Saturday, September 26, 2015

अप्रैल में लागू होगा नयी शिक्षा नीति : छठी से 12वीं तक का सिलेबस जायेगा बदल

- सीबीएसइ और आइसीएसइ बोर्ड के निर्देश पर एनसीइआरटी तैयार करेगा सिलेबस

रिंकू झा, पटनानये सिलेबस के साथ नये कोर्स को जल्द ही मंजूरी मिल जायेगी. इसके साथ अप्रैल 2016 सत्र से हर क्लास में नये सिलेबस को लागू कर दिया जायेगा. कोर्स को लागू करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है. नये सिलेबस में एक्टिविटी को फोकस किया जायें या पुराने स्टाइल में ही पढ़ाई को रखा जायें, इसको लेकर स्कूल के प्रिंसिपल से राय मांगी गयी है. मिनिस्ट्री ऑफ हियूमन रिसाेर्स डेवलपमेंट की तरफ से फीडबैक मांगा गया है. हर प्रिंसिपल को अपना फीडबैक पांच अक्तूबर तक ऑन लाइन भेज देना है.
दो केटेगरी में बांटा गया है क्वेशचनायर प्रिंसिपल से दो केटेगरी में क्वेशचनायर दिया गया है. एक केटेगरी में क्लास छठी से आठवीं तक को शामिल किया गया है. वहीं 9वीं और 10वीं के लिए क्वेशचनायर को अलग किया गया है. इसके अलावा 11वीं और 12वीं क्लास के भी तीन तरह के क्वश्चनायर बनाया गया है. कुल 28 क्वेश्चनायर पर अपनी राय प्रिसिपल को देनी होगी.
नये सिलेबस को तैयार करेगा एनसीइआरटी बोर्ड द्वारा सिलेबस तैयार करने के बाद इसे किताब का रूप एनसीइआरटी द्वारा दिया जायेगा. बोर्ड सूत्रों की माने तो अक्तूबर अंत तक बोर्ड द्वारा सिलेबस को अंतिम रूप दे देना है. इसके बाद नवंबर से एनसीइआरटी द्वारा नये सिलेबस पर किताबें प्रिंट किया जायेगा. इस बार मार्केट में मार्च में सारे किताबें को लाया जायेगा.
1984 के बाद होगा बदलावशिक्षा नीति में इस बड़े पैमाने पर बदलाव लगभग 20 सालों के बाद होने जा रहा है. सिलेबस में थोड़ बहुत बदलाव होे रहे है. लेकिन इस बार हर विषय में बड़े पैमाने पर बदलाव होगा. सीबीएसइ सूत्रों की माने तो इससे पहले 1984 में शिक्षा नीति में बदलाव किया गया था.
ये सारे फीडबैक मांगे गये है- स्कूल में इंस्ट्रक्शन का माध्यम हिंदी हो या इंगलिश में हो
- म्यूजिक, ड्रांस, ड्रामा आदि के क्लासेज में किस भाषा का उपयोग करें - साइंस,सोशल साइंस, मैथेमेटिक्स में एक्टिविटी को फोकस दिया जाना चाहिए
- स्कूल में सेल्फ स्टडी के लिए अलग से क्लास होना चाहिए - हर विषय के लिए ग्रुप डिस्कशन करवाया जायें
- स्कूल लाइब्रेरी में विषय के अनुसार रिफ्रेंस बुक होना चाहिए - सिलेबस में स्टोरी बुक इंगलिश, हिन्दी या किसी और भाषा में होना चाहिए
- लाइब्रेरी में न्यूज पेपर, मैग्जींस आदि किस भाषा में होना चाहिए - इंगलिश, साइंस, सोशल साइंस, सोशियोलॉजी, पोलिटिकल साइंस, जोगरफी आदि विषय में बुक के अलावा चार्ट, मॉडल, ऑडियो और वीडियो को सिलेबस में शामिल किया जायें
- छठी से आठवी क्लास तक के विषयों में डिजिटल टेक्नोलॉजी बेस्ड सिलेबस हो - आंसर काॅपी इवैल्यूएशन में को-काॅलिकुलम को शामिल किया जायें
- स्कूल कैंपस में सबसे अधिक सेफ्टी की जरूरत कहां पर हैं- स्कूल में फैसिलिटी के तौर पर क्या सब होना चाहिए
- स्टूडेंट के सेफ्टी पर अलग से सिलेबस होना चाहिए टीचर्स के लिए होगा यह गाइड लाइन
- टीचर्स को प्राइवेट ट्यूशन बंद करना होगा - स्कूल खत्म होने के बाद टीचर्स द्वारा कमजोर स्टूडेंट के लिए स्पेशल क्लास चलाये जायेंगे
- कठिन टॉपिक पर टीचर्स को अधिक समय देना होगा - स्टूडेंट और टीचर्स के बीच रिस्पेक्ट की भावना होना चाहिए
कोटअप्रैल 2016 में नयी शिक्षा नीति को लागू कर दिया जायेगा. इसकी तैयारी शुरू हो चुकी है. सिलेबस को लेकर हर किसी से फीडबैक लिया जा रहा है. अभी प्रिसिपल से मांगा गया है. इससे पहले स्टूडेंट से भी फीडबैक लिया गया था.
सीबी सिंह, सचिव, पाटलिपुत्र सहोदया \\B

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