Rinku Jha
Wednesday, February 10, 2016
विधुत बोर्ड ने दिया डीएवी को स्कूल हटाने का नोटिस, बोर्ड परीक्षा के बाद कार्रवाई
- सीबीएसइ ने डीएवी, विधुत बोर्ड का किया निरीक्षण, कई प्वाइंट पर उठे सवाल
संवाददाता, पटना
विधुत बोर्ड ने डीएवी प्रशासन से स्कूल हटाने का नोटिस दिया है. जल्द ही अब डीएवी, बीएसइबी को वहां से हटा दिया जायेगा. चुकी मार्च में सीबीएसइ 10वीं और 12वीं का बोर्ड एग्जाम है. बोर्ड एग्जाम के बाद स्कूल को हटाने का आदेश फिर विधुत बोर्ड की ओर से दिया जायेगा. इससे पहले मंगलवार यानी 9 फरवरी को डीएवी, बीएसइबी की निरीक्षण भी सीबीएसइ की ओर से किया गया है.
- सीबीएसइ ने जांच में उठाये कई सवाल
मंगलवार को सीबीएसइ द्वारा डीएवी बीएसइबी का निरीक्षण किया गया. सीबीएसइ दिल्ली से दो सदस्यीय टीम ने स्कूल का दौरा किया. जांच में टीम ने कई तरह के सवाल उठायें. इसमें 2015 में 12वीं की परीक्षा में 88 स्टूडेंट्स का मामला सामने आया. डीएवी बीएसबीए ने 88 स्टूडेंट्स को 11वीं में फेल कर दिया और पैसे लेकर 12वीं बोर्ड दिलवाया है. इसके अलावा 94 फर्जी टीचर्स की लिस्ट पर भी स्कूल पर सवाल उठे है. स्कूल में नामांकित स्टूडेंट्स, 9वीं और 11वीं में रजिस्ट्रर्ड स्टूडेंट्स और 10वीं और 12वीं में शामिल होने वाले स्टूडेंट्स के हेराफेरी पर भी स्कूल पर सवाल सीबीएसइ ने खड़ा किया है.
- दुबारा एफिलिएशन के लिए डीएवी ने किया है अप्लाई
डीएवी की मान्यता सीबीएसइ ने 2015 में समाप्त कर दिया था. इसके बाद 2015 में डीएवी ने दो बार एफिलिएशन के लिए अप्लाई किया है. दोनों ही बार सीबीएसइ द्वारा निरीक्षण भी किया गया. लेकिन दोनों ही बार सीबीएसइ ने मान्यता नहीं दिया. अब फिर एक बार सीबीएसइ द्वारा स्कूल का निरीक्षण किया. अब डीएवी को सीबीएसइ मान्यता देता है या नहीं, इसका फैसला मई के दूसरे में हो जायेगा.
- दो सालों से नहीं हो रहा नया नामांकन
डीएवी बीएसइबी में दो सालों से नया नामांकन नहीं लिया गया है. क्लास वन में 2015 और 2016 में नामांकन नहीं लिया गया है. वहीं सीबीएसइ द्वारा 2015 में मान्यता छीन जाने के बाद 9वीं और 11वीं में नामांकन पर बोर्ड ने रोक लगा दी थी. पिछले दो साल से स्कूल में क्लास वन की सीटें वैकेंट हो गया है.
कोट
स्कूल को हटाने के लिए हमने डीएवी प्रशासन से कहा है. यह स्कूल विधुत बोर्ड का प्रोजेक्ट स्कूल है. ऐसे में यहां पर 80 फीसदी बच्चे विधुत बोर्ड पढ़ते है. लेकिन सीबीएसइ की मान्यता जाने के बाद स्कूल का भविष्य अधर में लटक गया है. बोर्ड परीक्षा के बाद हम कार्रवाई करेंगे.
राजीव रंजन, अध्यक्ष, डीएवी बीएसइबी लोकल मैनेजिंग कमिटी
डीएवी बीएसइबी में फर्जी टीचर्स का खूब खेल चलता है. बिना डिग्री के टीचर्स को रखा जाता है. अगर कोई टीचर कुछ बोलता है तो उसका ट्रांसफर कर दिया जाता है. ट्रांसफर होने वाले टीचर्स को भी स्कूल फर्जी टीचर्स लिस्ट में शामिल कर सीबीएसइ को भेज देता है.
निखिल कुमार, महासचिव, डीएवी टीचर्स वेलफेयर एसोसिशन
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