Saturday, September 26, 2015

लेडी पुलिस की कमी से नहीं चल पा रहा रोमियो वैन

सारे कामों के निपटारा को लेकर महिला थाना को चाहिए 70 लेडी पुलिस

संवाददाता, पटनाएक समय था जब पटना के सड़क पर किसी लड़की को छेड़ना लड़कों के लिए काफी भारी पड़ता था. कॉलेज कैंपस हो या सड़क हो, अगर लड़की की ओर लड़के देखते नजर आ गया तो उसकी शामत है. क्योंकि हर लड़कों पर रोमियो वैन की नजर होती थी. रोमियो वैन कब किसे रंगे हाथ पकड़ ले, इसका डर हर लंफगे को रहता था. लेकिन अब सीन बदल चुका है. रोमियो वैन के बंद हो जाने से फिर एक बार लंफगें हरकतें करने लगे है. महिला थाना हर मामले का निपटारा करना चाहती है. लेकिन लेडी कांस्टेबल की कमी होने से सारे कामों का निपटारा नहीं हो पाता है. सूत्रों की माने तो शहर में महिलाओं की पूरी सुरक्षा के लिए 70 के लगभग लेडी कांस्टेबल हो तो काफी हद तक छेड़खानी आदि जैसी घटनाओं को रोका जा सकता है.
22 लेडी कांस्टेबल कर रही कॉलेज और स्कूल की सुरक्षा महिला थाना के पास लेडी कांस्टेबल की कमी चल रही है. गर्ल्स कॉलेज और स्कूलों की सुरक्षा को लेकर 22 लेडी कांस्टेबल को कैंपस में लगाया गया है. इसके अलावा दिन भर के पेट्रोलिंग के लिए भी दस के लगभग लेडी कांस्टेबल की ड़्यूटी लगायी गयी है. इसके अलावा बांकी दूसरे कामों के लिए लेडी कांस्टेबल की जरूरत है. अगर
मार्केट में भी लेडी कांस्टेबल की है जरूरत जिन मार्केट में महिलाओं और गर्ल्स का आना जाना होता है. लेडिज स्पेशल मार्केट में भी लेडी कांस्टेबल लगाने की बात हुई थी. जब किसी कॉलेज में घटना घटती है तो आस पास के मार्केट में भी पेट्रोलिंग की जाती है. पटना मार्केट, खेतान मार्केट आदि जगहों पर हर दिन लड़कियों का आना जाना लगा रहता है. यहां पर छेड़खानी की भी घटनाएं होती है.
ये सारी योजनाएं गयी थी बनायी - लंफगों को पकड़ने के लिए रोमियो वैन
- महिला थाने तक लड़कियां आयें, उसके लिए थाने का नंबर जगह-जगह डिसप्ले करना - स्कूल और कॉलेज के खुलने और छुट्टी के समय लेडी कांस्ट्रेबल
- हर काॅलेज और स्कूलों में लेडी कांस्टेबल की नियुक्ति - स्कूल और कॉलेज में अवेयरनेस प्रोग्राम
कोटकुछ कांस्टेबल को तो कॉलेज और स्कूलों की सुरक्षा में लगाया गया है. रोमियो वैन तो अभी नहीं चल रहा है, लेकिन पैट्रोलिंग का काम हम करते है. कॉलेज और स्कूल एरिया में लेडी पुलिस कांस्टेबल को लगाया जाता है. अगर थोड़ी और लेडी पुलिस हो तो हम और अच्छे से काम कर पायेंगे.
नीलमणि, अध्यक्ष, पटना महिला थाना \\B

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