- 782 में एसटी, एससी और डिसएबल अभ्यर्थी की 104 सीटें रह गयी खाली
संवाददाता, पटना
बिहार के नौ मेडिकल कॉलेज में काउंसिलिंग के साथ नामांकन की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी हैं. नौ मेडिकल कॉलेज में कुल 782 सीटों में 678 सीटों पर नामांकन पूरी हो गयी हैं. अब एसटी, एससी और डिसएबल अभ्यर्थी की 104 सीटों पर नामांकन लेना बांकी हैं. 30 जून से 6 जुलाई तक तमाम मेडिकल के सीटों पर नामांकन ले लिया गया हैं. बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (बीसीइसीइ) से मिली जानकारी के अनुसार काउंसिलिंग प्रक्रिया 9 जुलाई तक होना था, लेकिन इससे पहले ही मेडिकल की सारी सीटें भर गयी है. अब वेटनरी, फिजियोथेरेपी और आयुर्वेदिक के लिए नामांकन लिये जायेंगे.
- कट ऑफ तक नहीं पहुंच पायें अभ्यर्थी
एमसीआइ के अनुसार एससी, एसटी कोटे वाले अभ्यर्थी के लिए कट ऑफ 40 फीसदी रखी गयी हैं. लेकिन पिछले साल 2014 की तरह ही इस बार भी एससी और एसटी अभ्यर्थी का कट ऑफ 40 फीसदी तक नहीं पहुंच पाया. वहीं स्थिति डिसएबल अभ्यर्थी के साथ भी हुआ. डिसएबल अभ्यर्थी को 45 फीसदी कट ऑफ चाहिए था, लेकिन डिसएबल अभ्यर्थी भी इस कट ऑफ तक नहीं पहुंच पायें. इस कारण मेडिकल के 104 सीटें खाली रह गयी हैं.
कोट
मेडिकल की सारी सीटें भर गयी है. अब वेटनरी, फिजियोथेरेपी, आयुर्वेदिक आदि विंग में नामांकन लिया जायेगा. एससी, एसटी और डिसएबल केटेगरी के कोटा की सीटें नहीं भरी हैं. इसके कोटा की सीटें खाली है. क्योंकि अभ्यर्थी इतने कट ऑफ तक नहीं पहुंच पायें थे.
अनिल कुमार, ओएसडी, बीसीइसीइ
संवाददाता, पटना
बिहार के नौ मेडिकल कॉलेज में काउंसिलिंग के साथ नामांकन की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी हैं. नौ मेडिकल कॉलेज में कुल 782 सीटों में 678 सीटों पर नामांकन पूरी हो गयी हैं. अब एसटी, एससी और डिसएबल अभ्यर्थी की 104 सीटों पर नामांकन लेना बांकी हैं. 30 जून से 6 जुलाई तक तमाम मेडिकल के सीटों पर नामांकन ले लिया गया हैं. बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (बीसीइसीइ) से मिली जानकारी के अनुसार काउंसिलिंग प्रक्रिया 9 जुलाई तक होना था, लेकिन इससे पहले ही मेडिकल की सारी सीटें भर गयी है. अब वेटनरी, फिजियोथेरेपी और आयुर्वेदिक के लिए नामांकन लिये जायेंगे.
- कट ऑफ तक नहीं पहुंच पायें अभ्यर्थी
एमसीआइ के अनुसार एससी, एसटी कोटे वाले अभ्यर्थी के लिए कट ऑफ 40 फीसदी रखी गयी हैं. लेकिन पिछले साल 2014 की तरह ही इस बार भी एससी और एसटी अभ्यर्थी का कट ऑफ 40 फीसदी तक नहीं पहुंच पाया. वहीं स्थिति डिसएबल अभ्यर्थी के साथ भी हुआ. डिसएबल अभ्यर्थी को 45 फीसदी कट ऑफ चाहिए था, लेकिन डिसएबल अभ्यर्थी भी इस कट ऑफ तक नहीं पहुंच पायें. इस कारण मेडिकल के 104 सीटें खाली रह गयी हैं.
कोट
मेडिकल की सारी सीटें भर गयी है. अब वेटनरी, फिजियोथेरेपी, आयुर्वेदिक आदि विंग में नामांकन लिया जायेगा. एससी, एसटी और डिसएबल केटेगरी के कोटा की सीटें नहीं भरी हैं. इसके कोटा की सीटें खाली है. क्योंकि अभ्यर्थी इतने कट ऑफ तक नहीं पहुंच पायें थे.
अनिल कुमार, ओएसडी, बीसीइसीइ
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