ेरेपिस्ट से ही शादी का लेने का दबाव डालता महिला थाना
- समझौते के नाम पर शादी कर लेने का दिया जाता शर्त
संवाददाता, पटना
केस वन - गुड़िया (बदला हुआ नाम) के साथ उसके ही एक परोसी ने दुष्कर्म किया. गुड़िया ने महिला थाना में मामला दर्ज करवाया. पटना सिटी सुलतान गंज एरिया की रहने वाली गुड़िया का महिला थाना की ओर से काउंसिलिंग की गयी. काउंसिलिंग के दौरान थाना ने गुड़िया से उसी दुष्कर्मी के साथ शादी करने का आप्सन दिया. गुड़िया शादी करने को तैयार नहीं हुई. गुड़िया उस लड़के को सजा दिलवाना चाह रही थी.
केस टू - रोहिणी (बदला हुआ नाम) की शादी शैदपुर में रहने वाले दिलीप कुमार के साथ शादी ठीक हुई. शादी के पहले ही उसके होने वाले पति ने उसके साथ दुष्कर्म किया. रोहिणी ने महिला थाना में मामला दर्ज करवाया. कई महीनों तक मामला महिला थाना में रहा. महिला थाना रोहिणी से उसी लड़के के साथ शादी करने का दबाव डाला. लड़का भी शादी के लिए तैयार था. लेकिन रोहिणी शादी को तैयार नहीं हुई. रोहिणी चाह रही थी कि शादी के नाम पर जो पैसे उस लड़के ने लिया हैं, बस उसे वापस मिल जायें.
सुप्रीम कोर्ट ने दो दिनों पहले रेपिस्ट के साथ शादी नहीं करने का आदेश दिया हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार किसी महिला के साथ अगर रेप जैसी घटना घटती हैं तो उस पीड़िता पर रेपिस्ट के साथ ही शादी करने का दबाव नहीं डाला जा सकता हैं. सुप्रीम कोर्ट का भले यह आदेश दो दिनों पहले आया हो, लेकिन पटना स्थित महिला थाना में आये दिन ऐसे कई रेप केस वाली घटनाएं आती हैं जिसमें रेपिस्ट के साथ ही शादी करने का यह दबाव डाला जाता है. आये दिन महिला थाना में ऐसे केस आते हैं जिसमें से अधिकांश केस में रेपिस्ट के साथ ही शादी करने का दबाव पीड़िता पर किया जाता हैं. कई बार पीड़िता मजबूरी में इसके लिए तैयार भी हो जाती हैं. वहीं कई बार पीड़िता समझौता कर अपना केस ही वापस कर लेती हैं.
- महीनों चलता दबाव, फिर होता फैसला
रेपिस्ट के साथ ही शादी करने का दबाव पीड़िता पर कई महीनों तक दिया जाता हैं. कई बार पीड़िता के उपर महिला थाना के साथ परिवार का भी दबाव होता हैं. हाल में महिला थाना में एक पीड़िता ने रेप का मामला दर्ज करवाया था. रेपिस्ट ने पहले इस तरह की घटना होने से इंकार कर दिया, लेकिन बाद में उसने एक्सपेट किया. इसके बाद शादी करने का भी आप्सन पीड़िता को दिया. लेकिन पीड़िता इसके लिए तैयार नहीं थी. महीनों ये मामला महिला थाना में चलता रहा. थाना भी यही चाह रहा था कि पीड़िता उसी लड़के के साथ शादी कर ले. बाद में पीड़िता के परिवार वालों ने भी काफी दबाव डाला. इसके बाद मजबूर हो कर पीड़िता ने शादी के लिए हां कर दिया.
कोट
आये दिन ऐसे केस आते हैं जिसमे रेपिस्ट के साथ ही शादी का दबाव दिया जाता हैं. इसमें पीड़िता की मरजी को अधिक महत्व देना चाहिए. दबाव देने से मामला और बिगड़ सकता हैं. महिला थाना के खिलाफ कोर्ट में ऐसे मामले आते हैं जिसमें महिला पर रेपिस्ट के साथ शादी करने का दबाव डाला जाता हैं.
श्रुति सिंह, वकील, पटना हाई कोर्ट
रेपिस्ट के साथ कभी भी शादी नहीं करवाना चाहिए. पीड़िता की मानसिक स्थिति ऐसी नहीं है जिसमें वो अपनी पूरी जिंदगी उस इंसान के साथ गुजार दे जिसने उसके साथ गलत किया हो. रेप जैसी घटना को भूल पाना कठिन होता हैं. ऐसे में पीड़िता की मानसिक स्थिति और बिगड़ सकती हैं.
डा. बिंदा सिंह, साइकोलॉजिस्ट
- समझौते के नाम पर शादी कर लेने का दिया जाता शर्त
संवाददाता, पटना
केस वन - गुड़िया (बदला हुआ नाम) के साथ उसके ही एक परोसी ने दुष्कर्म किया. गुड़िया ने महिला थाना में मामला दर्ज करवाया. पटना सिटी सुलतान गंज एरिया की रहने वाली गुड़िया का महिला थाना की ओर से काउंसिलिंग की गयी. काउंसिलिंग के दौरान थाना ने गुड़िया से उसी दुष्कर्मी के साथ शादी करने का आप्सन दिया. गुड़िया शादी करने को तैयार नहीं हुई. गुड़िया उस लड़के को सजा दिलवाना चाह रही थी.
केस टू - रोहिणी (बदला हुआ नाम) की शादी शैदपुर में रहने वाले दिलीप कुमार के साथ शादी ठीक हुई. शादी के पहले ही उसके होने वाले पति ने उसके साथ दुष्कर्म किया. रोहिणी ने महिला थाना में मामला दर्ज करवाया. कई महीनों तक मामला महिला थाना में रहा. महिला थाना रोहिणी से उसी लड़के के साथ शादी करने का दबाव डाला. लड़का भी शादी के लिए तैयार था. लेकिन रोहिणी शादी को तैयार नहीं हुई. रोहिणी चाह रही थी कि शादी के नाम पर जो पैसे उस लड़के ने लिया हैं, बस उसे वापस मिल जायें.
सुप्रीम कोर्ट ने दो दिनों पहले रेपिस्ट के साथ शादी नहीं करने का आदेश दिया हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार किसी महिला के साथ अगर रेप जैसी घटना घटती हैं तो उस पीड़िता पर रेपिस्ट के साथ ही शादी करने का दबाव नहीं डाला जा सकता हैं. सुप्रीम कोर्ट का भले यह आदेश दो दिनों पहले आया हो, लेकिन पटना स्थित महिला थाना में आये दिन ऐसे कई रेप केस वाली घटनाएं आती हैं जिसमें रेपिस्ट के साथ ही शादी करने का यह दबाव डाला जाता है. आये दिन महिला थाना में ऐसे केस आते हैं जिसमें से अधिकांश केस में रेपिस्ट के साथ ही शादी करने का दबाव पीड़िता पर किया जाता हैं. कई बार पीड़िता मजबूरी में इसके लिए तैयार भी हो जाती हैं. वहीं कई बार पीड़िता समझौता कर अपना केस ही वापस कर लेती हैं.
- महीनों चलता दबाव, फिर होता फैसला
रेपिस्ट के साथ ही शादी करने का दबाव पीड़िता पर कई महीनों तक दिया जाता हैं. कई बार पीड़िता के उपर महिला थाना के साथ परिवार का भी दबाव होता हैं. हाल में महिला थाना में एक पीड़िता ने रेप का मामला दर्ज करवाया था. रेपिस्ट ने पहले इस तरह की घटना होने से इंकार कर दिया, लेकिन बाद में उसने एक्सपेट किया. इसके बाद शादी करने का भी आप्सन पीड़िता को दिया. लेकिन पीड़िता इसके लिए तैयार नहीं थी. महीनों ये मामला महिला थाना में चलता रहा. थाना भी यही चाह रहा था कि पीड़िता उसी लड़के के साथ शादी कर ले. बाद में पीड़िता के परिवार वालों ने भी काफी दबाव डाला. इसके बाद मजबूर हो कर पीड़िता ने शादी के लिए हां कर दिया.
कोट
आये दिन ऐसे केस आते हैं जिसमे रेपिस्ट के साथ ही शादी का दबाव दिया जाता हैं. इसमें पीड़िता की मरजी को अधिक महत्व देना चाहिए. दबाव देने से मामला और बिगड़ सकता हैं. महिला थाना के खिलाफ कोर्ट में ऐसे मामले आते हैं जिसमें महिला पर रेपिस्ट के साथ शादी करने का दबाव डाला जाता हैं.
श्रुति सिंह, वकील, पटना हाई कोर्ट
रेपिस्ट के साथ कभी भी शादी नहीं करवाना चाहिए. पीड़िता की मानसिक स्थिति ऐसी नहीं है जिसमें वो अपनी पूरी जिंदगी उस इंसान के साथ गुजार दे जिसने उसके साथ गलत किया हो. रेप जैसी घटना को भूल पाना कठिन होता हैं. ऐसे में पीड़िता की मानसिक स्थिति और बिगड़ सकती हैं.
डा. बिंदा सिंह, साइकोलॉजिस्ट
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