- 308 स्कूलों में 220 स्कूलों के बच्चे पढ़ रहें हैं नॉन एफिलिएटेड स्कूल में
- बांकी 80 स्कूल अभी हैं आरटीइ से बाहर
पटना
शिक्षा का अधिकार कानून तो लागू हो गया, लेकिन अभी भी बच्चों के लिए दिल्ली दूर है. 2011 में लागू हुआ शिक्षा का अधिकार कानून अभी भी काफी स्कूलों तक नही पहुंच पाया हैं. पटना में अभी 88 स्कूल हैं जो सीबीएसइ और आइसीएसइ बोर्ड से मान्यता प्राप्त हैं, लेकिन इसमें से मात्र 20 स्कूलों ही शिक्षा के अधिकार कानून के अंतर्गत आते है. इन 20 स्कूलों ने ही राज्य सरकार के सर्व शिक्षा अभियान के तहत रजिस्ट्रेशन करवाया है. सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार 88 स्कूलों मे 68 स्कूल अभी भी शिक्षा के अधिकार कानून से अपने को लग किये हुए हैं. आरटीआई एक्टिविस्ट अजय कुमार ने बताया कि अभी तक पटना जिला में 308 स्कूलों का रजिस्ट्रेशन किया गया हैं. इसमें मात्र 49 स्कूलों में ही शिक्षा का अधिकार कानून लागू हो पाया हैं.
- 220 नॉन एफिलिएटेड स्कूल में पढ़ रहे बच्चे
शिक्षा के अधिकार के तहत 2011 से ही राज्य सरकार से रजिस्ट्रेशन करवाने का नियम बनाया गया था. इसके लिए कई बार शिक्षा विभाग की ओर से रजिस्ट्रेशन करवाने के नोटिस भी निकाले गये. लेकिन अभी भी यह ठंडे बस्ते में ही रखा हुआ लगता हैं. 2011 में 1649 स्कूलों ने राज्य सरकार से रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन दिया. इसके बाद कई चरण में रजिस्ट्रेशन का काम पूरा किया गया. जुलाई 2015 तक पटना जिला के 308 स्कूलों ने रजिस्ट्रेशन करवाया भी हैं. लेकिन इसमें अधिकांश स्कूलों ना तो सीबीएसइ से मान्यता प्राप्त हैं और ना ही आइसीएसइ बोर्ड से ही मान्यता लिया हुआ हैं. ऐसे में 220 नॉन एफिलिएटेड स्कूल में जो भी बच्चों का नामांकन क्लास वन के लिए लिया जाता हैं, वो बस इन स्कूलों में 8वीं तक ही पढ़ाई कर सकते हैं. इसके बाद इन बच्चों का आगे की पढ़ाई के लिए सरकारी स्कूलों पर ही निर्भर रहना पड़ेगा.
कोट
शिक्षा का अधिकार कानून लागू करने के लिए हर स्कूलों को राज्य सरकार से रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी हैं. इसमें सरकारी और प्राइवेट दोनों ही स्कूल शामिल हैं. रजिस्ट्रेशन होने के बाद ही शिक्षा के अधिकार के तहत नामांकन की प्रक्रिया लागू होता है. अभी पटना जिला में स्कूलों की संख्या तो काफी हैं, लेकिन रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया है. काफी स्कूलों ने रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया हैं.
राम सागर सिंह, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सर्व शिक्षा अभियान
- बांकी 80 स्कूल अभी हैं आरटीइ से बाहर
पटना
शिक्षा का अधिकार कानून तो लागू हो गया, लेकिन अभी भी बच्चों के लिए दिल्ली दूर है. 2011 में लागू हुआ शिक्षा का अधिकार कानून अभी भी काफी स्कूलों तक नही पहुंच पाया हैं. पटना में अभी 88 स्कूल हैं जो सीबीएसइ और आइसीएसइ बोर्ड से मान्यता प्राप्त हैं, लेकिन इसमें से मात्र 20 स्कूलों ही शिक्षा के अधिकार कानून के अंतर्गत आते है. इन 20 स्कूलों ने ही राज्य सरकार के सर्व शिक्षा अभियान के तहत रजिस्ट्रेशन करवाया है. सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार 88 स्कूलों मे 68 स्कूल अभी भी शिक्षा के अधिकार कानून से अपने को लग किये हुए हैं. आरटीआई एक्टिविस्ट अजय कुमार ने बताया कि अभी तक पटना जिला में 308 स्कूलों का रजिस्ट्रेशन किया गया हैं. इसमें मात्र 49 स्कूलों में ही शिक्षा का अधिकार कानून लागू हो पाया हैं.
- 220 नॉन एफिलिएटेड स्कूल में पढ़ रहे बच्चे
शिक्षा के अधिकार के तहत 2011 से ही राज्य सरकार से रजिस्ट्रेशन करवाने का नियम बनाया गया था. इसके लिए कई बार शिक्षा विभाग की ओर से रजिस्ट्रेशन करवाने के नोटिस भी निकाले गये. लेकिन अभी भी यह ठंडे बस्ते में ही रखा हुआ लगता हैं. 2011 में 1649 स्कूलों ने राज्य सरकार से रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन दिया. इसके बाद कई चरण में रजिस्ट्रेशन का काम पूरा किया गया. जुलाई 2015 तक पटना जिला के 308 स्कूलों ने रजिस्ट्रेशन करवाया भी हैं. लेकिन इसमें अधिकांश स्कूलों ना तो सीबीएसइ से मान्यता प्राप्त हैं और ना ही आइसीएसइ बोर्ड से ही मान्यता लिया हुआ हैं. ऐसे में 220 नॉन एफिलिएटेड स्कूल में जो भी बच्चों का नामांकन क्लास वन के लिए लिया जाता हैं, वो बस इन स्कूलों में 8वीं तक ही पढ़ाई कर सकते हैं. इसके बाद इन बच्चों का आगे की पढ़ाई के लिए सरकारी स्कूलों पर ही निर्भर रहना पड़ेगा.
कोट
शिक्षा का अधिकार कानून लागू करने के लिए हर स्कूलों को राज्य सरकार से रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी हैं. इसमें सरकारी और प्राइवेट दोनों ही स्कूल शामिल हैं. रजिस्ट्रेशन होने के बाद ही शिक्षा के अधिकार के तहत नामांकन की प्रक्रिया लागू होता है. अभी पटना जिला में स्कूलों की संख्या तो काफी हैं, लेकिन रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया है. काफी स्कूलों ने रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया हैं.
राम सागर सिंह, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सर्व शिक्षा अभियान
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