Rinku Jha
Tuesday, December 1, 2015
शराब कर रही जिंदगी बर्बाद
दूसरा भाग
संवाददाता, पटना
शराब पीने वाले की ना सिर्फ अपनी जिंदगी बर्बाद होती है, बल्कि उनके साथ रहने वाले परिवार पर भी उसका बुरा असर होता है. परिवार में हमेशा डर और भय के माहौल बन जाते है. क्योंकि शराब पीने के बाद पता नहीं परिवार की स्थिति क्या होगी. प्रभात खबर के शराबबंदी पर चल रहे अभियान में हर दिन एक केस के माध्यम हम यह बताने की कोशिश करते है कि कैसे शराब से जिंदगी बर्बाद हो रही है. ऐसे ही एक शक्स की कहानी हम उन्हीं के जुबानी बता रहे है. इसमें किस तरह से पिता के शराबी होने से बेटी भी शराबी हो गया. संपत्ति तो गयी ही, बेटा भी बर्बाद हो गया.
मेरी शराब की लत ने बेटे को बना दिया शराबी
मै नहीं समझता था कि मेरी एक गलती की सजा मेरे पूरे परिवार को मिलेगी. आज मुझे इसका बहुत ही अफसोस है. लेकिन अब मै केवल अफसोस ही कर सकता हूं. क्याेंकि जो काम मैने किया है, उसके लिए भगवान भी माफ नहीं करेंगे. मेरे पापा डाक्टर है. घर में आये दिन छोटी पार्टियां हुआ करती थी. उस पार्टी में शराब भी होता था. हमें उस पार्टी में शामिल नहीं किया जाता था. इससे मुझे इस पार्टी को लेकर काफी उत्सुकता होती थी. एक दिन मै चुपके से इस पार्टी में घुस गया. मैने पहले दिन शराब टेस्ट किया था. इसके बाद मै अक्सर चुपके से इस पार्टी में घुस कर शराब पी लेता था. मेरे पैरेंट्स ना समझे इसके लिए दवा के बोतल में शराब भर लेता था. शुरू तो तो शौक से पीता था. लेकिन जब काॅलेज पहुंचा तो ऐसे लड़कों से मेरी दोस्ती हुई जो मेरी ही तरह कभी कभार शराब पीते थे. इसके बाद हम शराब पीने लगे. अक्सर काॅलेज के बाहर हम जाकर शराब पीते थे. इंजीनियरिंग कॉलेज से निकलने के बाद मेरी नौकरी एक अमेरिकन कंपनी में लगी. अभी तक मै यदा कदा ही शराब पीता था. लेकिन नौकरी लगने के बाद आदत सी बन गयी. मै शराब के गिरफ्त में कब आ गया, पता ही नहीं चला. इस बीच मेरी शादी भी हुई. मेरा एक बेटा और एक बेटी है. बेटा जब दस साल का था, तभी एक दिन शराब पीता हुआ नजर आया. उसे काफी डांटा भी. अब बेटा 20 साल का हो गया है. ग्रेजुएशन में पढ़ रहा है. लेकिन उसे शराब की लत लग गयी है. पत्नी हमेशा नाराज रहती है. बेटी डर और भय से डिप्रेशन में चली गयी है. मै अब शराब से छुटकारा पाना चाहता हूं. काश मैं.... कभी शराब नहीं पीता.
राेहित सिंह (बदला हुआ नाम)
कोट
हमारे पास ऐसे कई केस आते है जिसमें देखा जाता है कि शराब के कारण पूरा परिवार बर्बाद हो जाता है. कई बार तो परिवार छोड़ भी देता है. क्योंकि इलाज के बाद कई बार फिर से शराब पीना शुरू कर देते है. ऐसे में परिवार को यह विश्वास नहीं होता कि शराब की आदत कभी छूटेगी.
राखी, फाउंडर, दिशा नशा विमुक्ति केंद्र
\\B
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment