Sunday, July 12, 2015

पटना से पिलानी जाने में बिहार बोर्ड के ई-मेल को लग गये पांच दिन

- इंटर साइंस टॉपर विशाल का 12 दिनों के बाद बीट्स पिलानी में हुआ नामांकन
- बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के ई-मेल जाने के बाद लिया गया नामांकन
, पटना
ई-मेल के बारे में कहा जाता हैं कि पलक झपकते ही यह पहुंच जाता है. और काम को आसान बना देता हैं. लेकिन बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के इंटर साइंस के टॉपर के लिए यहीं ई-मेल उसके लिए गले की घंटी बन गयी. टॉपर विशाल बिहार बोर्ड के ई-मेल का इंतजार करता रहा, लेकिन समिति के एक ई-मेल को पटना से पिलानी जाने में पांच दिन लग गये. आखिर 11 जुलाई को फाइनली बिहार बोर्ड का ई-मेल बीट्स पिलानी के डीन अजित प्रताप सिंह के पास पहुंच ही गया. इसके बाद बिहार स्टेट टॉपर विशाल का नामांकन बीट्स पिलानी में हो गया. ज्ञात हो कि बीट्स पिलानी में नामांकन के लिए टॉपर विशाल को 12 दिनों तक इंतजार करना पड़ा. बोर्ड सूत्रों की माने तो पांच दिनों तक विशाल का मेरिट सर्टिफिकेट का ई-मेल बीट्स पिलानी के जेनरल डेस्क के पास भेजा जा रहा था. इस कारण लेट हुआ. 11 जुलाई को जब डीन अजित प्रताप सिंह के पास ई-मेल गया तो नामांकन लिया गया.
- नामांकन के लिए समिति की रजामंदी लेता हैं बीट्स पिलानी
किसी भी स्टेट के टॉपर का सीधा नामांकन बीट्स पिलानी में तभी हो सकता हैं जब संबंधित स्टेट बोर्ड टॉपर की मेरिट सर्टििफकेट के हार्ड कॉपी या ई-मेल से बीट्स पिलानी को इसकी सूचना देते हैं. इसके लिए समिति की ओर से बीट्स पिलानी के डीन को जानकारी दी जाती हैं. संबंधित स्टेट बोर्ड से टॉपर की जानकारी लेने के बाद ही बीट्स पिलानी में नामांकन की प्रक्रिया की जाती हैं. टॉपर विशाल के मामले में बिहार बोर्ड ने ना तो बीट्स पिलानी को हार्ड कॉपी की मेरिट सर्टिफिकेट भेजा और ना ही डीन के पास मेरिट सर्टिफिकेट का ई-मेल ही किया. इस कारण विशाल का नामांकन बीट्स पिलानी में नहीं हो रहा था. बोर्ड सूत्रो की माने तो 11 जुलाई की सुबह 10 बजे जब डीन के पास ई-मेल भेजा गया तो नामांकन की प्रक्रिया संपन्न हुई.
- 30 जून को नामांकन को गया था बुलाया
बीट्स पिलानी में नामांकन के लिए बिहार स्टेट के टॉपर के तौर पर विशाल 30 जून को पिलानी बुलाया गया था. लेकिन विशाल को जो मार्क्‍स सीट समिति ने उपलब्ध करवाया था, उस मार्क्‍स सीट में ‘अब तक का टॉपर’ समिति की ओर से लिख दिया गया था. इसे देखते ही बीट्स पिलानी से टॉपर विशाल को यह कह कर वापस कर दिया कि वो इसे टॉपर नहीं मान सकते हैं. सही मार्क्‍स सीट और मेरिट सर्टिफिकेट लाने के लिए बीट्स पिलानी ने विशाल को 10 जुलाई तक का समय दिया. इस बीच विशाल के पिता विजय कुमार समिति के अध्यक्ष और सचिव से मिले. अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद सिंह के प्रयास से विशाल को दुबारा सही मेरिट लिस्ट 5 जुलाई को समिति की ओर से उपलब्ध करवाया गया. लेकिन समिति की ओर से स्टेट टॉपर संबंधित कोई सूचना नहीं आने के कारण फिर एक बार विशाल का नामांकन रूक गया. इसकी सूचना दुबारा बिहार बोर्ड को दिया गया. इसके बाद 6 जुलाई से बार-बार बोर्ड की ओर से ई-मेल किया जाता रहा, लेकिन बीट्स पिलानी इंजीनियरिंग कॉलेज तक नहीं पहुंच पा रहा था.

ऐसा रहा बीट्स पिलानी तक पहुंचने का सफर
- 18 मई को इंटर साइंस के रिजल्ट में स्टेट टॉपर विकास कुमार घोषित हुआ
- 30 मई को इंटर साइंस का टॉपर बदल गया. विशाल को टॉपर घोषित किया गया
- 27 जून को विशाल को मार्क्‍स सीट मिला
- 30 जून को बीट्स पिलानी नामांकन के लिए गया
- 30 जून को ही बीट्स पिलानी नामांकन लेने से इंकार कर दिया
- 5 जुलाई को दुबारा मार्क्‍स सीट के साथ मेरिट सर्टिफिकेट विशाल को उपलब्ध करवाया गया
-  6 जुलाई से 10 जुलाई तक बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के ई-मेल का इंतजार होता रहा
- 11 जुलाई को ई-मेल आने के बाद  विशाल का नामांकन बीट्स पिलानी में हो गया

कोट
ई-मेल तो 6 जुलाई से ही भेजे जा रहे थे. लेकिन जिस ई-मेल आई डी पर भेजा जाना चाहिए था, वहां पर नहीं भेजा जा रहा था. इस कारण देरी हुई. लेकिन शनिवार को बीट्स पिलानी के डीन को ई-मेल किया गया. इसके बाद टॉपर विशाल का नामांकन वहां पर ले लिया गया.
लालकेश्वर प्रसाद सिंह, अध्यक्ष, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति

12 दिनों के बाद मेरे बेटे का नामांकन बीट्स पिलानी में हुआ. इसमें प्रभात खबर ने हमारी काफी मदद की. सही मेरिट लिस्ट समय पर मिलने से लेकर ई-मेल करवाने में भी प्रभात खबर की ओर से काफी मदद मिली. 12 जुलाई को विशाल का नामांकन बीट्स पिलानी में हो गया.
कुमार विजय, टॉपर विशाल के पिता 

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