Rinku Jha
Friday, December 4, 2015
शराब से हो रही जिंदगी बर्बाद
चौथी किस्त
संवाददाता, पटना
अब तक हमने कई ऐसे केस पढ़े जिसमें परिवार के किसी सदस्य के शराब पीने के कारण ही शराब की आदत लग गयी. खास कर पिता के शराब पीने के कारण की बेटा शराबी हो गया. लेकिन ऐसा नहीं है. समाज का एक ऐसा पहलू भी है जिसमें परिवार को कोई भी सदस्य शराब छूता तक नहीं है, लेकिन किसी एक को शराब की लत लग जाती है. आज हम ऐसा ही एक केस आपको पढ़ायेंगे, जिसमें पिता ने या घर के किसी ने भी शराब आज तक देखी तक नहीं, लेकिन बेटा को 10 साल की उम्र में ही शराब की बुरी लत लग गयी.
98 की उम्र तक पिता ने नहीं छुआ शराब, बेटा 10वें साल से बना एडिक्ट
मै तो दोस्तों के साथ बस शौक से एक दो बार शराब पीना शुरू किया था, लेकिन यह कब मेरी आदत बन गयी, इसका पता नहीं चल पाया. आज मै जब अपनी पिछली जिंदगी के बारे में सोचता हूं तो बहुत ही अफसोस होता है. मेरे पिता जी का कपड़ों का बिजनेस था. मै चार भाई हूं. मेरे तीन भाई शुरू से ही पढ़ने में बहुत ही अच्छे थे. मै जब 8वीं में पढ़ता था तभी एक दोस्त के कारण शराब पीने लगा. शुरू में तो बस शौक से पीता था. शराब के कारण जैसै तैसे क्लास में पास कर पाता था. बड़े होने के बाद बांकी सब भाईयों को तो सरकारी नौकरी मिल गयी, लेकिन मैने पिता जी के ही बिजनेस को आगे बढ़ाने की सोची. मै पापा के बिजनेस को संभालने लगा. लेकिन जो भी कमाई होती थी, उसे मै हर दिन शराब पर खर्च करने लगा. शुरू में तो चुकी बिजनेस मजबूत था. घर में पैसे थे तो बिजनेस में पैसे लगाते रहा, लेकिन बाद में पता चला कि जो भी कमाई हो रही है, सारा का सारा शराब पर खर्च हो जा रहा है. फिर तो बिजनेस में लॉस होने लगा. मै महीने में 40 हजार का लगभग शराब पी जाता था. धीरे धीरे बिजनेस डूबने लगा. मै हमेशा शराब के नशे में रहता था. इससे दुकान भी कई-कई दिन बंद रहते थे. कुछ सालों के बाद बिजनेस पूरी तरह से ठप हो गया. आज मेरे पापा 98 साल के है. लेकिन उनसे अधिक मै बूढ़ा लगता हूं. मै घर में हर किसी के उपर निर्भर हो गया हूं. कई तरह की बीमारी से ग्रसित हूं. ऑथराइटिस है. लीवर खराब हाे चुका है. शराब छोड़ना चाहता हूं.
रोहित शर्मा (बदला हुआ नाम)
कोट
शराब का नशा एक बार लगने के बाद उसे छुड़ाना मुश्किल होता है. शराब के नशे में रहने वाले एक मरीज की तरह होते है. उसके साथ एक बच्चे की तरह हमें बिहेव करना होता है. उन्हें समझाते है. उन्हें दूसरे चीजों का प्रलोभन देकर शराब छुड़ाने की काेशिश करते है.
डा. विवेक विशाल, हितैसी हैप्पीनेस
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