Rinku Jha
Friday, December 25, 2015
...यहां होता है बेटियों का स्वयंवर
- दहेज नहीं लेने का लिया जाता है वर पक्ष से वादा, फिर होता रजिस्ट्रेशन
रिंकू झा, पटना
समाज में अगर दहेज नहीं हो तो बेटियां बोझ नहीं रहेगी. जिस बेटी को हम पड़ाई धन का नाम देते है, वो मानसिकता दूर होगी. कुछ इसी सोच से जन चेतना अभियान ने बेटियों के लिए स्वयंवर करना शुरू किया है. विवाह करवाने वाली जन चेतना अभियान अपने स्वयंवर के माध्यम से बेटियों के पास ऐसे लड़कों की लिस्ट प्रोवाइड करवाती है जिसके माध्यम से एक लड़की अपने लिए एक बेहतर जीवन साथी चुन सकती है. संस्था के पास जो भी वर पक्ष की ओर से लड़कों का प्रोफाइल आता है, उसे कन्या पक्ष को खासकर कन्या को दिखाया जाता है. कन्या के चुनने के बाद ही बात आगे बढ़ती है.
- दहेज नहीं लेने वाले वर पक्ष का ही होता है रजिस्ट्रेशन
इसके माध्यम से वर पक्ष को ना सिर्फ दहेज नहीं लेने के प्रति अवेयर किया जाता है, बल्कि दहेज नहीं लेने पर ही वर पक्ष का रजिस्ट्रेशन किया जाता है. संस्था की संचालक सुनिता चौधरी ने बताया कि संस्था में मुफ्त में रजिस्ट्रेशन होता है. लेकिन रजिस्ट्रेशन से पहले हमारी कुछ शर्ते होती है, उसी के अनुसार हम रजिस्ट्रेशन करते है. इसका पूरा माॅनिटरिंग भी हम करते है कि कोई वर पक्ष वाले चोरी छुपे तो पैसे या दहेज के लिए कन्या पक्ष के लोगों पर दबाव नहीं डाल रहे है.
- पंडित से लेकर हर कुछ उपलब्ध होती है
वर और कन्या पक्ष की आपस में सारी बातें होने के बाद शादी तय हो जाती है. इसके बाद शादी संबंधित सारी सामग्री भी संस्था उपलब्ध करवा देती है. सुनिता चौधरी ने बताया कि पंडित से लेकर हर जाति के अनुसार सारी चीजें उपलब्ध करवाया जाता है. शादी के बाद वर और कन्या पक्ष से हम लिस्ट लेते है. मिनिमम शुल्क में सारी चीजें उपलब्ध करवा दी जाती है.
- हर जाति और धर्म के रिश्ते बनते है यहां पर
2008 से चल रही इस संस्था की ओर से पहले ब्राहणों के लिए शदी विवाह के रिश्ते बनाये जाते थे. लेकिन लोगों के डिमांड को देखते हुए अब यह संस्था हर जाति और धर्म के रिश्ते की कड़ी बन गयी है. यहां तक की कई मुसलिम परिवार ने भी रजिस्ट्रेशन करवाया है. सुनीता चौधरी बताती है कि मुसलिस परिवार में शादी का जो भी सिस्टम है उसी के अनुसार हम उन्हें सारी चीजों उपलब्ध करवाते है. यहां तक की शादी करवाने वाले मौलवी भी हम उपलब्ध करवाते है. इसके अलावा और भी सारे इंतजाम हमारी ओर से करवा दी जाती है.
- चार की करवायी शादी और 20 है रजिस्टर्ड
फिलहाल संस्था के पास 20 वर और कन्या पक्ष ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है. नवंबर 2015 के दौरान संस्था की ओर से चार बेटियों की बिना दहेज शादी भी करवायी गयी है. इस संबंध में कन्या पक्ष के ललन सिंह ने बताया कि भतीजी की शादी के लिए यहां पर रजिस्ट्रेशन करवाया था. महज तीन महीने के बाद ही कई वर पक्ष वाले की तरफ से बिना दहेज की शादी को लेकर ऑफर आने लगे. अभी नवंबर में भतीजी की शादी बिना दहेज संपन्न हो गया.
कोट
हमारा मुख्य मकसद दहेज के विराेध में समाज को अवेयर करना है. अगर समाज से दहेज खत्म हो जायें तो बेटियों को लोग बोझ समझना बंद कर देंगे. कई लोग अवेयर हुए है. दहेज नहीं लेने के वादा के बाद ही रजिस्ट्रेशन होता है. शादी संबंधित सारे सामग्री भी हम उपलब्ध करवाते है.
सुजीत कुमार चौधरी, फाउंडर मेंबर, जन चेतना अभियान
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