Saturday, February 6, 2016

पंद्रह दिन बाद इंटर की परीक्षा, मगर कई विषयों के सिलेबस का ही पता नहीं

- आठ साल में भी नहीं बन पाया नॉन हिंदी, कंप्यूटर साइंस व सोशियोलॉजी का सिलेबस

रिंकू झा, पटनाइंटर की परीक्षा की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है. पंद्रह दिनों के बाद इंटर की परीक्षा शुरू होगी. लेकिन नॉन हिंदी व कंप्यूटर सहित कई विषयों का अभी तक सिलेबस ही नहीं मिला है. अब जब परीक्षा को कदाचार मुक्त लेने की बात हो रही है तो छात्र परेशान है कि बिना कदाचार के इन विषयों में पास कैसे करेंगे. नाॅन हिंदी (50 हिंदी और 50 इंगलिश), कंप्यूटर के अलावा सोसियोलॉजी का सिलेबस कुछ और है और स्कूल में पढ़ाई कुछ और हाे रही है. जिस स्कूल में शिक्षक को जैसे समझ में आता है, उसी हिसाब से पढ़ा देते है.
- आठ साल पहले चेंज हुआ था प्लस टू का सिलेबस बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के माध्यमिक और उच्च माध्यमिक वर्ग के सभी विषयों के सिलेबस को आठ साल पहले अपडेट किया गया था. इसमें कई विषयो में नये चैप्टर जोड़े गये थे तो वहीं कई विषयों में चैप्टर को हटाया भी गया था. नये सिलेबस बनने के बाद उसे स्कूलों में लागू किया गया. सिलेबस बनाने के क्रम में नॉन हिंदी का सिलेबस बनाया ही नहीं गया. सिलेबस नहीं होने से पिछले आठ साल से बस नॉन हिंदी के पढ़ाई के नाम पर बस खानापूर्ति ही होती है. या तो स्कूल में क्लास नहीं होता, अगर क्लास होता है तो 100 हिंदी और 100 इंगलिश के सिलेबस से आधे सिलेबस को पढ़ा दिया जाता है.
- 300 अंक के भाषा की परीक्षा जरूरी इंटर की परीक्षा में साइंस, आर्ट्स और कामॅर्स तीनों ही स्टीम के छात्रों को तीन सौ अंक के भाषा की परीक्षा देनी होती है. इसमें हिंदी, इंगलिश और नॉन हिंदी तीन आप्सन दिये जाते है. इसमें जो छात्र दो सौ का इंगलिश लेता है, उसे नॉन हिंदी 50 हिंदी-50 इंगलिश लेना जरूरी है. साइंस और कॉमर्स के अधिकांश छात्र इसी को चुनते है. वहीं जो छात्र सौ हिंदी लेते है. उन्हें या तो सौ इंगलिश पढ़ना पड़ता है या फिर 50 हिंदी-50 इंगलिश लेते है. आर्ट्स के भी अधिकांश छात्र नॉन हिंदी को ही भाषा के रूप में चुनते हैं.
- 80 अंक की जगह 100 अंक की परीक्षा देते हैं छात्र समाजशास्त्र का सिलेबस कुछ और है और पढ़ाया कुछ और ही जाता है. सिलेबस के अनुसार 80 अंक का थ्योरी और 20 अंक का सोशल प्रोजेक्ट का काम छात्रों को करना होता है. लेकिन स्कूलों में 100 अंक का समाजशास्त्र पढ़ाया जाता है. इतना ही नहीं इंटर की परीक्षा में भी 100 अंक के प्रश्न आते है. बोर्ड ने जो सिलेबस तैयार किया है, वो भी सौ अंक का ही बनाया है.
- कंप्यूटर साइंस के सिलेबस स्पष्ट नहीं साइंस के छात्र चौथे विषय के रूप में कंप्यूटर की पढा़ई करते है. इसमें एक कंप्यूटर आइपी और दूसरा कंप्यूटर साइंस लेना होता है. दोनों ही सौ-सौ अंक के होते है. लेकिन इन दोनों की विषयों में किस टॉपिक को पढ़ना है. इसका सिलेबस क्या है, इसकी जानकारी छात्राें को नहीं है. यह भी बिना सिलेबस ही ही खानापूर्ति पर चल रहा है.
कोटहां सही है नॉन हिंदी का सिलेबस अभी तक नहीं बनाया गया है. हम इस बात को स्वीकार करते है. परीक्षा देने में छात्रों को दिक्कतें होगी ही. लेकिन अभी अंतिम समय में तो कुछ नहीं किया जा सकता है. अगले साल इसे सही कर दिया जायेगा. जिस विषय में जो दिक्कतें है, उसे सही किया जायेगा.
डा़ मुरली मनोहर सिंह, डायरेक्टर, एससीइआरटी सिलेबस नहीं है. इसका जानकारी हमें नहीं थी. यह तो सही है बिना सिलेबस के परीक्षा देने में तो छात्रों को परेशानी होगी. छात्रों का कहना सही है. जब सिलेबस ही पता नहीं तो वो परीक्षा कैसे देंगे.
लालकेश्वर प्रसाद सिंह, अध्यक्ष, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति \\\\B

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