Sunday, February 7, 2016

उत्तर पुस्तिका को लेकर बिहार बोर्ड हुआ सख्त, भुलाया तो केंद्राधीक्षक की जिम्मेवारी

- 2015 में इंटर के स्क्रूटनी के दौरान गायब हुई थी सात सौ उत्तर पुस्तिकाएं

संवाददाता, पटनाउत्तर पुस्तिका में किसी तरह की गड़बड़ी इस बार केंद्राधीक्षक को महंगा पड़ सकता है. इंटर और मैट्रिक के परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिका को मूल्यांकन केंद्र पर रखना, मूल्यांकन करवाना और स्क्रूटनी के लिए उत्तर पुस्तिका को संभाल कर रखना, इस पूरी प्रक्रिया की जिम्मेवारी अब उस केंद्राधीक्षक की होगी. जिनके केंद्र पर उत्तर पुस्तिका रखी होगी. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने उत्तर पुस्तिका की सुरक्षा को लेकर नियम बनाया है. ज्ञात हो कि 2015 में इंटर के कई उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन केंद्र से गायब हो गया. स्क्रूटनी के लिए जब मूल्यांकन केंद्र पर उत्तर पुस्तिका को खोजा गया तो उत्तर पुस्तिका नहीं मिला. पूरे प्रदेश के विभिन्न मूल्यांकन केंद्रों से लगभग सात सौ उत्तर पुस्तिका गायब हो गया.
- उत्तर पुस्तिका गायब होगा तो जवाब देंगे केंद्राधीक्षक समिति ने इस बार स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी मूल्यांकन केंद्र से अगर उत्तर पुस्तिका गायब होता है तो इसका जवाब अब केंद्राधीक्षक को भी देना होगा. अगर कोई परीक्षार्थी अपने अंक से संतुष्ट ना हो. ऐसे में परीक्षार्थी सूचना के अधिकार के तहत अपना उत्तर पुस्तिका मांगते है. अगर मूल्यांकन केंद्र पर उत्तर पुस्तिका उपलब्ध नहीं होता है तो इसका जवाब संबंधित केंद्राधीक्षक की होगी. अगर छात्र इसको लेकर हाई कोर्ट जाते है तो वहां पर भी केंद्राधीक्षक को ही जवाब देना होगा.
- केंद्राधीक्षक को दी जायेगी जानकारी इंटर के परीक्षा के पहले 18 फरवरी से तमाम केंद्राधीक्षकों की बैठक समिति द्वारा बुलायी गयी है. दो दिनों के इस बैठक में केंद्राधीक्षक को उनकी जिम्मेवारी बतायी जायेगी. केंद्राधीक्षक को उत्तर पुस्तिका को सुरक्षित रखने के बारे में बताया जायेगा. समिति के अनुसार उत्तर पुस्तिका को हर केंद्र पर सुरक्षित रखने की जिम्मेवारी केंद्राधीक्षक की होती है. इस बात की जानकारी बैठक के दौरान केंद्राधीक्षक को दी जायेगी.
- स्क्रूटनी वाले उत्तर पुस्तिका रखे जायेंगे समिति में मैट्रिक और इंटर के रिजल्ट निकलने के बाद उत्तर पुस्तिका को समिति कार्यालय में रखा जायेगा. स्क्रूटनी के लिए जो भी अावेदन आयेगा. उन तमाम उत्तर पुस्तिका को समिति अपने पास रखेगी. इसके बाद एक्सपर्ट से स्क्रूटनी करवायी जायेगी. समिति के अनुसार इस बार स्क्रूटनी के लिए अप्लाई छात्र अपने जिलों में ही करेंगे. अॉन लाइन अप्लाई भी लिया जायेगा. अप्लाई होने के बाद स्क्रूटनी का काम समिति कार्यालय में किया जायेगा.
कोटउत्तर पुस्तिका को लेकर समिति को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है. मूल्यांकन केंद्र पर उत्तर पुस्तिका सुरक्षित रखें जायें, इसकी जिम्मेवारी संबंधित केंद्राधीक्षक की होगी. इसकी जानकारी मूल्यांकन के लिए आयोजित बैठक में केंद्राधीक्षक को दी जायेगी.
लालकेश्वर प्रसाद सिंह, अध्यक्ष, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति \\B

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