Wednesday, February 3, 2016

मूल्यांकन में होगी गलती तो टीचर होंगे निलंबित

- बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इंटर और मैट्रिक के मूल्यांकन को लेकर अपनाया कड़ा रूख

संवाददाता, पटनाइंटरमीडिएट और मैट्रिक की मूल्यांकन में गलती हुई तो टीचर्स की खैर नहीं. मार्किंग स्कीम से लेकर उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन में किसी तरह की गलती होने पर टीचर्स को निलंबित भी किया जा सकता है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने अभी से मूल्यांकन को सही करने के लिए प्रदेश भर के शिक्षकों को सचेत करना शुरू कर दिया है. समिति के अनुसार मूल्यांकन सही नहीं होने से समिति काे रिजल्ट निकालने के बाद काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. वहीं छात्रों को कई तरह की दिक्कतें होती है.
- स्क्रूटनी में पकड़ में आयेगा मामला शिक्षकों द्वारा गलत मूल्यांकन को लेकर समिति अभी तक कुछ नहीं करती थी. लेकिन 2016 में होने वाले मैट्रिक और इंटर के मूल्यांकन में गड़बड़ी होने पर सीधा शिक्षकों पर कार्रवाई होगी. जिस भी छात्र के उत्तर पुस्तिका में स्क्रूटनी के दौरान अंक बढ़ेंगे, तो पहले समिति उस मूल्यांकन केंद्र का पता करेगी जहां पर उत्तर पुस्तिका की जांच हुई होगी. उसके बाद उस शिक्षक को पकड़ा जायेगा, जिन्होंने उत्तर पुस्तिका की जांच की होगी. शिक्षक के पकड़ में आने पर उस शिक्षक का नाम शिक्षा विभाग को भेजा जायेगा. इसके साथ शिक्षक को निलंबित करने की सिफारिश समिति की आेर से किया जायेगा.
- शिक्षकों की गलती की सजा मिलती है छात्रों को मूल्यांकन में शिक्षकों की गलती की सजा छात्रों को भुगतना पड़ता है. उत्तर पुस्तिका में उत्तर सही से लिखे होने के बावजूद शिक्षक सही मूल्यांकन नहीं कर पाते है. इसका नतीजा यह होता है कि रिजल्ट में छात्र को फेल कर दिया जाता है. फेल होने के कारण छात्र का नामांकन आगे की क्लास में नहीं हो पाता है. अगर स्क्रूटनी का रिजल्ट समय पर मिल गया तो नामांकन हो भी जाता है. अगर स्क्रूटनी में देरी होती है कई बार छात्र के साल भी बर्बाद हो जाता है.
- टॉपर हो जाते है चेंज शिक्षको के गलत मूल्यांकन के कारण पिछले दो सालों से इंटर के टॉपर ही चेंज हो जा रहे है. समिति की ओर से जो रिजल्ट घोषित किये जाते है उसमे कोई और टॉपर होता है, लेकिन बाद में जब स्क्रूटनी होता है तो टॉपर कोई और बन जा रहा है. 2015 के इंटर के रिजल्ट में तो टॉपर टेन में कई टॉपर के रैंक में चेंज हो गया.
स्क्रूटनी संबंधित कुछ बातें 2014 में स्क्रूटनी के लिए आवेदन आयें - एक लाख 26 हजार
आवेदन में कितने में मार्क्स की बढ़ाेतरी हुई - 76 हजार के लगभग टॉप टेन में कितना फेर बदल हुआ - फर्स्ट टॉपर सेकेंड और सेकेंड टॉपर फर्स्ट टॉपर बना
2015 में स्क्रूटनी के लिए आवेदन आयें - 90 हजार आवेदन में कितने में मार्क्स को बढ़ाया गया - 45, 578
टॉप टेन में कितना फेर बदल हुआ - टॉप टेन में कई टॉपर के रैंक में चेंज हो गया कोट
मूल्यांकन में शिक्षकों की गलती हमेशा होती है. शिक्षको की गलती की सजा छात्र और समिति दोनों को ही मिलता है. समिति की बदनामी भी होती है. इस बार मूल्यांकन में गलती करने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई की जायेगी. वहीं सूचना के अधिकार के तहत समय पर जानकारी नहीं देने पर समिति के कर्मचारियों पर भी कार्रवाई होगी. हरिहर नाथ झा, सचिव, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति\\B

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