Wednesday, February 17, 2016

अब बच्चे से मारपीट की तो माता-पिता को होगी जेल

- किशोर न्याय अधिनियम के तहत काॅरपोरल पनिशमेंट में अभिभावक भी जोड़े गये

संवाददाता, पटनाअभी तक बच्चों को पनिशमेंट देने, डांटने और मारपीट करने पर स्कूल प्रशासन पर ही कार्रवाई होती थी, लेकिन अब अगर कोई अभिभावक अपने बच्चे के साथ मारपीट करते है. बच्चे को पनिशमेंट देते है तो ऐसे में उन माता-पिता पर भी कार्रवाई की जायेगी. कार्रवाई के तौर पर माता पिता को जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है. इस संबंध में तमाम सीबीएसइ और आइसीएसइ बोर्ड के साथ तमाम स्टेट बोर्ड के स्कूलों को सूचना दी गयी है. स्कूल के पास आयी सूचना के अनुसार अभी तक कारपोरल पनिशमेंट में केवल टीचर्स या स्कूल प्रशासन ही शामिल होते थे, लेकिन किशोर न्याय अधिनियम के तहत इसमें अभिभावक को भी जोड़ दिया गया है. इस नियम के अनुसार 15 साल तक के बच्चों के साथ माता पिता मारपीट नहीं कर सकते है.
- तीन से दस साल तक होगी सजा बच्चो से मारपीट करने पर माता-पिता को तीन से दस साल तक की सजा हो सकती है. इसके अलावा पांच लाख रूपये तक का जुर्माना भी अभिभावक पर लगाया जा सकता है. अगर कोई अभिभावक अपने बच्चे के ऊपर किसी तरह का दबाव भी डालते है, तो वो भी काॅरपोरल पनिशमेंट के अंदर में आ जायेंगे. ऐसे में अगर अभिभावक की शिकायत कोई भी करता है तो उन अभिभावक के उपर कार्रवाई की जायेगी.
- स्कूल लेगा बच्चों से फीडबैक स्कूल अपने स्तर से इस बात की जांच करेगा कि किसी बच्चे के ऊपर अभिभावक का कोई प्रेशर तो नहीं है. इसके लिए स्कूल की ओर से रेगुलर बच्चे की काउंसेलिंग की जायेगी. अगर काउंसेलिंग में अभिभावकों के मारपीट या किसी तरह के प्रताड़ना की जानकारी स्कूल को मिलती है तो स्कूल इसकी सूचना तुरंत बोर्ड के पास भेजेगा. ऐसे अभिभावक के उपर बोर्ड की ओर केस की जायेगी.
- बाल अधिकार संरक्षण अायोग को भी किया गया शामिल किशोर न्याय अधिनियम लागू हो इसके लिए बाल अधिकार संरक्षण आयोग, बिहार सरकार काे भी शामिल किया गया है. आयोग के पास किसी तरह की सूचना अभिभावकों के खिलाफ आयेगी तो उस पर आायेग तुरंत अपने स्तर से संज्ञान लेगा. सारी प्रक्रियाएं आयोग को पूरी किया जायेगा. इसके लिए आयोग अपनी तरफ से अभिभावक के उपर कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगा.
अभिभावक की बात माता पिता बच्चों को उनके हित के लिए डांटते या मारते है. इस तरह के नियम बनाने से पहले सरकार को सोचना चाहिए था. इससे हमारे समाज पर बुरा असर पड़ेगा.
प्रीति सिंह, अभिभावक, बेली रोड हमारे देश में माता पिता के डर का सिस्टम रहा है. अगर बच्चों में माता पिता का डर खत्म हो जायेगा तो इसका असर उनके भविष्य पर पड़ेगा. ऐसे में यह कानून गलत है. समाज के लिए यह सही नहीं है.
राकेश पाल, अभिभावक, अल्पना मार्केट, पाटलिपुत्र \\B

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