Saturday, December 26, 2015

स्टूडेंट तो बढ़े, स्कूल है जस का तस

- शिक्षा के अधिकार के तहत नहीं बढ़ रहे स्कूल

संवाददाता, पटनाशिक्षा के अधिकार की तो हम सब बातें करते है. इसको लेकर नियम भी बनते है, लेकिन अभी तक शिक्षा के अधिकार को सही से लागू नहीं किया जा सका है. पटना जिला के स्कूलों की बात करें तो शिक्षा के अधिकार के तहत नामांकन की बस खानापूर्ति ही होती है. पिछले कई सालों की बात करें तो स्कूलों में नामांकन की संख्या तो बढ़ी है, लेकिन स्कूल की संख्या जस की तस है. जहां 2014-15 में शिक्षा के अधिकार के तहत नामांकन 49 स्कूलों में किया गया था. सारे स्कूलों को मिला कर 690 बच्चों का नामांकन क्लास वन में लिया गया है. वहीं 2015-16 सत्र की बात करें ताे 7 दिसंबर 2015 तक 1364 बच्चों का नामांकन शिक्षा के अधिकार के तहत लिया गया है.
- 1649 में मात्र सौ स्कूलों में ही नामांकन पटना जिला की बात करें तो सीबीएसइ, आइसीएसइ और सरकारी प्रस्वीकृत स्कूलों की संख्या लगभग 1649 सौ हैं. इसमें अभी तक मात्र सौ स्कूलों में शिक्षा के अधिकार के तहत नामांकन लिया जा सका है. यह जानकारी सूचना के अधिकार के तहत मिली है. आरटीआई एक्टिविस्ट अजय कुमार चौरसिया ने बताया कि 2015-16 सत्र में कुछ नामांकन तो बढ़े है, लेकिन वहीं स्कूलों में नामांकन बढ़ा है जहां पर पहले से ही नामांकन हुआ है. नये प्राइवेट स्कूलों काफी कम जुड़े है. पटना जिला में 1649 स्कूलों ने राज्य सरकार से प्रस्वीकृत के लिए आवेदन दिया है. लेकिन स्कूलों को अभी तक राज्य सरकार से प्रस्वीकृत नहीं मिला है. अभी तक मात्र 308 स्कूलों को ही राज्य सरकार ने प्रस्वीकृति दिया है. इसमें 2015-16 सत्र में मात्र 100 स्कूलों में ही आरटीइ के तहत नामांकन लिया गया है. बांकी 208 स्कूलों में अभी तक एक भी नामांकन नहीं लिया जा सका है.
- हर स्कूलों को लेना है 25 फीसदी नामांकन शिक्षा के अधिकार कानून 2011 में लागू किया गया था. इसके तहत वंचित और गरीब बच्चों का नामांकन प्राइवेट स्कूलों में क्लास वन में लिया जायेगा. बच्चों के नामांकन के लिए राज्य सरकार की ओर से स्कूलों को अनुदान के तौर पर पैसे भी दिये जाते है. लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी कई प्राइवेट स्कूल में एक भी नामांकन आरटीइ के तहत नहीं लिया गया है.
- हर बड़ा स्कूल है आरटीइ से गायब पटना शहरी क्षेत्र की बात करें तो हर बड़ा स्कूल आरटीइ से गायब है. जहां डीपीएस ने अभी तक एक भी नामांकन नहीं लिया वहीं डीएवी के 12 ब्रांच पटना शहरी क्षेत्रों में चलता है. लेकिन अगर आरटीइ के तहत नामांकन की बात होगी तो मात्र डीएवी खगौल में 11 बच्चों का नामांकन लिया गया.
कोटहम कोशिश कर रहे है कि सारे प्राइवेट स्कूल में शिक्षा के अधिकार के तहत नामांकन लिया जायें. स्कूलों के उपर दबाव डाला जाता है तभी स्कूल नामांकन लेते है. 2016-17 में अभियान चला कर नामांकन दिलवाया जायेगा.
रामसागर सिंह, निदेशक, सर्व शिक्षा अभियान 

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