Rinku Jha
Wednesday, February 10, 2016
सीबीएसइ एग्जाम में नकल किया तो होगा तीन साल तक का सजा
संवाददाता, पटना
बोर्ड परीक्षा का काउन डाउन शुरू हो चुका है. परीक्षार्थी को तैयारी करने की टिप्स दी जा रही है. इसके बावजूद कई ऐसे स्टूडेंट्स होते है जो नकल की जुगाड़ में होते है. जहां बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने नकल रोकने के लिए कई उपाय करने शुरू कर दिये है, वहीं सीबीएसइ ने भी नकल को लेकर निर्देश तमाम स्कूलो को जारी कर दिया है. 10वीं और 12वीं एगजाम के दौरान अगर कोई स्टूडेंट नकल करते हुए पकड़े जाते है तो सीबीएसइ की ओर से उन पर कई तरह की कार्रवाई की जा सकती है. बोर्ड की माने तो नकल साबित होने और स्टूडेंट के झूठ बोलने पर तीन साल तक की सजा का भी बोर्ड में प्रावधान है.
नकल रोकने के लिए सीबीएसइ ने कर रखा है ये सारे प्रावधान
- रंगे हाथ पकड़ में आने पर -
अगर कोई स्टूडेंट को रंगे हाथ नकल करते हुए पकड़ा जाता है तो उसके आंसर कॉपी, चिट और एडमिट कार्ड को तुरंत एक स्पेशल इंवेलप में डाल कर सीबीएसइ ऑफिस भेज दिया जाता है. ऐसे स्टूडेंट को सीबीएसइ जुर्माना अपनी मरजी से लगाती है.
- एक साल के लिए सस्पेंड -
परीक्षा के दौरान नकल करने और पकड़ में आने पर परीक्षार्थी दुबारा परीक्षा नहीं दे सकता है. उसे एक साल के लिए तुरंत सस्पेंड कर दिया जाता है. इसके अलावा बोर्ड चाहे तो एक और साल के लिए उसे परीक्षा देने से रोक दे
- 10 हजार तक जुर्माना
- नकल करते हुए पकड़े जाने पर बोर्ड 10 हजार तक का जुर्माना भी स्टूडेट पर लगा सकती है. ऐसे में स्टूडेंट के अभिभावक को बुला कर सीबीएसइ सारी जानकारी देती है. इसके बाद सजा के तौर पर 10 हजार रूपये तक का जुर्माना भी बोर्ड की ओर से लगाया जा सकता है.
कोट
सीबीएसइ में नकल कर घटना कम होती है. लेकिन बोर्ड ने कई प्रावधान बना रखें है. परीक्षा होने के पहले इसकी जानकारी तमाम सेंटर को दी जाती है. जो भी नकल करते हुए स्टूडेंट पकड़े जाते है, उनके आंसर कॉपी को तुरंत सेंटर सीबीएसइ दिल्ली भेज दिया जाता है. इसके लिए एक स्पेशल इंवेलप होता है.
राजीव रंजन सिन्हा, सिटी कोर्डिनेटर, सीबीएसइ पटना
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