Rinku Jha
Wednesday, September 23, 2015
क्लिंटन ने जिसे लिया गोद, उसके पास स्कूल जाने के पैसे भी नहीं
- जमसौत मुसहरी की चार साल की रानी को अमेरीका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने लिया था गोद
संवाददाता, पटनाजब रानी एक साल की थी तभी उसका भविष्य लिखा जा रहा था. माता पिता के साथ आस पास के लोग भी उसके भविष्य को लेकर निश्चिंत हो चुके थे. हो भी क्यूं नहीं, अमेरीका के राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने जो रानी गोद लिया था. कहा था कि इस बच्ची के पढ़ाई लिखाइ के साथ सारा खर्च बिल क्लिंटन फाउंडेशन के द्वारा किया जायेगा. अब इस घटना को चार साल होने जा रहा है, लेकिन ना तो बिल क्लिंटन ने दुबारा रानी का हाल चाल लिया और ना ही कोई सुविधा अभी तक उसे दी गयी है. जमसौत मुसहरी की रहने वाली रानी स्कूल जाने के लायक हो गयी है, लेकिन उसके माता पिता के पास इतने पैसे नहीं जो उसे स्कूल में पढ़ा सके.
- बस फोटो खिचवाया, दिया कुछ नहीं
चार भाई बहनों में सबसे छोटी रानी को लेकर आस पास के लोग बातें बनाने लगे है. मां रूकनी देवी ने बताया कि जब विदेशी बाबू आयें थे तो मै खेत में काम कर रही थी. वहां से मुझे बुलाया गया था. जब मै आयी तो उन्होंने अंग्रेजी में कुछ कहा. मुझे समझ में नहीं आया. उनके साथ जो आयें थे, उन्हाेंने बताया कि विदेशी साहब रानी को गोद लेना चाह रहे है. फिर विदेशी साहब ने रानी के साथ फोटो भी खिंचवाया. मेरे घर के अंदर भी आकर उन्हाेने फोटो खिंचवायें. सभी चले गये. कुछ दिया नहीं लेकिन कहा कि इस बच्ची के भविष्य का सारा खर्च वो ही उठायेंगे. उसके बाद सब चले गये.
- अभी भी है गांव को क्लिंटन का इंतजार
दो सौ की आवादी वाले इस गांव में लाेगों को अभी भी क्लिंटन का इंतजार है. मजदूरी का काम कर रहे अधिकांश लोगो का कहना है कि पेपर में फोटो खिंचवाने के लिए लोग हमारे पास तो आते है, लेकिन कोई मदद नहीं करता है. पांचवीं तक के एक सरकारी स्कूल ही मात्र है. एक स्वास्थ्य केंद्र है, वहां पर कभी भी दवा नहीं मिलता है. ज्ञात हो कि अमेरीका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने इस गांव में एक हेल्थ रिसर्च सेंटर खाेलने की भी घोषणा की गयी थी, लेकिन हेल्थ रिसर्च सेंटर तो दूर, गांव में हेल्थ के नाम पर कोई सुविधा नहीं है.
कोट
इस मुसहरी गांव में मै पिछले 21 साल से काम कर रही हूं. दो सौ लोगों के आबादी वाले इस गांव में इंदिरा आवास के माध्यम से मकान बनवाया गया है. इसके अलावा शौचालय बनाया गया. इसके अलावा सरकारी स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र आदि भी चल रहे है. क्लिंटन द्वारा घोषणा की गयी थी. मैने भी सुना था, लेकिन अभी तक कुछ नहीं किया जा सका है.
पद्म श्री सुधा वर्गीज, सोशल एक्टिविस्ट
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