्र की संख्या भी हर साल बढ़ती जा रही हैं. इस कारण दो पालियों में परीक्षा लेने का विचार चल रहा है. दो पालियों में परीक्षा लेने से सेंटर कम रखना पड़ेगा और कदाचार मुक्त परीक्षा ली जा सकेगी.
लालकेश्वर प्रसाद सिंह, अध्यक्ष, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति
- 2016 में 14 लाख परीक्षार्थी हो सकते हैं शामिल
संवाददाता, पटना
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति जल्द ही इंटरमीडिएट की परीक्षा को भी दो पालियों में लिये जाने को ले कर निर्णय लेगी. इंटरमीडिएट में हर साल परीक्षार्थी की संख्या बढ़ रही है, इस कारण अब समिति इंटर की परीक्षा भी दो पालियों में करवाने पर विचार कर रहीं हैं. इसे 2016 से ही लागू कर दिया जायेगा. समिति सूत्रो की माने तो इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया गया हैं. प्रस्ताव में दो पालियों में लिया जाने वाले परीक्षा की पूरी रूपरेखा भी तैयार की गयी है. दोनों ही पालियों की परीक्षा एकदम अलग होगी. परीक्षार्थी की संख्या के हिसाब से उसे बांट दिया जायेगा. चुकी इंटर में साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स का अलग-अलग विषय और उसमें शामिल छात्रों की संख्या होती हैं. इस कारण इसमें विषय वार परीक्षार्थी की संख्या को अलग-अलग किया जायेगा.
- एक दिन में एक ही विषय की होगी परीक्षा
मैट्रिक की तरह अब इंटर की परीक्षा भी अब एक दिन में एक ही विषय की ली जायेगी. जिन विषयों में परीक्षार्थी की संख्या कम होगी, उन विषयों की परीक्षा एक ही दिन दो पालियों में लिया जायेगा. लेकिन जिन विषयों में परीक्षार्थी की संख्या अधिक होगी, ऐसे विषयों के दिन दुसरे विषयों की परीक्षा नहीं लिया जायेगा. इससे परीक्षा को कंट्रोल किया जा सकेगा. समिति सूत्रों की माने तो साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स स्ट्रीम परीक्षा का रूटीन तैयार करने में ही इसका ख्याल रखा जायेगा.
- 2016 में 14 लाख पर जा सकती हैं परीक्षार्थी की संख्या
समिति की माने तो हर साल इंटरमीडिएट करने वाले परीक्षार्थी की संख्या बढ़ रही है. पिछले तीन सालों की बात करें तो हर साल दो लाख के लगभग परीक्षार्थी बढ़ रहें है. 2015 में जहां 12 लाख के लगभग परीक्षार्थी इंटर की परीक्षा में शामिल हुए, वहीं 2016 में यह संख्या 14 लाख तक पहुंच सकता हैं.
इंटरमीडिएट की परीक्षा में ऐसे बढ़े तीन साल में परीक्षार्थी
साल - परीक्षार्थी की संख्या
2013 - 7 लाख 68 हजार
2014 - 9 लाख 89 हजार
2015 - 12 लाख 65 हजार
कोट
इंटरमीडिएट में हर साल परीक्षार्थियों की संख्या दो लाख के उपर बढ़ रही हैं. ऐसे में परीक्षा केंद्र की संख्या भी हर साल बढ़ती जा रही हैं. इस कारण दो पालियों में परीक्षा लेने का विचार चल रहा है. दो पालियों में परीक्षा लेने से सेंटर कम रखना पड़ेगा और कदाचार मुक्त परीक्षा ली जा सकेगी.
लालकेश्वर प्रसाद सिंह, अध्यक्ष, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति
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