- बिहार बोर्ड की गलती के कारण बीट्स पिलानी से वापस आ गया इंटर साइंस टॉपर विशाल
संवाददाता, पटना
इंटर साइंस का टॉपर विशाल पिछले एक महीने से बिहार बोर्ड का चक्कर लगा रहा हैं. उसे बीट्स पीलानी में नामांकन लेना है, इसके लिए उसे मार्क्स सीट चाहिए था. कई दिनों तक दौड़ने के बाद बोर्ड ने मार्क्स सीट दिया. लेकिन मार्क्स सीट पर ‘अभी तक का टॉपर’ लिख दिया गया. जब इस मार्क्स सीट को लेकर विशाल बीट्स पिलानी इंजीनियरिंग कॉलेज में नामांकन लेने को गया तो, उसे वापस भेज दिया गया. कॉलेज ने नामांकन यह कह कर नहीं लिया है कि अगर बाद में कोई और टॉपर हो जायेगा तो फिर क्या हमें चेंज करना होगा. विशाल के बार-बार रिक्वेस्ट करने के बाद भी बीट्स पिलानी इंजीनियरिंग कॉलेज ने विशाल को मौका नहीं दिया. अब विशाल फिर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति का चक्कर लगा रहा हैं कि उसे ऑरिजनल मार्क्स सीट दे दिया जायें. जिससे वो बीट्स पिलानी में नामांकन ले पायें.
- 10 जुलाई तक का हैं समय
विशाल के पिता विजय कुमार पटना महेंद्रू स्थित कोचिंग संस्थान में पढ़ाते हैं. उन्होंने बताया कि पिछले एक महीने से मार्क्स सीट के लिए दौड़ रहे थे. 27 जून को खुद अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद सिंह ने बुला कर मार्क्स सीट दिया. मार्क्स सीट लेकर 30 जून को हमलोग बीट्स पिलानी गये. लेकिन विशाल का नामांकन वहां पर नहीं हो पाया. क्योंकि बोर्ड के द्वारा मार्क्स सीट पर लिखा गया कॉमेंट के कारण बीट्स पिलानी इंजीनियरिंग कॉलेज ने हमे वापस कर दिया. अब बीट्स पिलानी ने हमें 10 जुलाई तक का समय दिया हैं. 10 जुलाई तक अगर मार्क्स सीट नहीं जमा करेंगे तो नामांकन नहीं हो पायेगा.
- मेरिट लिस्ट के कारण फंस गया विशाल
इंटर साइंस का रिजल्ट 20 मई को निकला था. इस बार रिजल्ट में प्रोविजनल मेरिट लिस्ट निकाला गया था. क्योंकि कई मूल्यांकन केंद्र के रिजल्ट को रोक दिया गया था. ऐसे में बोर्ड को उम्मीद थीं कि मेरिट लिस्ट में चेंज हो सकता हैं. हुआ भी ऐसा ही. प्रोविजनल मेरिट लिस्ट में कई नये परीक्षार्थी शामिल हो गये थे. रिजल्ट घोषणा करते हुए अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद सिंह ने कहा था कि स्क्रूटनी के बाद फिर एक बार ऑरिजनल मेरिट लिस्ट घोषित की जायेगी. इसके लिए अध्यक्ष ने पहले 15 जून का समय दिया. उसके बाद 20 जून, उसके बाद 25 जून और फिर 30 जून तक का समय दिया गया. इन तमाम तिथि में मेरिट लिस्ट घोषित नहीं किया गया. 30 जून के बाद इस तिथि को जुलाई के प्रथम सप्ताह में ले जाया गया. लेकिन आज 3 जुलाई हैं. शनिवार हैं. 4 जुलाई रविवार हैं. अब 5 जुलाई से 9 जुलाई के बीच अगर मेरिट लिस्ट जारी नहीं होगा तो इंटर साइंस टॉपर विशाल का नामांकन बीट्स पिलानी में नहीं हो पायेगा.
- बोर्ड ने सीबीएसइ को भेजे टॉप पर्सेटाइल में विशाल का नाम
जेइइ मेन के टॉप पर्सेटाइल के लिए तमाम स्टेट बोर्ड को सीबीएसइ के पास 12वीं क्लास का पर्सेटाइल बना कर भेजना होता हैं. बिहार बोर्ड की ओर से जो टॉप पसेंटाइल बनाया गया, उसमें पर्सेटाइल का बेस विशाल के मार्क्स को ही लिया गया. 87 परसेंट मार्क्स के साथ विशाल का स्टेट टॉपर था. सीबीएसइ के पास बिहार बोर्ड की ओर से विशाल का ही नाम स्टेट टॉपर के रूप में भी गया हैं.
- मेरिट लिस्ट में नाम नहीं, दस दिन बना था टॉपर
बिहार बोर्ड की गलती के कारण विशाल का नाम मेरिट लिस्ट में भी शामिल नहीं था. जिस विशुनदेव राय महाविद्यालय का छात्र विशाल था, उस महाविद्यालय का रिजल्ट ही बोर्ड की ओर से रोक दिया गया है. लेकिन जब दुबारा उत्तर पुस्तिका की जांच हुई तो इंटर साइंस का टॉपर समस्तीपुर का विकास कुमार चेंज हो कर विशाल को बनाया गया.
कोट
अगर एक दो दिनों में मुङो मार्क्स सीट नहीं मिलेगा तो फिर मेरा नामांकन बिट्स पिलानी में नहीं हो पायेगा. मै कई बार समिति के अध्यक्ष और सचिव से मिल चुका हूं. लेकिन अभी तक मेरिट लिस्ट भी जारी नही हुआ हैं, ऐसे में मुङो रिजल्ट नहीं मिलेगा तो मेरा नामांकन रूक जायेगा.
विशाल, बिहार स्टेट टॉपर, इंटर साइंस
स्क्रूटनी का काम अभी भी बांकी हैं. ऐसे में जब तक मेरिट लिस्ट नहीं निकल जाता हैं तब तक टॉपर डिसाइड नहीं हुआ है. मेरिट लिस्ट निकलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता हैं.
श्रीनिवास चंद्र तिवारी, सचिव, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति
संवाददाता, पटना
इंटर साइंस का टॉपर विशाल पिछले एक महीने से बिहार बोर्ड का चक्कर लगा रहा हैं. उसे बीट्स पीलानी में नामांकन लेना है, इसके लिए उसे मार्क्स सीट चाहिए था. कई दिनों तक दौड़ने के बाद बोर्ड ने मार्क्स सीट दिया. लेकिन मार्क्स सीट पर ‘अभी तक का टॉपर’ लिख दिया गया. जब इस मार्क्स सीट को लेकर विशाल बीट्स पिलानी इंजीनियरिंग कॉलेज में नामांकन लेने को गया तो, उसे वापस भेज दिया गया. कॉलेज ने नामांकन यह कह कर नहीं लिया है कि अगर बाद में कोई और टॉपर हो जायेगा तो फिर क्या हमें चेंज करना होगा. विशाल के बार-बार रिक्वेस्ट करने के बाद भी बीट्स पिलानी इंजीनियरिंग कॉलेज ने विशाल को मौका नहीं दिया. अब विशाल फिर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति का चक्कर लगा रहा हैं कि उसे ऑरिजनल मार्क्स सीट दे दिया जायें. जिससे वो बीट्स पिलानी में नामांकन ले पायें.
- 10 जुलाई तक का हैं समय
विशाल के पिता विजय कुमार पटना महेंद्रू स्थित कोचिंग संस्थान में पढ़ाते हैं. उन्होंने बताया कि पिछले एक महीने से मार्क्स सीट के लिए दौड़ रहे थे. 27 जून को खुद अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद सिंह ने बुला कर मार्क्स सीट दिया. मार्क्स सीट लेकर 30 जून को हमलोग बीट्स पिलानी गये. लेकिन विशाल का नामांकन वहां पर नहीं हो पाया. क्योंकि बोर्ड के द्वारा मार्क्स सीट पर लिखा गया कॉमेंट के कारण बीट्स पिलानी इंजीनियरिंग कॉलेज ने हमे वापस कर दिया. अब बीट्स पिलानी ने हमें 10 जुलाई तक का समय दिया हैं. 10 जुलाई तक अगर मार्क्स सीट नहीं जमा करेंगे तो नामांकन नहीं हो पायेगा.
- मेरिट लिस्ट के कारण फंस गया विशाल
इंटर साइंस का रिजल्ट 20 मई को निकला था. इस बार रिजल्ट में प्रोविजनल मेरिट लिस्ट निकाला गया था. क्योंकि कई मूल्यांकन केंद्र के रिजल्ट को रोक दिया गया था. ऐसे में बोर्ड को उम्मीद थीं कि मेरिट लिस्ट में चेंज हो सकता हैं. हुआ भी ऐसा ही. प्रोविजनल मेरिट लिस्ट में कई नये परीक्षार्थी शामिल हो गये थे. रिजल्ट घोषणा करते हुए अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद सिंह ने कहा था कि स्क्रूटनी के बाद फिर एक बार ऑरिजनल मेरिट लिस्ट घोषित की जायेगी. इसके लिए अध्यक्ष ने पहले 15 जून का समय दिया. उसके बाद 20 जून, उसके बाद 25 जून और फिर 30 जून तक का समय दिया गया. इन तमाम तिथि में मेरिट लिस्ट घोषित नहीं किया गया. 30 जून के बाद इस तिथि को जुलाई के प्रथम सप्ताह में ले जाया गया. लेकिन आज 3 जुलाई हैं. शनिवार हैं. 4 जुलाई रविवार हैं. अब 5 जुलाई से 9 जुलाई के बीच अगर मेरिट लिस्ट जारी नहीं होगा तो इंटर साइंस टॉपर विशाल का नामांकन बीट्स पिलानी में नहीं हो पायेगा.
- बोर्ड ने सीबीएसइ को भेजे टॉप पर्सेटाइल में विशाल का नाम
जेइइ मेन के टॉप पर्सेटाइल के लिए तमाम स्टेट बोर्ड को सीबीएसइ के पास 12वीं क्लास का पर्सेटाइल बना कर भेजना होता हैं. बिहार बोर्ड की ओर से जो टॉप पसेंटाइल बनाया गया, उसमें पर्सेटाइल का बेस विशाल के मार्क्स को ही लिया गया. 87 परसेंट मार्क्स के साथ विशाल का स्टेट टॉपर था. सीबीएसइ के पास बिहार बोर्ड की ओर से विशाल का ही नाम स्टेट टॉपर के रूप में भी गया हैं.
- मेरिट लिस्ट में नाम नहीं, दस दिन बना था टॉपर
बिहार बोर्ड की गलती के कारण विशाल का नाम मेरिट लिस्ट में भी शामिल नहीं था. जिस विशुनदेव राय महाविद्यालय का छात्र विशाल था, उस महाविद्यालय का रिजल्ट ही बोर्ड की ओर से रोक दिया गया है. लेकिन जब दुबारा उत्तर पुस्तिका की जांच हुई तो इंटर साइंस का टॉपर समस्तीपुर का विकास कुमार चेंज हो कर विशाल को बनाया गया.
कोट
अगर एक दो दिनों में मुङो मार्क्स सीट नहीं मिलेगा तो फिर मेरा नामांकन बिट्स पिलानी में नहीं हो पायेगा. मै कई बार समिति के अध्यक्ष और सचिव से मिल चुका हूं. लेकिन अभी तक मेरिट लिस्ट भी जारी नही हुआ हैं, ऐसे में मुङो रिजल्ट नहीं मिलेगा तो मेरा नामांकन रूक जायेगा.
विशाल, बिहार स्टेट टॉपर, इंटर साइंस
स्क्रूटनी का काम अभी भी बांकी हैं. ऐसे में जब तक मेरिट लिस्ट नहीं निकल जाता हैं तब तक टॉपर डिसाइड नहीं हुआ है. मेरिट लिस्ट निकलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता हैं.
श्रीनिवास चंद्र तिवारी, सचिव, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति
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