Saturday, February 6, 2016

सात साल में भी अब्दुल को नहीं मिला इंटर का रिजल्ट, अब बिहार बोर्ड ने उसका रौल नंबर भी बदला

- 2009 से अब तक 155 बार इंटर काउंसिल का चक्कर लगा चुका है लखीसराय का अब्दुल रहमान

रिंकू झा, पटनापरीक्षा फाॅर्म भरा. एडमिट कार्ड भी मिला. इंटर की परीक्षा में शामिल भी हुआ. सारे विषयों की परीक्षा भी दी. लेकिन जब रिजल्ट निकला तो रौल नंबर ही गायब हो गया. जब रौल नंबर ही नहीं तो रिजल्ट कहां से मिलेगा. बिहार बोर्ड के इंटर काउंसिल की यह कहानी लखीसराय के छात्र अब्दुल रहमान के साथ हुयी है.
पिछले सात साल में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के इंटर काउंसिल का 155 बार चक्कर लगाने के बाद अब्दुल को अब जाकर पता लगा है कि जिस रौल नंबर पर उसने परीक्षा दी थी, वो रौल नंबर है ही नहीं. अब बेचारा क्या करें. ना रिजल्ट मिला और जो रौल नंबर था, वो भी गायब हो गया. अभी तक बिहार बोर्ड में उत्तर पुस्तिका में लिखे उत्तर ही गायब होते थे. रौल नंबर भी गायब होने का पहला मामला सामने आया है. - सात में रौल नंबर और कोर्स दोनो ही हो गये चेंज
अब्दुल रहमान आरडी कॉलेज, शेखपुरा को रेगुलर छात्र रहा है. इंटर के परीक्षा फाॅर्म भरने के बाद एडमिट कार्ड में उसका रौल नंबर 10001 था. परीक्षा भी इसी रौल नंबर पर दिया. लेकिन अब सात साल के बाद उसे ओल्ड कोर्स में कर दिया है. राैल नंबर भी चेंज हो गया. अब्दुल ने बताया कि ओल्ड कोर्स में मेरा रौल नंबर 40038 है और मुझे थर्ड डिवीजन से पास बताया जा रहा है. जबकि वो रौल नंबर मेरा नहीं है. मैने दोबारा इंटर के एग्जाम के लिए या इंप्रूवमेंट के लिए फाॅर्म भी नहीं भरा है. ज्ञात हो कि ओल्ड कोर्स में वही छात्र आते हैं जो एक दो विषय में फेल होते है और इंप्रूवमेंट के लिए दोबारा इंटर का परीक्षा फाॅर्म भरते है. - एग्जामिनेशन हॉल में पहला रौल नंबर था अब्दुल का
लखीसराय के रहने वाले अब्दुल रहमान ने 2009 में इंटर की परीक्षा दी थी. एडमिट कार्ड में 10001 रौल नंबर व रौल कोड 8129 के साथ एसजीएसएन कॉलेज शेखपुरा में उसका परीक्षा केंद्र था. 16 मार्च 2009 से परीक्षा शुरू हुई थी. उसका रजिस्ट्रेशन नंबर 8129/आर/379/06 है. साइंस विषय के छात्र अब्दुल फिजिक्स, केमेस्ट्री और बायोलॉजी की परीक्षा में शामिल हुआ था. अब्दुल रहमान ने बताया कि जिस एग्जामिनेशन हॉल में मेरा सीट था, उस कमरे में 382 छात्र परीक्षा दे रहे थे. उसमें हमारे कॉलेज से 322 परीक्षार्थी शामिल थे. मेरे ही रौल नंबर से क्लास में बेंच शुरू हुआ था. - प्रिंसिपल की बात को भी नहीं माना बोर्ड ने
छात्र अब्दुल रहमान ने रिजल्ट पाने के लिए कॉलेज के प्रिंसिपल से फॉरवर्डिंग भी करायी. आरडी काॅलेज के वर्तमान प्रिंसिपल डा. रामाकांत प्रसाद ने अपने हस्ताक्षर से आवेदन फॉरवर्ड कर इंटर काउंसिल को भेजा, लेकिन काउंसिल ने उसे नहीं माना. काॅलेज के कर्मचारी कुमार रंजन ने बताया कि अब्दुल रहमान ने 10001 राैल नंबर पर इंटर की परीक्षा दिया था. पिछले सात साल बाद भी उसको रिजल्ट नहीं दिया गया.- रिजल्ट मिले, तभी होगा कहीं नामांकन
इंटर के रिजल्ट के बिना अब्दुल रहमान का नामांकन कहीं पर नहीं हो पा रहा है. उसका पूरा कैरियर ही दावं पर लगा हुआ है. इस सात साल में उसने इंटर काउंसिल के कई चक्कर लगाये. अब्दुल रहमान के पिता मजदूरी करते है. तीन भाई में वह दूसरे नंबर पर है. रिजल्ट नहीं मिलने की स्थिति में छात्र ने उपभोक्ता फोरम से लेकर मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाने की धमकी दी है.कोट
अब्दुल रहमान हमारे कॉलेज से 2009 में इंटर की परीक्षा दिया था. कॉलेज में सारा डाॅक्यूमेंट उसका 10001 रौल नंबर से ही है. लेकिन उसे रिजल्ट नहीं मिला. अब काउंसिल दूसरे रौल नंबर से उसे रिजल्ट दे रही है तो वो कैसे ले सकता है. एडमिट कार्ड पर उसका रौल नंबर कुछ और मार्क्स सीट पर कुछ अौर रौल नंबर कैसे हो सकता है. इंटर काउंसिल को उसे जल्द से जल्द उसके रौल नंबर पर रिजल्ट दे. डा. रामाकांत प्रसाद, प्रिंसिपल, आरडी कॉलेज, शेखपुरा
हमारे जानकारी में यह बात नहीं है. छात्र जब मिलेगा तभी सारी जानकारी मुझे मिलेगी. अगर ऐसा है तो गलत है. सही रौल नंबर मिलना चाहिए. मै उसे देखता हूं. लालकेश्वर प्रसाद सिंह, अध्यक्ष, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति
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