Sunday, September 20, 2015

फेल हो गये तो 15 दिनों में फिर परीक्षा

- सीबीएसइ और आइसीएसइ की ओर से चल रही तैयारी

संवाददाता, पटनास्कूलों की बोर्ड परीक्षाओं में फेल होने वाले छात्र-छात्राओं के लिए रिजल्ट आने के 15 दिन के भीतर दोबारा परीक्षा करायी जायेंगी. इस दूसरे प्रयास में पास हाने वाले विद्याथियों का साल बर्बाद नहीं होगा़ वे अगली क्लास में पहुंच जायेंगे. साथ ही ऐसे छात्र भी दूसरे छात्रों के साथ ही आगे की पढ़ाई कर पायेंगे. देश की प्रस्तावित नयी शिक्षा नीति कुछ ऐसे ही बदलाव के साथ लागू की जायेगी़ इसको लेकर बोर्ड की आेर से अपनी पहल शुरू कर दी गयी है़. यह फैसला फिलहाल 10वीं बोर्ड की परीक्षा देने वाले परीक्षाथी पर लागू होगा. ज्ञात हो कि अभी सीबीएसइ और आइसीएसइ बोर्ड के रिजल्ट आने के एक महीने बाद ही कंपार्टमेंटल की परीक्षा ली जाती है. लेकिन अब इस नयी व्यवस्था से एक महीने के अंदर ही फेल स्टूडेंट को पास होने का दुबारा मौका दिया जायेगा. - नहीं होगा स्टूडेंट का समय बर्बाद
इस नयी व्यवस्था से स्टूडेंट का साल नहीं बर्बाद होगा. कई बार परीक्षा होने और लेट रिजल्ट आने से प्लस टू में एडमिशन की प्रक्रिया तमाम स्कूलों में खत्म हो जाती है. ऐसे में स्टूडेंट को या तो कहीं एडमिशन नहीं हो पाता या फिर छोटे मोटे कॉलेजों में एडमिशन से काम चलाना पड़ता है. इस नयी व्यवस्था से 10वीं बोर्ड के स्टूडेंट को काफी राहत मिलेगी. - स्कूल लेवल की परीक्षा में भी हो सकता है लागू
फेल स्टूडेंट को 15 दिनों के अंदर दुबारा परीक्षा देने का मौका मिले, इसे स्कूल लेवल पर भी शुरू करने का प्रस्ताव है. नयी शिक्षा नीति के तहत स्कूल लेवल पर भी इसे लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है़ इसके तहत फाइनल एग्जाम में जो स्टूडेंट फेल हो जायेंगे, उनके लिए स्कूल की ओर से रिजल्ट आने के 15 दिनों के अंदर दुबारा परीक्षा लिया जायेगा. जो पास करेगे उन्हें अगले क्लास में एडमिशन किया जायेगा. - महाराष्ट्र बोर्ड ने किया लागू
नयी शिक्षा नीति के इस प्रस्ताव को महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड ने अपने यहां लागू कर दिया है. महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड में अब बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट निकलने के 15 दिनों के अंदर ही दूबारा परीक्षा ली जायेगी. इससे फेल होने वाले छात्रों की संख्या कम से कम की जा सकेगी. महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड के वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार 2016 की बोर्ड परीक्षा से इसे लागू कर दिया जायेगा. - डीएवी संस्थान के स्कूलों में चल रहा यह व्यवस्था
वहीं देश भर के डीएवी स्कूलों में यह व्यवस्था कई सालों पहले शुरू किया गया था़. डीएवी में क्लास के फाइनल परीक्षा में फेल होने वाले छात्रों को 15 दिनों के अंदर दुबारा परीक्षा देने का मौका मिलता है. खासकर 11वीं में जो छात्र फेल हो जाते है. उन्हें दुबारा मौका दिया जाता है, जिस परीक्षा को देकर वो पास हो सके. कोट
नयी शिक्षा नीति के तहत यह आया है. मै इसका स्वागत करता हूं. इस व्यवस्था स्टूडेंट में डिप्रेशन आदि नहीं होगा. इसके अलावा समय की बर्बादी भी स्टूडेंट की नहीं होगी. उन्हें तुरंत की दुबारा परीक्षा देने का मौका मिलेगा, इससे उनके अंदर कांफिडेंस भी आयेगा. सीबी सिंह, सचिव, पाटलिपुत्र सहोदया 

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