- सीबीएसइ के निर्देश पर तमाम स्कूलों में स्पेशल टीचर्स की होगी नियुक्ति
संवाददाता, पटना
अब स्पेशल स्टूडेंट्स के लिए स्पेशल स्कूल की आवश्यकता नहीं हैं. क्योकि अब सीबीएसइ के नार्मल स्टूडेंट्स के साथ ही अब मानसिक रूप से कमजोर स्टूडेंट्स भी सीबीएसइ स्कूल में पढ़ पायेंगे. शिक्षा के अधिकार के तहत स्टूडेंट्स के बीच असमानता को खत्म करने के लिए सीबीएसइ की ओर से यह शुरू किया गया हैं. इसके लिए बोर्ड की ओर से निर्देश भी तमाम स्कूलों को जारी किया गया हैं.
- टीचर्स होंगे नियुक्ति
सीबीएसइ स्कूलों में अब स्पेशल (मानसिक रूप से बीमार) स्टूडेंट्स के लिए स्पेशल टीचर्स को रखा जायेगा. इसके लिए सीबीएसइ ने तमाम स्कूलों को निर्देश जारी किया हैं. निर्देश में सीबीएसइ ने स्पष्ट किया हैं कि कोई भी स्कूल ऐसे स्टूडेंट्स को नामांकन लेने से इंकार नहीं कर सकता हैं, जो मानसिक रूप से किसी बीमारी से ग्रसित हो. सीबीएसइ ने स्कूलों से कहा है कि ऐसे स्टूडेंट्स जो मिर्गी, मेंटल रिटार्यड, स्पेशिफिक लर्निग डिसएबिलिटी आदि से संबंधित हो तो उनका भी नामांकन स्कूल में लिया जायेंगा. ऐसे स्टूडेंट्स के लिए स्पेशल टीचर्स की व्यवस्था स्कूल की ओर से किया जायेगा.
- जुलाई से अगस्त तक करें टीचर्स अप्वाइंट
सीबीएसइ ने तमाम स्कूलों जहां पर स्पेशल स्टूडेंट्स नामांकित हुए है, उनके लिए टीचर्स अप्वाइंट करने का भी निर्देश दिया है. शिक्षा के अधिकार कानून 2009 के तहत बोर्ड की ओर से यह प्रयास किया जा रहा हैं कि समान शिक्षा का अधिकार सभी को हैं. ऐसे में स्पेशल स्टूडेंट्स के लिए भी उसी स्कूल में पढ़ने की व्यवस्था की जायेगी जहां पर नार्मल स्टूडेंट्स पढ़ाई करते हैं. सीबीएसइ के एफिलिएशन बाइ लॉज के अनुसार इसे हर स्कूल को लागू करना होगा.
- शिकायत आयेगी तो होगी कार्रवाई
सीबीएसइ ने अपने निर्देश में कहा है कि अगर कोई स्कूल किसी स्पेशल स्टूडेंटस को स्पेशल टीचर्स की सुविधा नहीं देता है तो ऐसे स्कूल पर सीबीएसइ कार्रवाई भी करेगी. ऐसे में अगर कोई अभिभावक सीबीएसइ के पास शिकायत करेगे तो स्कूल से बोर्ड स्पष्टीकरण भी पूछेगा. सीबीएसइ ने स्कूलों को स्पेशल स्टूडेंट्स के लिए सारी सुविधाएं देने का भी निर्देश जारी किया हैं.
कोट
कई सालों से यह प्रयास चल रहा था. लेकिन इस बार इसे लागूू कर दिया गया हैं. अब मानसिक रूप से कमजोर छात्र भी सीबीएसइ स्कूल में पढ़ पायेंगे. इसके लिए अब अलग से स्कूल खोलने की आवश्यकता नहीं हैं. शिक्षा का अधिकार जब सभी को हैं तो ऐसे बच्चों को अलग कैसे किया जा सकता हैं.
डी टी सुदर्शन रॉव, ज्वाइंट सेक्रेटरी एंड आइसी (एकेडेमिक एंड ट्रेनिंग) सीबीएसइ
संवाददाता, पटना
अब स्पेशल स्टूडेंट्स के लिए स्पेशल स्कूल की आवश्यकता नहीं हैं. क्योकि अब सीबीएसइ के नार्मल स्टूडेंट्स के साथ ही अब मानसिक रूप से कमजोर स्टूडेंट्स भी सीबीएसइ स्कूल में पढ़ पायेंगे. शिक्षा के अधिकार के तहत स्टूडेंट्स के बीच असमानता को खत्म करने के लिए सीबीएसइ की ओर से यह शुरू किया गया हैं. इसके लिए बोर्ड की ओर से निर्देश भी तमाम स्कूलों को जारी किया गया हैं.
- टीचर्स होंगे नियुक्ति
सीबीएसइ स्कूलों में अब स्पेशल (मानसिक रूप से बीमार) स्टूडेंट्स के लिए स्पेशल टीचर्स को रखा जायेगा. इसके लिए सीबीएसइ ने तमाम स्कूलों को निर्देश जारी किया हैं. निर्देश में सीबीएसइ ने स्पष्ट किया हैं कि कोई भी स्कूल ऐसे स्टूडेंट्स को नामांकन लेने से इंकार नहीं कर सकता हैं, जो मानसिक रूप से किसी बीमारी से ग्रसित हो. सीबीएसइ ने स्कूलों से कहा है कि ऐसे स्टूडेंट्स जो मिर्गी, मेंटल रिटार्यड, स्पेशिफिक लर्निग डिसएबिलिटी आदि से संबंधित हो तो उनका भी नामांकन स्कूल में लिया जायेंगा. ऐसे स्टूडेंट्स के लिए स्पेशल टीचर्स की व्यवस्था स्कूल की ओर से किया जायेगा.
- जुलाई से अगस्त तक करें टीचर्स अप्वाइंट
सीबीएसइ ने तमाम स्कूलों जहां पर स्पेशल स्टूडेंट्स नामांकित हुए है, उनके लिए टीचर्स अप्वाइंट करने का भी निर्देश दिया है. शिक्षा के अधिकार कानून 2009 के तहत बोर्ड की ओर से यह प्रयास किया जा रहा हैं कि समान शिक्षा का अधिकार सभी को हैं. ऐसे में स्पेशल स्टूडेंट्स के लिए भी उसी स्कूल में पढ़ने की व्यवस्था की जायेगी जहां पर नार्मल स्टूडेंट्स पढ़ाई करते हैं. सीबीएसइ के एफिलिएशन बाइ लॉज के अनुसार इसे हर स्कूल को लागू करना होगा.
- शिकायत आयेगी तो होगी कार्रवाई
सीबीएसइ ने अपने निर्देश में कहा है कि अगर कोई स्कूल किसी स्पेशल स्टूडेंटस को स्पेशल टीचर्स की सुविधा नहीं देता है तो ऐसे स्कूल पर सीबीएसइ कार्रवाई भी करेगी. ऐसे में अगर कोई अभिभावक सीबीएसइ के पास शिकायत करेगे तो स्कूल से बोर्ड स्पष्टीकरण भी पूछेगा. सीबीएसइ ने स्कूलों को स्पेशल स्टूडेंट्स के लिए सारी सुविधाएं देने का भी निर्देश जारी किया हैं.
कोट
कई सालों से यह प्रयास चल रहा था. लेकिन इस बार इसे लागूू कर दिया गया हैं. अब मानसिक रूप से कमजोर छात्र भी सीबीएसइ स्कूल में पढ़ पायेंगे. इसके लिए अब अलग से स्कूल खोलने की आवश्यकता नहीं हैं. शिक्षा का अधिकार जब सभी को हैं तो ऐसे बच्चों को अलग कैसे किया जा सकता हैं.
डी टी सुदर्शन रॉव, ज्वाइंट सेक्रेटरी एंड आइसी (एकेडेमिक एंड ट्रेनिंग) सीबीएसइ
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