Wednesday, December 16, 2015

स्कूल गेट के बाहर लगाते है स्टूडेंट्स बाइक और स्कूटी, अभिभावक पर दबाव डाले प्रशासन

- स्कूल प्रशासन को पता ही नहीं होता कि स्टूडेंट चला रहे बाइक और स्कूटी

संवाददाता, पटनास्कूली स्टूडेंट्स बाइक और स्कूटी के साथ स्कूल कैंपस में आते है, इसकी जानकारी ही स्कूल प्रशासन को नहीं होती है. स्कूल गेट के अंदर तो स्टूडेंट पैदल ही आते है. पटना के कई स्कूल में कैंपस के अंदर बाइक या स्कूटी लेकर आने पर पूरी तरह से पाबंदी है. लेकिन इसके बावजूद स्कूल यूनिफार्म में स्टूडेंट सड़क पर नजर आते है. स्कूल प्रशासन को पता ही नहीं होता है कि स्टूडेंट्स बाइक या स्कूटी से स्कूल आ रहे है.
- स्कूल है अनजान, स्टूडेंट चला रहे बाइक और स्कूटी स्कूल कैंपस में भले पार्किंग ना हो, बाइक या स्कूटी लाने का परमिशन ना हो. लेकिन मंगलवार चले अभियान में काफी संख्या में ऐसे बड़े स्कूल के स्टूडेट्स पकड़े गये, जिनके पास स्कूटी और बाइक है. पुलिस द्वारा बताये जाने पर स्कूल को पता चलता है कि स्टूडेंट बाइक और स्कूटी से स्कूल आते है.
- स्कूल की स्टूडेंट का हो गया था एक्सीडेंट कई सालों पहले सेंट माइकल की एक गर्ल स्टूडेंट का एक्सीडेंट स्कूटी चलाते हुए हो गया था. इसके बाद स्कूल में पूरी तरह से बाइक और स्कूटी चलाने पर रोक लगा दी गयी थी. स्कूल में इसके लिए स्टूडेंट को अवेयर किया गया था. इसके बाद जो भी स्टूडेंट बाइक या स्कूटी से आते थे, उनके अभिभावक को बुला कर इसके लिए मना किया जाता था. स्कूल में सिर्फ साइकिल से आने की नोटिस लगी हुई है. स्कूल प्रशासन के अनुसार गेट के बाहर भी अब कोई बाइक लगी होती है तो स्टूडेंट्स से पूछताछ की जाती है.
- स्कूटी से आने पर मिलती है स्कूल में सजा स्कूल स्टूडेंट स्कूटी चला कर नहीं आयें, इसके लिए स्कूल अपने स्तर से स्टूडेंट्स को अवेयर करते है. कई स्कूल तो इसके लिए स्टूडेंट को सजा भी देते है. लाइसेंस तक रख लिया जाता है. लेकिन इसके बाद भी स्टूडेंट सुधरते नहीं है. माउंट कार्मेल हाई स्कूल में तो स्कूटी से आने पर स्टूडेंट काे कई बार एबसेंट लगाया गया. डिसीप्लीन तोड़ने की सजा भी दी गयी, लेकिन स्टूडेंट फिर भी स्कूटी से स्कूल आती है. स्कूल कैंपस के बाहर स्कूटी लगी रहती है. जब पुलिस की तरफ से स्कूटी पकड़ा जाता है तो स्कूल प्रशासन को पता चलता है. मंगलवार को भी कोतवाली थाने के पुलिस की ओर से माउंट कार्मेल की चार लड़की को स्कूटी के साथ पकड़ा गया था. जब पुलिस स्टूडेट को लेकर स्कूल पहुंची तो प्रिंसिपल सिस्टर सुजाता ने अभिभावक से शिकायत करने को कहा.
कोटस्कूल में बाइक और स्कूटी से बच्चे स्कूल ना आयें, इसके लिए अभिभावकों के उपर दबाव डालने की जरूरत है. क्योंकि स्कूल में बाइक लाने का एलाउ नहीं है. प्रशासन को अभिभावक पर इतना दबाव डालना चाहिए, जिससे बच्चों को बाइक या स्कूटी खरीद कर ही ना दिया जायें.
फादर पीटर, प्रिंसिपल, सेंट माइकल हाई स्कूल स्कूल कैंपस में स्कूटी लाने का पाबंदी कई सालों पहले ही लगा दिया गया था. लेकिन इसके बाद भी स्टूडेंट स्कूटी से आते है. कई बार चाबी लेकर स्कूटी का जब्द भी कर लिया, लेकिन इसके बाद भी स्टूडेंट स्कूटी चलाते हुए नजर आ जाती है. अभिभावक को समझना चाहिए. अभिभावक ही इस पर रोक लगा सकते है.
सिस्टर सुजाता, प्रिंसिपल, माउंट कार्मेल हाई स्कूल बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने को लेकर स्कूल कैंपस में स्टूडेंट को अवेयर किया जाता है. स्कूल डायरी पर भी इसकी जानकारी दी जाती है. अभिभावक को भी समझने की जरूरत है. जब तक अभिभावक गाड़ी देते रहेंगे, बच्चे तो चलायेंगे ही.
ब्रदर सतीश, प्रिंसिपल, लोयेला हाई स्कूल \\B

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