Sunday, February 7, 2016

एफिलिएशन के लिए इस बार 110 स्कूलों की जांच, सीबीएसइ बना रहा टीम

- सीबीएसइ ने तीन केटेगरी में बांटा स्कूलों को

संवाददाता, पटनाकिसे मिलेगा एफिलिएशन और किसे करना पड़ेगा फिर एक साल इंतजार. कौन जांच में होगा पास और कौन हो जायेगा फेल. स्कूलों ने अप्लाई करके तो अपना काम कर लिया है. अब सीबीएसइ की बारी है कि वो स्कूलों की जांच करें. स्कूलों की जांच के लिए सीबीएसइ ने टीम बनानी शुरू कर दी है. मार्च और अप्रैल तक स्कूलों की जांच होगी. रेंडमली फिजिकल वेरिफिकेशन सीबीएसइ द्वारा टीचर्स आैर स्टूडेंट्स का किया जायेगा. इसके बाद मई में नये एफिलिएशन की लिस्ट बोर्ड जारी करेगा. एफिलिएशन की प्रक्रिया की तैयारी सीबीएसइ ने करनी शुरू कर दी है.
- 110 स्कूल है इस बार लाइन में सीबीएसइ से एफिलिएशन के दौर में इस बार पटना जोन से 110 स्कूल अप्लाई किये है. बिहार झारखंड मिला कर इन स्कूलों को बोर्ड ने तीन केटेगरी में बांट दिया है. पहले केटेगरी में वैसे स्कूल है जो पहली बार एफिलिएशन लेंगे. वहीं दूसरे केटेगरी मे वैसे स्कूल है जिनका एफिलिएशन सीबीएसइ ने खत्म कर दिया है. तीसरे और अंतिम केटेगरी में उन स्कूलों को रखा गया है जिनका एफिलिएशन 2016 में समाप्त हो रहा है. इन तमाम स्कूलों की जांच भी के नियम भी इस बार अलग- अलग बनाये गये है.
- हर स्कूल के लिए अलग-अलग होगी टीमें इस बार स्कूलों की जांच के लिए टीमें भी अलग-अलग होगी. टीम में सीबीएसइ के मेंबर के साथ स्थानीय स्कूल के प्रिंसिपल को भी रखा जायेगा. टीम में सीबीएसइ रीजनल ऑफिस के भी अधिकारी शामिल होंगे. टीम पूरी तरह से कांफिडेंसिलय होगा. ज्ञात हो कि अब तक स्कूलों की जांच के लिए तीन या चार टीमें बनायी जाती थी. यहीं टीमें अलग-अलग दिन जाकर स्कूलों की जांच करती थी. लेकिन इस बार हर केटेगरी में शामिल स्कूलों के अनुसार टीम की संख्या होगी.
- लेट फाइन देकर कर सकते है अप्लाईसीबीएसइ ने उन स्कूलों को समय दिया है जो अभी तक अप्लाई नहीं किया है. ऐसे स्कूल 31 मार्च तक अप्लाई कर सकते है. लेकिन इसके लिए स्कूल को फाइन देना होगा. फाइन दस हजार से लेकर 50 हजार तक रखा गया है.
एफिलिएशन संबंधित जानकारी पहली बार एफिलिएशन के लिए अप्लाई करने वाले स्कूल की संख्या - 30
ऐसे स्कूल जिनका एफिलिएशन सीबीएसइ ने पिछले दो सालें में खत्म कर दिया है - 50 ऐसे स्कूल जिनका एफिलिएशन ड्यूरेशन 2017 में खत्म हो जायेगा - 30 

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