- 426 रेगूलर कर्मचारियों की संख्या अब मात्र 360 बची
- एडहॉक कर्मचारी कर रहें 22 सालों से रेगूलर करने की मांग
संवाददाता, पटना
मैट्रिक और इंटर में हर साल विद्यार्थी की संख्या बढ़ रही है. इसकी तुलना में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति में कर्मचारियों की संख्या हर साल कम होती जा रही हैं. हर साल लाखों की संख्या में नये विद्यार्थी समिति से जुड़ रहें हैं. लेकिन पिछले 22 सालों से समिति में नये पद का सृजन नहीं किया गया हैं. वर्तमान में जो भी कर्मचारी अब बचे हैं, वो भी अब सेवा निवृत हो रहें हैं. इससे कर्मचारियों की संख्या भी घट रही हैं. ज्ञात हो कि इंटर काउंसिल में 426 एडहॉक कर्मचारियों को 1980 से 1991 के बीच में रेगूलर किया गया था. अब इन 426 कर्मचारियों में कई साल दर साल सेवा निवृत हो रहें है. इनकी संख्या अब 360 बच गयी हैं. इन 360 कर्मचारियों में 12 कर्मचारी 2015 से 2016 के बीच सेवानिवृत हो जायेगे. इसके बाद रेगूलर कर्मचारियों की संख्या और कम हो जायेगी.
- 22 साल से कर रहें रेगूलर होने की मांग
इंटरमीडिएट काउंसिल में पिछले 22 सालों से एडहॉक पर 248 कर्मचारी कार्यरत हैं. लेकिन कई लोगों के नौकरी छोड़ देने के बाद अब 239 कर्मचारी ही इसमें बच गये हैं. ये कर्मचारी रेगूलर होने की मांग पिछले कई सालो से कर रहें हैं. लेकिन अभी तक इन्हें रेगूलर नहीं किया गया हैं. ये कर्मचारी इंटर काउंसिल में कम्प्यूटर ऑपरेटर के साथ, असिस्टेंट कलर्क, रूटीन कलर्क और चपरासी के पद पर कार्यरत हैं. कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण इंटर काउंसिल में किसी काम को होने में महीनों लग जाते हैं. इस संबंध में एडहॉक कर्मचारी संघ के संयोजक अरूण कुमार ने बताया कि हर विभाग में एडहॉक कर्मचारियों से काम लिया जाता हैं. लेकिन अभी तक हमें रेगूलर नहीं किया गया ह
- एडहॉक कर्मचारी कर रहें 22 सालों से रेगूलर करने की मांग
संवाददाता, पटना
मैट्रिक और इंटर में हर साल विद्यार्थी की संख्या बढ़ रही है. इसकी तुलना में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति में कर्मचारियों की संख्या हर साल कम होती जा रही हैं. हर साल लाखों की संख्या में नये विद्यार्थी समिति से जुड़ रहें हैं. लेकिन पिछले 22 सालों से समिति में नये पद का सृजन नहीं किया गया हैं. वर्तमान में जो भी कर्मचारी अब बचे हैं, वो भी अब सेवा निवृत हो रहें हैं. इससे कर्मचारियों की संख्या भी घट रही हैं. ज्ञात हो कि इंटर काउंसिल में 426 एडहॉक कर्मचारियों को 1980 से 1991 के बीच में रेगूलर किया गया था. अब इन 426 कर्मचारियों में कई साल दर साल सेवा निवृत हो रहें है. इनकी संख्या अब 360 बच गयी हैं. इन 360 कर्मचारियों में 12 कर्मचारी 2015 से 2016 के बीच सेवानिवृत हो जायेगे. इसके बाद रेगूलर कर्मचारियों की संख्या और कम हो जायेगी.
- 22 साल से कर रहें रेगूलर होने की मांग
इंटरमीडिएट काउंसिल में पिछले 22 सालों से एडहॉक पर 248 कर्मचारी कार्यरत हैं. लेकिन कई लोगों के नौकरी छोड़ देने के बाद अब 239 कर्मचारी ही इसमें बच गये हैं. ये कर्मचारी रेगूलर होने की मांग पिछले कई सालो से कर रहें हैं. लेकिन अभी तक इन्हें रेगूलर नहीं किया गया हैं. ये कर्मचारी इंटर काउंसिल में कम्प्यूटर ऑपरेटर के साथ, असिस्टेंट कलर्क, रूटीन कलर्क और चपरासी के पद पर कार्यरत हैं. कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण इंटर काउंसिल में किसी काम को होने में महीनों लग जाते हैं. इस संबंध में एडहॉक कर्मचारी संघ के संयोजक अरूण कुमार ने बताया कि हर विभाग में एडहॉक कर्मचारियों से काम लिया जाता हैं. लेकिन अभी तक हमें रेगूलर नहीं किया गया ह
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