Saturday, February 6, 2016

इंट्रोडक्शन में पूरी जानकारी नहीं, तो बीसीइसीइ कर देगा ओएमआर को रिजेक्ट

- पूरी जानकारी सही से नहीं देने के कारण कर दिया जाता है आंसर काॅपी रिजेक्ट

संवाददाता, पटनाएग्जाम में जितना जरूरी आंसर लिखना होता है, उतना ही जरूरी अभ्यर्थी को अपनी जानकारी देना भी होता है. अगर जानकारी आधी अधूरी या कॉलम को खाली छोड़ दिया जायेगा तो ऐसे अभ्यर्थी के ओएमआर को रिजेक्ट कर दिया जाता है. ऐसे में अभ्यर्थी की परीक्षा कितना भी अच्छा क्यूं ना गया हो, लेकिन उसके आेएमआर सीट की जांच ही नहीं की जाती है. बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (बीसीइसीइ) की ओर से हर साल ऐसे सौ दो आेएमआर सीट की जांच ही नहीं होती है जिसमें अभ्यर्थी इंट्रोडक्शन काॅलम को सही से नहीं भरते है. ऐसे अभ्यर्थी को सेलेक्ट होने के बावजूद छांट दिया जाता है.
- हर कॉलम को भरना है जरूरी बिहार मेडिकल और इंजीनियरिंग की परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी को इंट्रोक्शन लिया जाता है. इसमें अभ्यर्थी से कई तरह की जानकारी मांगी जाती है. कुछ कॉलम दिये होते है. सारे कॉलम भरना जरूरी होता है. खासकर हैंडराइटिंग मिलान के लिए अभ्यर्थी को उनकी हैंडराइटिंग में सौ शब्द का एक टेक्स्ट दिया जाता है. इसे जस का तस अभ्यर्थी को अपने हैंडराइटिंग में एक बाक्स में रिपीट कर लिख देना होता है. इसमें जो भी कुछ लिखा होता है, उसका कम से कम 50 फीसदी लिखना पड़ता है. लेकिन कई बार अभ्यर्थी उसे इग्नोर कर देते है. या तो लिखते नहीं या लिखते है तो आधी अधूरी लिख डालते है. ऐसे अभ्यर्थी के आंसर कॉपी को बोर्ड रिजेक्ट कर देता है. उनकी काॅपी की जांच नहीं होती है.
- हाई कोर्ट में भी गया था मामला 2015 में बीसीइसीइ के खिलाफ कई अभ्यर्थी हाई कोर्ट में केस किया. जिसमें अभ्यर्थी के दो विषयों बायोलॉजी और केमेस्ट्री में अच्छे अंक थे. वहीं एक विषय फिजिक्स के आंसर कॉपी की जांच ही नहीं हुई. इसके बाद जब अभ्यर्थी ने सूचना के अधिकार के तहत बोर्ड से इसका कारण पूछा तो पता चला कि इंट्रोडक्शन में अभ्यर्थी ने पूरी जानकारी नहीं दिया था. हैंडराइटिंग मिलान वाले बाक्स काे भरा ही नहीं था. ज्ञात हो कि फर्जी छात्रों को रोकने के लिए बीसीइसीइ हैंडराइटिंग का मिलान अभ्यर्थी से करवाती है.
कोटकई बार अभ्यर्थी सिग्नेचर करने में भी गलती करते है. हिंदी की जगह इंगलिश में सिग्नेचर कर देते है. इंट्रोडक्शन में पूरी जानकारी सही से भरा जाना चाहिए. हर कॉलम को सही से और स्पष्ट भरना चाहिए. लेकिन कई अभ्यर्थी गलती कर देते है.
अनिल कुमार, ओएसडी, बीसीइसीइ \\B

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