Sunday, September 20, 2015

अब सेटेलाइट मैप से होगी स्कूलों में पढ़ाई

- एनसीइआरटी ने तैयार किया स्कूल भुवन सिलेबस

संवाददाता, पटनास्कूलों में अब जल्द ही सेटेलाइट मैपिंग से पढ़ाई की शुरूआत होगी. एनसीइआरटी द्वारा इसकी तैयारी भी कर ली गयी है. इसको लेकर एनसीइआरटी द्वारा एक स्कूल भुवन पोर्टल डेवलप किया गया है. इस पोर्टल के माध्यम से अभी टीचर्स और स्टूडेंट को सेटेलाइट मैपिंग के बारे में बताया जायेगा. सेटेलाइट मैपिंग के माध्यम से कोई भी चीज को पढ़ना आसान हो जायेगा. इस सिलेबस को स्कूलो में 2016 से लागू की जायेगी.
- स्कूल भुवन से अवेयर होंगे स्टूडेंटएनसीइआरटी के स्कूल भुवन पोर्टल से स्टूडेंट को कई नयी चीजें सीखने का मौका लगेगा. इस पोर्टल की मदद स्टूडेंट देश के नेचुअल रिसोर्स, इंवायरमेंट आदि के बारे में पता चलेगा. एनसीइआरटी ने स्कूल भुवन तैयार करने में हर बारीक चीजों का ख्याल रखा है. हर छोटी चीजों को इसमें शामिल किया गया है.
- इसरो से ली गयी है मदद एनसीइआरटी ने स्कूल भुवन के तहत सिलेबस तैयार करने में इसरो की मदद ली है. इसरो की मदद से ही मैप को तैयार करने में सेटेलाइट की मदद ली गयी है़
सेटेलाइट मैपिंग वाले सिलेबस से मिलेगी इन चीजों की जानकारी
- सेटेलाइट के माध्यम से देश, राज्य, जिलों की बाउंड्री को अच्छे से पढ़ा जा सकेगा
- देश आैर राज्य के एग्रीकल्चर संबंधित क्रॉपिंग पैटर्न, क्रॉप के विभिन्न टाइप आदि को अच्छे से समझा और पढ़ा जा सकेगा - वाटर रिसोर्स मैनेजमेंट डाटा से स्टडी अच्छे से हो पायेगी. इसके अलावा नदी, झील, पोखर, झरना आदि को स्टूडेंट अच्छे से समझ पायेंगे
- मिट्टी के प्रकार और एरिया वाइज बांटने वाली जगहों को अच्छे से पढ़ा जा सकेगा. इसके अलावा कपड़ाें की प्रोडक्टिविटी को पढ़ा जा सकेगा - मौसम की रिपोर्ट भी अब सेटेलाइट के माध्यम से पढ़ा जा सकेगा. एनुअल रेनफाॅल, सीजरल रेनफॉल, मानसून का प्रकार आदि को भी सेटेलाइट के माध्यम से सिलेबस में शामिल किया गया है.

कोटअब हर क्लास के सिलेबस को सेटेलाइट मैपिंग से तैयार किया जा रहा है. खासकर जोगरफी विषय में मैप से पढ़ाई होती है. इससे पढ़ाई की व्यवस्था को अधिक एडवांस किया जायेगा़. स्टूडेंट को समझने मे भी आसानी होगी़
डीटी सुदर्शन राव, ज्वाइंट सेक्रेटरी, एकेडेमिक एंड ट्रेनिंग, सीबीएसइ \\B

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