Sunday, February 21, 2016

मोबाइल और बाइक स्कूल करेगा जब्त, तीन हजार तक लगेगा जुर्माना

- नामांकन के समय ही स्कूल भरवायेगा शपथ पत्र

रिंकू झा, पटनास्कूल में माेबाइल और बाइक लाना स्टूडेंट्स और उनके अभिभावकों के लिए अब महंगा पड़ने वाला है. अभिभावक अगर बच्चों को स्कूल बाइक से भेजेंगे तो बाइक को अब स्कूल जब्त करेगा. इतना ही नहीं जिन स्टूडेंट्स के पास मोबाइल पाया जायेगा, उनके मोबाइल को स्कूल जब्त करेगा. जो मोबाइल जब्त होगा, उस मोबाइल को अभिभावकों को लौटाया नहीं जायेगा. इसके अलावा मोबाइल के साथ पकड़े जाने वाले स्टूडेंट्स पर तीन हजार तक का जुर्माना भी स्कूल की तरफ से लगाया जायेगा. ये सारे फैसले क्रिश्यचन माइनोरिटी स्कूल एसोसिएशन की ओर से लिया गया है. हाल में हुए स्कूलों की आपसी बैठक में यह निर्णय लिया गया है.
- शपथ पत्र भरने के बाद ही नामांकन होगा स्टूडेंट्स का बोर्ड परीक्षा होने के कारण स्कूल मोबाइल और बाइक पर प्रतिबंध तत्काल नहीं लगा रहा है. क्योंकि एक मार्च से बोर्ड परीक्षा और उसके बाद स्कूल की फाइनल एग्जाम होने के बाद स्कूल बंद हो जायेगा. एक अप्रैल से नये सेशन के साथ यह नियम लागू किये जायेंगे. डान बास्को एकेडमी की प्रिंसिपल मेरी अल्फांसो ने बताया कि किसी भी क्लास में नामांकन के लिए इस बार अभिभावकों से शपथ पत्र भरवाया जायेगा. शपथ पत्र भरने के बाद भी अगर स्टूडेंट्स माेबाइल लेकर या बाइक से स्कूल आयेंगे तो जुर्माना अधिक कर दिया जायेगा. वहीं शपथ पत्र भरने के बाद ही स्टूडेंट्स का नामांकन स्कूल में हो पायेगा.
- स्कूल गेट के बाहर की गाड़ी ट्रैफिक पुलिस करेगा जब्तस्कूल के अंदर बाइक से आने पर स्कूल जब्त करेगा. वहीं जो स्टूडेंट्स स्कूल के बाहर बाइक लगायेंगे तो ऐसे बाइक को ट्रैफिक पुलिस को जब्त करने को स्कूलों की ओर से कहा गया है. पिछले सप्ताह पटना ट्रैफिक पुलिस के साथ स्कूल प्रशासक की बैठक हुई है. इस बैठक में स्कूल प्रशासक की ओर से ट्रैफिक एसपी पीके दास को स्कूल गेट के बारह खड़े तमाम बाइक को जब्त करने का अाग्रह किया गया है. ज्ञात हो कि स्कूल में बाइक लाने पर पाबंदी लगा देने के बाद स्टूडेंट्स स्कूल गेट के बाहर बाइक और स्कूटी लगाते है. इससे स्कूल चाहते हुए भी कार्रवाई नहीं कर पाते है.
- डीपीएस में पांच हजार तक लगता है जुर्माना डीपीएस में मोबाइल लाने पर सजा दी जाती है. डीपीएस के प्रिंसिपल बी विनोद ने बताया कि अगर कोई स्टूडेंट्स स्कूल में मोबाइल लेकर आता है तो इसके लिए उनके ऊपर पांच हजार का जुर्माना लगाया जाता है. मोबाइल के साथ पकड़े जाने पर किसी तरह की माफी नहीं दी जाती है. किसी स्टूडेंट्स के साथ इमरजेंसी होने पर स्कूल की तरफ से फोन आदि की मदद दी जाती है.
स्टूडेंंट्स और अभिभावक मोबाइल को लेकर स्कूल के पास बनाते है तरह-तरह के बहाना
- स्कूल के बाद कोचिंग जाना होता है, इस कारण माेबाइल लाने दिया जाये- स्कूल में इमरजेंसी होने पर मोबाइल की जरूरत होगी है
- स्कूल के छुट्टी के बाद अगर कोई जरूरत हो तो बिना मोबाइल के अभिभावक से कैसे संपर्क होगा - मोबाइल पास होने से अभिभावक और बच्चे के बीच संपर्क बना रहता है
- बच्चे के पास मोबाइल होने से अभिभावक को चिंता नहीं रहती है
कोटडीएम के साथ बैठक में मोबाइल और बाइक पर पाबंदी लगाने की बात कहीं गयी थी. इसके बाद हमने आपस में बैठक कर कुछ फैसले लिये है. इस बार नामांकन के समय अभिभावकों से शपथ पत्र भरवाया जायेगा. कोई भी स्टूडेंट्स बाइक और मोबाइल के साथ पकड़ें जायेंगे तो उसे जब्द कर लिया जायेगा. जुर्माना भी लगाया जायेगा.
जी जे गॉल्स्टॉन, प्रेसिडेंट, क्रिश्चयन माइनोरिटी स्कूल एसोसिएशनस्कूल की ओर से मोबाइल और बाइक पर रोक क्यूं नहीं लगायी जाती है. स्कूल की ओर से इस पर कड़े निर्णय लिये जायें. स्कूल के स्टूडेंट्स के पास ड़ाइविंग लाइसेंस नहीं होता है. ऐसे में बाइक पर पूरी तरह से पाबंदी स्कूल को लगाना है. अभिभावकों को इसके लिए स्कूल अपनी ओर से निर्देश जारी करें.
संजय कुमार अग्रवाल, डीएम, पटना (11 फरवरी की बैठक में डीएम ने दिया था निर्देश)\\B

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