Saturday, July 4, 2015

विशुनदेव राय महाविद्यालय में इंटर साइंस की परीक्षा में बड़ी धांधली, शिक्षकों को रखा जायेगा ब्लैक लिस्टेड



- शिक्षा मंत्री पीके शाही के आदेश पर महाविद्यालय के तमाम उत्तर पुस्तिका की दुबारा जांच करने के दिये गये थे आदेश
- परीक्षा केंद्र और मूल्यांकन केंद्र दोनों ही जांच में पायी गयी गड़बड़ी
संवाददाता, पटना
पहले परीक्षा केंद्र पर शिक्षकों ने परीक्षार्थी को चोरी करवाया. कई उत्तर पुस्तिका पर शिक्षकों ने खुद ही उत्तर भी लिख डाले. लिखे हुए उत्तर पर ओवर राइटिंग भी शिक्षको ने कर दिया. वहीं जो बचा खुचा रहा उसे मूल्यांकन केंद्र पर कॉपी जांच में पूरी कर दी गयी. मूल्यांकन केंद्र पर उत्तर पुस्तिका में जितना लिखा था उसे कहीं आगे जाकर शिक्षकों ने उत्तर पुस्तिका पर अंक दिये. इस बात का खुलासा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के कदाचार समिति जांच रिपोर्ट में निकल कर सामने आयी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस महाविद्यालय के अधिकांश परीक्षार्थी की उत्तर पुस्तिका में गड़बड़ी पायी गयी हैं. उत्तर पुस्तिका मे ओवर राइटिंग के अलावा, हैंडराइटिंग भी अलग हैं. अंकों की टोटलिंग में गड़बड़ी पायी गयी हैं. कदाचार समिति की जांच रिपोर्ट आने के बाद अब बिहार बोर्ड उन शिक्षकों को ब्लैक लिस्टेड करने जा रहा हैं, जो इस महाविद्यालय के परीक्षार्थी के परीक्षा केंद्र और मूल्यांकन केंद्र दोनों पर मौजूद थे. बोर्ड की ओर से जल्द ही कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी की जायेगी.
- 222 छात्रों को थे एक समान अंक
मामला इंटर साइंस से जुड़ा हुआ हैं. इंटर साइंस के रिजल्ट 18 मई को घोषित कर दिया गया था. लेकिन शक के निगाह पर इस महाविद्यालय के रिजल्ट पर शिक्षा मंत्री पीके शाही के निर्देश पर रोक लगा दी गयी थी. ज्ञात हो कि इस महाविद्यालय से इस बार इंटर साइंस की परीक्षा में 1007 परीक्षार्थी शामिल हुए थे. इसमें से 222 छात्रों को एक समान अंक प्राप्त हो गये थे. इस कारण तमाम 1007 परीक्षार्थियों के उत्तर पुस्तिका की दुबारा जांच करवायी गयी. जांच में कई उत्तर पुस्तिका में अंकों की काफी अदला बदली हुई हैं. 222 छात्रों के अंक में भी असमानता पायी गयी है. जांच प्रक्रिया पूरी कर दी गयी हैं.
- एक दर्जन से अधिक शिक्षक पर होगी कार्रवाई
बोर्ड सूत्रों की माने तो इस फर्जीवाड़ा में एक दर्जन से अधिक शिक्षक की मिलीभगत हैं. इस कारण उन तमाम शिक्षकों पर बोर्ड की ओर से कार्रवाई की जायेगी. बोर्ड जल्द ही महाविद्यालय को इसकी सूचना भी देगा. जिस कॉलेज या स्कूल पर इस महाविद्यालय के परीक्षार्थी परीक्षा दिये और जिस मूल्यांकन केंद्र पर इस कॉलेज के उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन किया गया, दोनों की शिक्षकों की सूची बोर्ड की ओर से तैयार कर लिया गया हैं. इन तमाम शिक्षकों को बोर्ड ब्लैक लिस्टेड करेगा. इतना ही नहीं, उस परीक्षा केंद्र और मूल्यांकन केंद्र को भी बोर्ड ब्लैक लिस्ट में शामिल करेगा. आगे से बोर्ड की कोई भी काम इन केंद्रों पर नहीं किया जायेगा.
- जा सकती हैं कॉलेज की मान्यता भी
222 परीक्षार्थी के एक समान अंक होने को लेकर जांच कमिटी बैठायी गयी थी. जांच कमिटी बैठाये जाने को लेकर शिक्षा मंत्री पीके शाही ने 22 मई को कहा था कि जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी होने पर इस कॉलेज की मान्यता भी जा सकती हैं. ज्ञात हो कि इस महाविद्यालय पर पहले भी ऐसे आरोप लगते रहें हैं. कई बार इस कॉलेज से टॉपर भी हुए हैं. 1007 छात्रों के परीक्षा देने और मूल्यांकन करवाने के मामले में महाविद्यालय की भी मिली भगत सामने आ रही हैं.
- इंटर साइंस टॉपर इसी महाविद्यालय का
एक तरफ जहां इस महाविद्यालय के रिजल्ट में गड़बड़ी पायी गयी हैं. वहीं दूसरी ओर इंटर साइंस का टॉपर भी इसी महाविद्यालय का हैं. बोर्ड ने जब इंटर साइंस का रिजल्ट घोषित किया था तो स्टेट टॉपर समस्तीपुर के विकास कुमार था. विकास कुमार को 429 अंक  इंटर साइंस में प्राप्त हुए थे. लेकिन जब इस महाविद्यालय के उत्तर पुस्तिका की स्क्रूटनी की गयी तो बोर्ड का टॉपर लिस्ट भी चेंज हो गया. बोर्ड का नया साइंस टॉपर विशुनदेव राय महाविद्यालय का विशाल को घोषित किया गया. विशुन राय महाविद्यालय किरतपुर, राजाराम, वैशाली का छात्र विशाल (रॉल नंबर 10883, रौल कोड 33014) को इंटर साइंस में 438 अंक प्राप्त हुए हैं. इसके अलावा इस महाविद्यालय के दो और छात्र टॉपर लिस्ट में शामिल हुए थे.  छात्र आस्था श्रीवास्तव (रौल नंबर 10001, रौल कोड 33014) इंटर साइंस में 425 अंक प्राप्त हुए है. वहीं छात्र ओशो (रौल नंबर 10078, रौल कोड 33014) को 418 अंक प्राप्त हुए है. और इसे भी मेरिट लिस्ट में शामिल किया गया.

कोट
विशुनदेव राय महाविद्यालय के तमाम परीक्षार्थी के उत्तर पुस्तिका की दुबारा जांच की गयी हैं. इसमें से अधिकांश परीक्षार्थी की उत्तर पुस्तिका में अंकों की गड़बड़ी पायी गयी हैं. उत्तर पुस्तिका में लिखावट में भी अंतर पाया गया है. लगता हैं दूसरो की मदद से उत्तर लिखा गया हों. परीक्षा केंद्र और मूल्यांकन केंद्र दोनों ही जगहों पर शिक्षकों की गड़बड़ी पायी गयी है. ऐसे शिक्षकों को बोर्ड ब्लैक लिस्टेड करेगा.
लालकेश्वर प्रसाद सिंह, अध्यक्ष, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति 

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