- आवेदन आते हैं तीन हजार और नामांकन होता हैं 120 सीटों पर
- सीबीएसइ ने नहीं दिया अधिक सेक्शन चलाने की मान्यता
संवाददाता, पटना
एडमिशन लेने वाले छात्रों की संख्या बढ़ रही हैं. आवेदन फार्म भी दुगुना से तीन गुणा तक स्कूलों में अब जमा होने लगे हैं. मार्क्स परसेंटेज भी अच्छे आ रहें हैं. लेकिन इसके बावजूद 11वीं में नामांकन नहीं हो पा रहा हैं. हो भी कैसे जब स्कूलों में कईयों सालों से 11वीं में सीटों की संख्या ही नहीं बढ़ी हैं. पटना के अधिकांश स्कूलों में 11वीं में नामांकन उतने ही छात्रों का लिया जाता हैं जो दस सालों पहले लिया जाता था. स्कूलों ने 11वीं में सीटों की संख्या नहीं बढ़ाये जाने के कारण हर साल हजारों की संख्या में स्टूडेंट्स को नामांकन के लिए अपनी पसंद के स्कूल नहीं मिल पाते हैं.
- दो या तीन सेक्शन चलाने का ही हैं मान्यता
पटना के अधिकांश स्कूलों को सीबीएसइ ने दो या तीन सेक्शन चलाने की ही मान्यता दिया हुआ हैं. नॉट्रेडेम एकेडमी से मिली जानकारी के अनुसार स्कूल में साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स तीनों स्ट्रीम की पढ़ाई होती है. तीनों स्ट्रीम मिला कर दस सेक्शन चलाये जाते है. पिछले कई सालों से स्कूल में 644 स्टूडेंट्स का ही नामांकन लिये जा रहे हैं. वहीं सेंट माइकल स्कूल में तो साइंस और कॉमर्स स्ट्रीम की ही केवल पढ़ाई होती है. ऐसे मे स्कूल में दोनों स्ट्रीम को मिलाकर बस छह सेक्शन चलाये जा रहें हैं.
- सीबीएसइ नहीं देता हैं अधिक सीटों का परमिशन
कई स्कूलों ने सीबीएसइ के पास इसके लिए अप्लाई भी किया हैं. 11वीं में नामांकन को लेकर हर साल स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ रहीं हैं. लेकिन 11वीं में सेक्शन की संख्या नहीं बढ़ायी गयी हैं. कई स्कूलों ने कई बार सीबीएसइ के पास सेक्शन बढ़ाने के लिए अप्लाई भी किया हैं. लेकिन सीबीएसइ हमेशा इन्फ्रास्ट्रर को लेकर अधिक सेक्शन की मान्यता नहीं दे रहा हैं. कई स्कूलों ने सीबीएसइ के पास अभी भी 11वीं में दो सेक्शन बढ़ाने को लेकर अप्लाई किया हुआ हैं. लेकिन इस सेशन में भी इन स्कूलों में पिछले सीटों के अनुसार ही नामांकन लिया गया हैं.
- तीनों स्ट्रीम नहीं होती है पढ़ाई स्कूलों में
सेंट माइकल, लोयेला हाई स्कूल, इंटरनेशनल हाई स्कूल, रेडियेंट इंटरनेशनल ऐसे कई बड़े स्कूल्स हैं जहां पर साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स तीनों स्ट्रीम की पढ़ाई नहीं होती हैं. साइंस की पढ़ाई तो लगभग स्कूलो में हो जाता है, लेकिन आर्ट्स और कॉमर्स की पढ़ाई हर स्कूलों में नहीं हो रहा हैं, इससे इन विषयों में नामांकन लेने वाले स्टूडेंट्स के लिए आप्सन खत्म हो जाता हैं. इतना नहीं नहीं पटना के अधिकांश स्कूलों में ब्वायज स्टूडेंट्स के लिए स्कूलों की संख्या भी कम हो गयी हैं. नॉट्रेडेम एकेडेमी, इंटरनेशनल स्कूल, माउंट कार्मेल आदि कई बड़े स्कूल गर्ल स्पेशल होने के कारण ब्वायज का नामांकन नहीं हो पाता हैं. इससे ब्वायज स्टूडेंट्स के लिए 11वीं में नामांकन लेने का आप्सन भी कम हो जाता हैं. इसके अलावा कई स्कूल ऐसे ह
- हर साल बढ़ रहे बोर्ड परीक्षा देने वाले परीक्षार्थी
सीबीएसइ हो या आइसीएसइ बोर्ड दोनों ही बोर्ड में स्टूडेंट्स की संख्या हर साल बढ़ रही हैं. बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थी में हर साल 10 हजार के लगभग बढ़ रहे हैं. इस बार सीबीएसइ पटना जोन से 1 लाख के उपर स्टूडेंट्स ने 10वीं बोर्ड की परीक्षाएं दी हैं. इसमें से 81 हजार ऐसे स्टूडेंट्स हैं जिन्होंने स्कूल बेस्ड बोर्ड दिया हैं. जिससे इन स्टूडेंट्स का नामांकन सीबीएसइ के अलावा किसी दूसरे बोर्ड में नहीं हो सकता हैं.
स्कूल - 11वीं में सीटों की संख्या
सेंट माइकल हाई स्कूल - 240 (साइंस, कॉमर्स)
नॉट्रेडेम एकेडमी - 644 (साइंस, आर्ट्स, कॉमर्स)
बीडी पब्लिक स्कूल - 450 (साइंस, आर्ट्स)
लोयेला हाई स्कूल - 240 (साइंस, कॉमर्स)
सेंट डॉमिनिक सोवियोज हाई स्कूल -
वाल्डविन एकेडमी - 320 (साइंस, आर्ट्स, कॉमर्स)
कोट
साइंस और कॉमर्स स्ट्रीम की पढ़ाई होती हैं. नौ सेक्शन चलते हैं. 11वींमें नामांकन के लिए स्टूडेंट्स तो काफी आते हैं आवेदन भी करते हैं, लेकिन जितना परमिशन हैं उतने ही स्टूडेंट्स का नामांकन हम लोग लेते हैं.
मीरा कुमारी, प्रिंसिपल, बीडी पब्लिक स्कूल
सेक्शन बढ़ाने के लिए सीबीएसइ से परमिशन लेना आवश्यक है. जो भी स्कूल 11वीं में सीटें बढ़ाने के लिए अप्लाई करते हैं उनके इन्फ्रास्क्ट्रचर को सीबीएसइ पहले देखती हैं. इसके बाद ही सेक्शन बढ़ाने के लिए परमिशन मिलता हैं.
राजीव रंजन सिन्हा, सिटी को-ऑडिनेटर सीबीएसइ पटना
- सीबीएसइ ने नहीं दिया अधिक सेक्शन चलाने की मान्यता
संवाददाता, पटना
एडमिशन लेने वाले छात्रों की संख्या बढ़ रही हैं. आवेदन फार्म भी दुगुना से तीन गुणा तक स्कूलों में अब जमा होने लगे हैं. मार्क्स परसेंटेज भी अच्छे आ रहें हैं. लेकिन इसके बावजूद 11वीं में नामांकन नहीं हो पा रहा हैं. हो भी कैसे जब स्कूलों में कईयों सालों से 11वीं में सीटों की संख्या ही नहीं बढ़ी हैं. पटना के अधिकांश स्कूलों में 11वीं में नामांकन उतने ही छात्रों का लिया जाता हैं जो दस सालों पहले लिया जाता था. स्कूलों ने 11वीं में सीटों की संख्या नहीं बढ़ाये जाने के कारण हर साल हजारों की संख्या में स्टूडेंट्स को नामांकन के लिए अपनी पसंद के स्कूल नहीं मिल पाते हैं.
- दो या तीन सेक्शन चलाने का ही हैं मान्यता
पटना के अधिकांश स्कूलों को सीबीएसइ ने दो या तीन सेक्शन चलाने की ही मान्यता दिया हुआ हैं. नॉट्रेडेम एकेडमी से मिली जानकारी के अनुसार स्कूल में साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स तीनों स्ट्रीम की पढ़ाई होती है. तीनों स्ट्रीम मिला कर दस सेक्शन चलाये जाते है. पिछले कई सालों से स्कूल में 644 स्टूडेंट्स का ही नामांकन लिये जा रहे हैं. वहीं सेंट माइकल स्कूल में तो साइंस और कॉमर्स स्ट्रीम की ही केवल पढ़ाई होती है. ऐसे मे स्कूल में दोनों स्ट्रीम को मिलाकर बस छह सेक्शन चलाये जा रहें हैं.
- सीबीएसइ नहीं देता हैं अधिक सीटों का परमिशन
कई स्कूलों ने सीबीएसइ के पास इसके लिए अप्लाई भी किया हैं. 11वीं में नामांकन को लेकर हर साल स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ रहीं हैं. लेकिन 11वीं में सेक्शन की संख्या नहीं बढ़ायी गयी हैं. कई स्कूलों ने कई बार सीबीएसइ के पास सेक्शन बढ़ाने के लिए अप्लाई भी किया हैं. लेकिन सीबीएसइ हमेशा इन्फ्रास्ट्रर को लेकर अधिक सेक्शन की मान्यता नहीं दे रहा हैं. कई स्कूलों ने सीबीएसइ के पास अभी भी 11वीं में दो सेक्शन बढ़ाने को लेकर अप्लाई किया हुआ हैं. लेकिन इस सेशन में भी इन स्कूलों में पिछले सीटों के अनुसार ही नामांकन लिया गया हैं.
- तीनों स्ट्रीम नहीं होती है पढ़ाई स्कूलों में
सेंट माइकल, लोयेला हाई स्कूल, इंटरनेशनल हाई स्कूल, रेडियेंट इंटरनेशनल ऐसे कई बड़े स्कूल्स हैं जहां पर साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स तीनों स्ट्रीम की पढ़ाई नहीं होती हैं. साइंस की पढ़ाई तो लगभग स्कूलो में हो जाता है, लेकिन आर्ट्स और कॉमर्स की पढ़ाई हर स्कूलों में नहीं हो रहा हैं, इससे इन विषयों में नामांकन लेने वाले स्टूडेंट्स के लिए आप्सन खत्म हो जाता हैं. इतना नहीं नहीं पटना के अधिकांश स्कूलों में ब्वायज स्टूडेंट्स के लिए स्कूलों की संख्या भी कम हो गयी हैं. नॉट्रेडेम एकेडेमी, इंटरनेशनल स्कूल, माउंट कार्मेल आदि कई बड़े स्कूल गर्ल स्पेशल होने के कारण ब्वायज का नामांकन नहीं हो पाता हैं. इससे ब्वायज स्टूडेंट्स के लिए 11वीं में नामांकन लेने का आप्सन भी कम हो जाता हैं. इसके अलावा कई स्कूल ऐसे ह
- हर साल बढ़ रहे बोर्ड परीक्षा देने वाले परीक्षार्थी
सीबीएसइ हो या आइसीएसइ बोर्ड दोनों ही बोर्ड में स्टूडेंट्स की संख्या हर साल बढ़ रही हैं. बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थी में हर साल 10 हजार के लगभग बढ़ रहे हैं. इस बार सीबीएसइ पटना जोन से 1 लाख के उपर स्टूडेंट्स ने 10वीं बोर्ड की परीक्षाएं दी हैं. इसमें से 81 हजार ऐसे स्टूडेंट्स हैं जिन्होंने स्कूल बेस्ड बोर्ड दिया हैं. जिससे इन स्टूडेंट्स का नामांकन सीबीएसइ के अलावा किसी दूसरे बोर्ड में नहीं हो सकता हैं.
स्कूल - 11वीं में सीटों की संख्या
सेंट माइकल हाई स्कूल - 240 (साइंस, कॉमर्स)
नॉट्रेडेम एकेडमी - 644 (साइंस, आर्ट्स, कॉमर्स)
बीडी पब्लिक स्कूल - 450 (साइंस, आर्ट्स)
लोयेला हाई स्कूल - 240 (साइंस, कॉमर्स)
सेंट डॉमिनिक सोवियोज हाई स्कूल -
वाल्डविन एकेडमी - 320 (साइंस, आर्ट्स, कॉमर्स)
कोट
साइंस और कॉमर्स स्ट्रीम की पढ़ाई होती हैं. नौ सेक्शन चलते हैं. 11वींमें नामांकन के लिए स्टूडेंट्स तो काफी आते हैं आवेदन भी करते हैं, लेकिन जितना परमिशन हैं उतने ही स्टूडेंट्स का नामांकन हम लोग लेते हैं.
मीरा कुमारी, प्रिंसिपल, बीडी पब्लिक स्कूल
सेक्शन बढ़ाने के लिए सीबीएसइ से परमिशन लेना आवश्यक है. जो भी स्कूल 11वीं में सीटें बढ़ाने के लिए अप्लाई करते हैं उनके इन्फ्रास्क्ट्रचर को सीबीएसइ पहले देखती हैं. इसके बाद ही सेक्शन बढ़ाने के लिए परमिशन मिलता हैं.
राजीव रंजन सिन्हा, सिटी को-ऑडिनेटर सीबीएसइ पटना
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