- सीबीएसइ ने निकाला सकूर्लर
- नॉन एफिलिएटेड स्कूल के बच्चे का नामांकन नहीं होगा एफिलिएटेड स्कूल में
पटना
अब सोच समझ कर बच्चे का नामांकन स्कूल में अभिभावक करवायें. क्लास वन में नामांकन लेने के समय ही यह देख ले कि स्कूल सीबीएसइ से एफिलिएटेड हैं या नहीं. अगर सीबीएसइ ने मान्यता प्राप्त स्कूल होगा तभी सीनियर क्लासेज (9वीं में) में नामांकन स्टूडेंट्स का हो पायेगा. सीबीएसइ ने गुरुवार को एक सकूर्लर जारी किया हैं. इस सकूर्लर के अनुसार किसी भी स्टूडेंट्स का नामांकन 9वीं में तभी लिया जायेगा, जब वह स्टूडेंट एफिलिएटेड स्कूल से उस स्कूल में आयें हों. अगर स्टूडेंट क्लास वन से 8वीं तक नॉन एफिलिएटेड स्कूल में नामांकित करवाये होंगे तो ऐसे में स्टूडेंट को नामांकन मान्यता प्राप्त किसी भी सीबीएसइ स्कूल में अब नहीं होगा.
- 40 से 50 हजार करते हैं हर साल अप्लाई
क्लास वन में नामांकन के लिए हर साल पटना शहर के स्कूलों में हजारों की संख्या में आवेदन दिये जाते हैं. लेकिन नामांकन मात्र पांच से छह हजार स्टूडेंट्स का ही हो पाता है. ऐसे में बांकी बचे हुए बच्चे का नामांकन प्ले स्कूल या नॉन एफिलिएटेड स्कूलों ही हो पाता है. सीबीएसइ द्वारा ना तो नये स्कूलों को एफिलिएशन दिया जा रहा हैं और ना ही स्कूलों में क्लास वन या दूसरे क्लास में सेक्शन की संख्या ही बढ़ायी जा रही हैं. ऐसे में काफी बड़ी संख्या में हर साल बच्चे नामांकन नहीं ले पाते हैं.
- कई सालों से नहीं मिला एफिलिएशन
कई स्कूल सीबीएसइ से एफिलिएशन लेने के कतार में खड़े हैं. इन स्कूलों ने सीबीएसइ के पास तीन साल पहले ही अप्लाई भी कर दिया है. 7वीं में पढ़ रहें स्टूडेंट्स अब 9वीं क्लास में भी जा चुके हैं. एफिलिएशन के लिए स्कूलों ने मोटी रकम भी फी तौर पर सीबीएसइ को दिया हैं. लेकिन सीबीएसइ ने अभी तक इन स्कूलों की जांच तक नहीं करवायी है. ऐसे में इन स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स का भविष्य अधर में लटक जायेगा. क्योंकि इन स्कूलों के स्टूडेंट्स सीबीएसइ के 9वीं के रजिस्ट्रेशन में शामिल नहीं हो पायेंगे. और इससे 2017 के 10वीं बोर्ड की परीक्षा में शामिल नहीं हो पायेंगे.
अभिभावकों की परेशानी
- अभिभावको के पास आप्सन ही नहीं होता हैं
- एफिलिएटेड स्कूल में नामांकन नहीं होने के बाद अभिभावक जानते हुए नॉन एफिलिएटेड स्कूल में नामांकन करवाते है
- हर साल 40 से 50 हजार स्टूडेंट्स का नामांकन के लिए अप्लाई क्लास वन में सिर्फ पटना शहर में होता हैं
- अभिभावक गलत स्कूलों के झांसे में आ जाते हैं
- स्कूल इसका फायदा उठा कर अभिभावकों से मोटी रकम भी वसूलता हैं
- फी भी जरूरत से अधिक अभिभावकों को देना होता है
स्कूलों की दिक्कतें
- सीबीएसइ एफिलिएशन देने में काफी देरी करता हैं
- अप्लाई के बावजूद समय पर नहीं मिलता एफिलिएशन
- हर साल स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ने के बावजूद स्कूल नामांकन बस लिमिट सीटों पर ही ले पाता हैं
- सीटों की संख्या स्कूल सीबीएसइ के आदेश के बिना नहीं बढ़ा सकते हैं
- सीबीएसइ के एफिलिएशन बाइलॉज के अनुसार ही स्कूल कुछ एक्स्ट्रा कर सकता हैं
सीबीएसइ की समस्या
- स्कूल एफिलिएशन लेकर सीबीएसइ के नाम का गलत यूज करता हैं
- एक बार एफिलिएशन लेने के बाद स्कूल मनमानी करने लगता हैं
- सीबीएसइ ने अब एफिलिएशन के नियम को कड़ा कर दिया हैं. इस कारण स्कूलों को एफिलिएशन नहीं मिल पाता हैं
- सीबीएसइ के नाम्स का स्कूल पालन नहीं करते हैं
- जिन स्कूलों को सीबीएसइ ने एफिलिएशन दिया हैं, उसका भी एफिलिएशन सीबीएसइ ले रहा हैं
- नॉन एफिलिएटेड स्कूल के बच्चे का नामांकन नहीं होगा एफिलिएटेड स्कूल में
पटना
अब सोच समझ कर बच्चे का नामांकन स्कूल में अभिभावक करवायें. क्लास वन में नामांकन लेने के समय ही यह देख ले कि स्कूल सीबीएसइ से एफिलिएटेड हैं या नहीं. अगर सीबीएसइ ने मान्यता प्राप्त स्कूल होगा तभी सीनियर क्लासेज (9वीं में) में नामांकन स्टूडेंट्स का हो पायेगा. सीबीएसइ ने गुरुवार को एक सकूर्लर जारी किया हैं. इस सकूर्लर के अनुसार किसी भी स्टूडेंट्स का नामांकन 9वीं में तभी लिया जायेगा, जब वह स्टूडेंट एफिलिएटेड स्कूल से उस स्कूल में आयें हों. अगर स्टूडेंट क्लास वन से 8वीं तक नॉन एफिलिएटेड स्कूल में नामांकित करवाये होंगे तो ऐसे में स्टूडेंट को नामांकन मान्यता प्राप्त किसी भी सीबीएसइ स्कूल में अब नहीं होगा.
- 40 से 50 हजार करते हैं हर साल अप्लाई
क्लास वन में नामांकन के लिए हर साल पटना शहर के स्कूलों में हजारों की संख्या में आवेदन दिये जाते हैं. लेकिन नामांकन मात्र पांच से छह हजार स्टूडेंट्स का ही हो पाता है. ऐसे में बांकी बचे हुए बच्चे का नामांकन प्ले स्कूल या नॉन एफिलिएटेड स्कूलों ही हो पाता है. सीबीएसइ द्वारा ना तो नये स्कूलों को एफिलिएशन दिया जा रहा हैं और ना ही स्कूलों में क्लास वन या दूसरे क्लास में सेक्शन की संख्या ही बढ़ायी जा रही हैं. ऐसे में काफी बड़ी संख्या में हर साल बच्चे नामांकन नहीं ले पाते हैं.
- कई सालों से नहीं मिला एफिलिएशन
कई स्कूल सीबीएसइ से एफिलिएशन लेने के कतार में खड़े हैं. इन स्कूलों ने सीबीएसइ के पास तीन साल पहले ही अप्लाई भी कर दिया है. 7वीं में पढ़ रहें स्टूडेंट्स अब 9वीं क्लास में भी जा चुके हैं. एफिलिएशन के लिए स्कूलों ने मोटी रकम भी फी तौर पर सीबीएसइ को दिया हैं. लेकिन सीबीएसइ ने अभी तक इन स्कूलों की जांच तक नहीं करवायी है. ऐसे में इन स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स का भविष्य अधर में लटक जायेगा. क्योंकि इन स्कूलों के स्टूडेंट्स सीबीएसइ के 9वीं के रजिस्ट्रेशन में शामिल नहीं हो पायेंगे. और इससे 2017 के 10वीं बोर्ड की परीक्षा में शामिल नहीं हो पायेंगे.
अभिभावकों की परेशानी
- अभिभावको के पास आप्सन ही नहीं होता हैं
- एफिलिएटेड स्कूल में नामांकन नहीं होने के बाद अभिभावक जानते हुए नॉन एफिलिएटेड स्कूल में नामांकन करवाते है
- हर साल 40 से 50 हजार स्टूडेंट्स का नामांकन के लिए अप्लाई क्लास वन में सिर्फ पटना शहर में होता हैं
- अभिभावक गलत स्कूलों के झांसे में आ जाते हैं
- स्कूल इसका फायदा उठा कर अभिभावकों से मोटी रकम भी वसूलता हैं
- फी भी जरूरत से अधिक अभिभावकों को देना होता है
स्कूलों की दिक्कतें
- सीबीएसइ एफिलिएशन देने में काफी देरी करता हैं
- अप्लाई के बावजूद समय पर नहीं मिलता एफिलिएशन
- हर साल स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ने के बावजूद स्कूल नामांकन बस लिमिट सीटों पर ही ले पाता हैं
- सीटों की संख्या स्कूल सीबीएसइ के आदेश के बिना नहीं बढ़ा सकते हैं
- सीबीएसइ के एफिलिएशन बाइलॉज के अनुसार ही स्कूल कुछ एक्स्ट्रा कर सकता हैं
सीबीएसइ की समस्या
- स्कूल एफिलिएशन लेकर सीबीएसइ के नाम का गलत यूज करता हैं
- एक बार एफिलिएशन लेने के बाद स्कूल मनमानी करने लगता हैं
- सीबीएसइ ने अब एफिलिएशन के नियम को कड़ा कर दिया हैं. इस कारण स्कूलों को एफिलिएशन नहीं मिल पाता हैं
- सीबीएसइ के नाम्स का स्कूल पालन नहीं करते हैं
- जिन स्कूलों को सीबीएसइ ने एफिलिएशन दिया हैं, उसका भी एफिलिएशन सीबीएसइ ले रहा हैं
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