Sunday, September 13, 2015

छात्र के पास असली और बोर्ड के पास नकली रिजल्ट

-छह सालों से इंटर के रिजल्ट की सीडी को नहीं किया गया अपडेट

रिंकू झा, पटनाकेस वन : राघव राज 2011-12 सत्र का छात्र है. इंटर साइंस में राघव राज सेकेंड डिवीजन से पास हुआ. ग्रेजुएशन में नामांकन भी लिया. अभी हाल में राघव राज का अंक पत्र खो गया, इसके बाद राघव राज ने इंटर काउंसिल में दूसरे अंक पत्र के लिए आवेदन दिया. अब काउंसिल की ओर से राघव राज को थर्ड डिवीजन का अंक पत्र दे दिया गया है. राघव राज परेशान है कि वो इंटर सेकेंड डिवीजन से पास किया तो अब थर्ड डिवीजन का अंक पत्र उसे क्यूं मिल गया.
केस टू : पीयूष कुमार 2012-13 सत्र का छात्र है. इंटर कामर्स में रिजल्ट खराब हो जाने के बाद पीयूष ने स्क्रूटनी करवायी. स्क्रूटनी के बाद पीयूष प्रथम श्रेणी में पास हुआ. अंक पत्र भी काउंसिल की ओर से दे दिया गया. अब जबकि पीयूष ने मूल प्रमाण पत्र के लिए आवेदन दिया तो उसे सेकेंड डिवीजन का अंक पत्र प्राप्त हुआ है. अब पीयूष इंटर काउंसिल का चक्कर लगा रहा है. लेकिन उसकी दिक्कतें सुनने वाला कोई नहीं है.असली नकली के फेर में फंस रहे छात्र
अभी तक नाम में सुधार, अंकों में सुधार, रिजल्ट में देरी जैसे मामले को ही लेकर बिहार बोर्ड चर्चा में रहता था. लेकिन अब परीक्षा के बाद छात्रों के रिजल्ट के रिकार्ड को भी बोर्ड सही से नहीं रख पा रहा है. हर साल सैकड़ों छात्रों के स्क्रूटनी करके रिजल्ट तो तत्काल दे दिया जाता है, लेकिन बोर्ड की ओर से रिजल्ट की सीडी को अपडेट नहीं किया गया है. काउंसिल सूत्रों की माने तो पिछले कई सालों से स्क्रूटनी के रिजल्ट की सीडी को अपडेट नहीं किया गया है. इससे छात्रों को तो तत्काल असली रिजल्ट मिल गया है, लेकिन बोर्ड के पास स्क्रूटनी के पहले वाला ही रिजल्ट है. इससे काफी संख्या में ऐसे छात्र है जिनके पास तो असली रिजल्ट है, लेकिन बोर्ड के रिकार्ड में उनका रिजल्ट पुराना वाला ही नकली है. इसकी जानकारी छात्रों को उस समय होती है जब उन्हें मूल प्रमाण पत्र की जरूरत होती है. बोर्ड का चक्कर लगाते है छात्र
ऐसे में छात्र के पास ऑरिजनल अंक पत्र तो होता है, लेकिन काउंसिल के पास उसी छात्र का नकली अंक पत्र यानी स्क्रूटनी होने के पहले वाला अंक पत्र रखा हुआ है. ऐसे में छात्र को जब मूल प्रमाण पत्र की जरूरत होती है तो छात्र को काउंसिल में चक्कर लगाना पड़ जाता है. ज्ञात हो कि इंटर के रिजल्ट की सीडी पटना के बाहर तैयार होती है. लेकिन रिजल्ट में सैकड़ों ऐसे छात्र होते है जिनके रिजल्ट में परिवर्तन होता है. लेकिन इन छात्रों के रिजल्ट को काउंसिल अपडेट नहीं कर पाता है. इससे पुराना ही रिजल्ट बोर्ड के पास मौजूद है.2009 से 2014 तक नहीं हुआ सीडी अपडेट
इंटरमीडिएट के रिजल्ट की सीडी कई सालों से अपडेट नहीं किया गया है. इंटर के रिजल्ट के समय तो सीडी तैयार होता है, उसे ही रिकार्ड के तौर पर काउंसिल में रखा जाता है. रिजल्ट निकलने के बाद काफी संख्या में छात्रों का रिजल्ट खराब हो जाता है. ऐसे में छात्र स्क्रूटनी के लिए अप्लाई करते है. लेकिन स्क्रूटनी के बाद जिन छात्रों के रिजल्ट सही हो जाता है, उसे अपडेट नहीं किया गया है. इंटर काउंसिल सूत्रों की माने तो 2009 से 2014 तक रिजल्ट की सीड को अपडेट नहीं किया गया है. हजारों की संख्या में होता है स्क्रूटनी के लिए अप्लाई
हर साल स्क्रूटनी के लिए हजारों की संख्या में छात्र अप्लाई करते है. उन्हें रिजल्ट भी मिल जाता है. लेकिन जब स्टूडेंट को मूल प्रमाण पत्र की जरूरत होती है और वो इसके लिए काउंसिल के पास अप्लाई करते है तो उन्हें काउंसिल की ओर से स्क्रूटनी के पहले वाला मूल प्रमाण पत्र दे दिया जाता है. इसके बाद छात्रों के शिकायत करने पर स्क्रूटनी का रिजल्ट देखा जाता है, जिसके आधार पर मूल प्रमाण पत्र दे दिया जाता है. स्क्रूटनी के बाद अंक पत्र खो गया तो नहीं मिल पायेगा मूल प्रमाण पत्र
इंटर काउंसिल की ओर से छात्र के रिजल्ट की सीडी को अपडेट नहीं होने का खामियाजा छात्र को भुगतना पड सकता है. अगर किसी छात्र ने स्क्रूटनी करवाना और उसका स्क्रूटनी वाला अंक पत्र खो गया तो फिर उसे ऑरिजनल अंक पत्र नहीं मिल पायेगा. क्योंकि काउंसिल के रिकार्ड वाले रिजल्ट में उस छात्र का अंक पत्र स्क्रूटनी होने से पहले वाला अंक पत्र है.माक्स वेरिफिकेशन में फंस जायेंगे छात्र
बीपीएसइ, बैंकिंग, आइपीएस, सैनिक आदि की प्रतियोगी परीक्षा में सफल होने के बाद रिजल्ट का वेरिफिकेशन होगा तो छात्र फंस जायेंगे. क्योंकि सफल छात्रों के माक्स वेरिफिकेशन का काम संस्थान से डायरेक्ट किया जाता है. ऐसे में संस्थान की ओर से जब इंक्वायरी की जायेगी तो छात्र का मामला फंस जायेगा. लेकिन इसके बाद भी काउंसिल की नजर इस पर नहीं है. कोट
हमें इसकी जानकारी नहीं है. रिजल्ट निकलने के समय रिजल्ट की सीडी तो तैयार होती है. स्क्रूटनी का रिजल्ट वेबसाइट पर दे दिया जाता है. सीडी अपडेट होने की जानकारी मुझे नहीं है. अगर ऐसा है तो हम उस सीडी को अपडेट करवायेंगे. लालकेश्वर प्रसाद सिंह, अध्यक्ष, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति\\\\B

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