Wednesday, September 23, 2015

परमानेंट एफिलिएशन देगा सीबीएसइ, कई स्कूलों ने किया अप्लाई

- सीबीएसइ के जांच टीम के विजिट के बाद ही मिलेगा एफिलिएशन

संवाददाता, पटनाअभी तक एक साल, तीन साल और पांच सालों के लिए ही सीबीएसइ से मान्यता मिलती थी. लेकिन अब अगर स्कूल में इंफ्रास्क्ट्रचर के साथ एकेडेमिक सीबीएसइ के नाॅम्स के अनुसार है तो ऐसे स्कूल को बोर्ड का परमानेंट एफिलिएशन भी मिल सकता है. सीबीएसइ ने परमानेंट एफिलिएशन को दुबारा शुरू किया है. इसके तहत बोर्ड की ओर से तीन लोगों की टीम भी बनायी गयी है. इसमें ज्वाइंट सेक्रेटरी के अलावा दो स्कूलों के प्रिसिंपल को शामिल किया गया है. टीम द्वारा जांच के बाद स्कूल को एफिलिएशन दिया जायेगा.
- कई स्कूलों ने दिया आवेदन सीबीएसइ के परमानेंट एफिलिएशन देने की बात सामने आते ही बिहार और झारखंड के कई स्कूलों ने इसके लिए आवेदन दे दिया है. इसमें बिहार से दो स्कूल और झारखंड से तीन स्कूल शामिल है. ज्ञात हो कि देश भर में 16 हजार 611 सीबीएसइ स्कूल है. इसमें से मात्र 163 को ही परमानेंट एफिलिएशन अभी तक दिया गया है.
- एक ही स्कूल के पास है परमानेंट एफिलिएशन अभी बिहार में मात्र एक स्कूल नाॅट्रेडेम एकेडमी, जमालपुर को ही परमानेंट एफिलिएशन मिला हुआ है. इस स्कूल को 2004 में परमानेंट एफिलिएशन सीबीएसइ ने दिया था. इसके बाद सीबीएसइ ने परमानेंट एफिलिएशन देना बंद कर दिया है. अब फिर एक बार परमानेंट एफिलिएशन को लेकर सीबीएसइ ने प्लानिंग किया है. जो भी स्कूल परमानेंट एफिलएशन को लेकर अप्लाई करेगा, उसकी जांच होने के बाद ही उसे एफिलिएशन दिया जायेगा.
इन स्कूलों ने किया है परमानेंट एफिलिएशन के लिए अप्लाई- सेंट माइकल हाई स्कूल, पटना
- डीपीएस, पटना- डीपीएस, रांची
- डीपीएस, बोकारो - राम कृष्ष्ण मिशन, देवघर
इन प्वाइंट पर हाेगी स्कूल की जांच - स्कूल को ए-प्लस केटेगरी प्राप्त हो
- स्कूल स्टेट के एजुकेशन डिपार्टमेंट से मान्यता प्राप्त हो - स्कूल में मीडिल क्लास के लिए 250 एकड़, सेकेडरी क्लास के लिए 500 एकड़ और सीनियर सेकेडरी क्लास के लिए 750 एकड़ में बिल्डिंग हो
- स्कूल में टीचर्स की सैलरी स्टेट गवर्नमेंट के पे स्केल के अनुसार होना चाहिए - स्कूल में सारे टीचर्स परमानेंट हों
- टीचर्स और स्टूडेंट्स का रेसियो 1:40 के अनुसार हो - क्लास रूम का मिनिमम साइज 8 और 6 मीटर हो
- सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी क्लास के लिए अलग-अलग फिजिक्स, केमेस्ट्री और बायोलॉजी का लैब हो - लाइब्रेरी का साइज 14 और 8 मीटर का होना चाहिए
- कंप्यूटर के साथ मैथ लैब होना चाहिए - म्यूजिक, डांस, आर्ट, स्पोर्ट आदि एस्ट्रा एक्टिविटी के लिए अलग से कमरे हों
- एडहॉक पर टीचर और नॉन टीचिंग स्टॉफ नहीं होना चाहिए - क्वालिटी एजुकेशन होना चाहिए
- प्रायमरी लेवल के क्लास में भी सीसीइ लागू हो - क्लास थ्री से फाइव तक में लाइफ स्कील एजुकेशन की पढ़ाई हो
- बोर्ड का रिजल्ट हर साल पिछले साल की तुलना में बेहतर हो 

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