Wednesday, February 3, 2016

नये सेशन से फिक्सेशन कमेटी ही करेगी स्कूलों में फी का निर्धारण

- सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हर स्कूलों में बनाया जाना है यह कमेटी

- अभी तक किसी स्कूल ने नहीं बनायी है यह कमेटी- कमेटी में स्कूल के प्रिंसिपल के साथ पैरेंट्स टीचर एसोसिएशन के अध्यक्ष, स्कूल के एलूमिनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष, चाइल्ड एसोसिएशन के अध्यक्ष और स्कूल के सबसे सीनियर टीचर होंगे शामिल.
संवाददाता, पटनाइस बार नये सेशन शुरू करने से पहले ट्यूशन फी में बढ़ोतरी स्कूल को महंगा पड़ सकता है. क्योंकि इस बार किसी भी स्कूल को पहले फी फिक्सेशन कमेटी बनानी होगी, तभी वो फी में किसी तरह की बढ़ोतरी कर सकते है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर तमाम बोर्ड को यह निर्देश मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा दे दिया गया है. रेगुलेशन ऑफ कलेक्शन ऑफ फी एक्ट 2009 के तहत कोई भी स्कूल पांच फीसदी ही अधिकतम फी बढ़ोतरी कर सकती है. स्कूल की फी में कितनी बढ़ोतरी होगी, इस पर नजर रखने के लिए फी फिक्सेशन कमेटी बनाने का प्रावधान एक्ट के तहत है. लेकिन अभी तक किसी भी स्कूल में यह कमेटी नहीं बनायी गयी है.
- फी कितना बढ़ाया, देनी होगी जानकारी किस स्कूल ने कितना फी बढ़ाया, फी बढ़ाने का कारण, कितने सालों पर फी बढ़ायी गयी है. इन तमाम बातों की जानकारी फी फिक्सेशन कमिटी के माध्यम से संबंधित बोर्ड को देना होगा. बोर्ड से इसकी जानकारी मंत्रालय लेगी. साथ में किस स्कूल में कमेटी बनायी गयी और किस स्कूल में कमेटी नहीं बनायी गयी है, इसकी भी जानकारी संबंधित बोर्ड को देना होगा. फी के अलावा स्कूल संबंधित दूसरे मद के चार्ज के बारे में भी जानकारी कमेटी को देनी होगी.
- स्कूल के प्रिंसिपल के साथ चार सदस्यों की होगी कमेटी फी फिक्सेशन कमेटी में स्कूल के प्रिंसिपल के साथ चार और लोग शामिल होंगे. ये चार सदस्य में एक पैरेंट्स टीचर एसोसिएशन के अध्यक्ष, स्कूल के एलूमिनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष, चाइल्ड एसोसिएशन के अध्यक्ष और स्कूल के सबसे सीनियर टीचर होंगे. ये सारे लोग मिलकर नये सत्र के लिए फी को तय करेंगे. जितना फी होगा, उसका क्लास वाइज चार्ज तैयार किया जायेगा. इसके अलावा साल में दूसरा फी बढ़ोतरी नहीं होने की भी जानकारी बोर्ड को देनी होगी.
- स्कूल अपनी मरजी से बढ़ा देते हैं फी पटना मेें हर साल स्कूल अपनी मरजी से फी बढ़ा देते है. ऐसे में हर साल अभिभावकों के ऊपर काफी प्रेशर होता है. कौन सा स्कूल कितना फी बढ़ायेगा, इसकी कोई जानकारी अभिभावकों को नहीं होती है. बस उन्हें मार्च में फाइनल एग्जाम होने के बाद लिस्ट थमा दिया जाता है. इसमें स्कूल फी के अलावा बुक और यूनिफाॅर्म की भी जानकारी होती है, जो संबंधित दुकानों से अभिभावकों को लेनी होती है.
कोट
सारे स्कूलों में अगर यह कमेटी बनती है तो काफी हद तक मनमाने फी बढ़ोतरी पर रोक लगेगी. अभी जो भी स्कूल फी बढ़ाते है, इसकी माॅनिटरिंग करने वाला कोई नहीं है. ऐसे में स्कूल अपनी मरजी से फी बढ़ाते है. लेकिन कमेटी बनने के बाद चुकी रिपोर्ट बोर्ड के पास जायेगा तो स्कूल मनमानी नहीं कर पायेंगे. डीके सिंह, अध्यक्ष, बिहार राज्य चाइल्ड वेलफेयर एसोसिएशन 

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