Rinku Jha
Sunday, November 1, 2015
एसए-वन के आंसर कॉपी की रेंडमली होगी जांच
हर रीजनल आॅफिस से सीबीएसइ ने आंसर कॉपी भेजने का दिया निर्देश
संवाददाता, पटना
आंसर कॉपी के इवैल्यूएशन में पारदर्शिता लाने के लिए अब समेटिव असेसमेंट (एसए) की भी जांच रेंडमली की जायेगी. इसको लेकर सीबीएसइ ने तमाम रीजनल ऑफिस को निर्देश दिया है. निर्देश के अनुसार सितंबर में होने में एसए-वन की आंसर कॉपी को बोर्ड खुद जांच करेगा. हर स्कूलों से रेंडमली एसए-वन की अांसर कॉपी मंगवायी गयी है. सीबीएसइ के निर्देश पर रीजनल ऑफिस को हर स्कूलों से आंसर काॅपी लेकर उसे बोर्ड को भेजना है.
पंद्रह आंसर कॉपी जायेगा हर स्कूलों से
रेंडमली जांच को लेकर हर स्कूलों से पंद्रह आंसर कॉपी को भेजा जायेगा. इसमें से पांच आंसर काॅपी क्लास के बेस्ट स्टॅडेंट का होगा. इसके बाद पांच आंसर काॅपी पढ़ाई में एवरेज रहने वाले स्टूडेंट का होगा. इसके बाद पांच आंसर कॉपी क्लास के उन कमजोर स्टूडेंट का होगा, जो स्कूल मे कम माने जाते है. हर स्कूल को पंद्रह आंसर काॅपी रीजनल ऑफिस में जमा करना है. इसके बाद रीजनल ऑफिस से उसे सीबीएसइ भेजा जायेगा.
समेटिव असेसमेंट की जांच होती है स्कूल में
सीबीएसइ द्वारा 9वीं में दो बार और 10वीं में दो बार समेटिव असेसमेंट लिया जाता है. सितंबर में एसए-वन और मार्च में एसए-टू आयोजित की जाती है. इस असेसमेंट के लिए प्रश्न पत्र तो सीबीएसइ तैयार करता है,लेकिन परीक्षा और मूल्यांकन का काम स्कूल में ही होता है. स्कूल के ही टीचर्स कॉपी की जांच करते है. ऐसे में स्कूल के टीचर्स पर अंकों को देने में हमेशा हेराफेरी का आरोप लगता रहा है.
होगी टीचर्स पर कार्रवाई
रेंडमली जांच में अगर कोई टीचर गलत इवैल्यूएशन करते हुए पकड़ में आयेंगे तो सीबीएसइ की ओर से ऐसे स्कूल और टीचर्स को नोटिस दिया जायेगा. ऐसे टीचर्स को एसए-टू में एग्जामिनर और इवैल्यूएशन से अलग रखा जायेगा. इसके अलावा ऐसे टीचर्स की सैलरी में भी सीबीएसइ के निर्देश पर स्कूल को कटौती करनी होगी.
कोट
समेटिव असेसमेंट की इवैल्यूशन में पारदर्शिता आयें, इसके लिए इसे शुरू किया जा रहा है. इससे स्टूडेंट को समेटिव असेसमेंट पर विश्वास होगा. मार्क्स को लेकर स्टूडेंट को शिकायत नहीं होगा. टीचर्स भी कुछ गलत करने से पहले डरेंगे.
राजीव रंजन सिन्हा, सिटी कोर्डिनेटर, सीबीएसइ
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