Rinku Jha
Sunday, November 1, 2015
9वीं और 10वीं में बदलाव : पीएसए के बदले अब होगा फार्मेटिव असेसमेंट
- सीबीएसइ ने दो साल पहले शुरू किये गये पीएसए को किया खत्म
संवाददाता, पटना
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेडरी एजुकेशन ने पीएसए (प्रॉब्लम सॉल्विंग असेसमेंट) इस बार से नहीं लेगी. अब 9वीं और 10वीं के स्टूडेंट पीएसए के बदले फॉर्मेटिव असेसमेंट देना होगा. शुक्रवार को सीबीएसइ की एक बैठक में यह फैसला लिया गया है. इसकी जानकारी तमाम सीबीएसइ स्कूलों को भेजा जा रहा है. ज्ञात हो कि सीबीएसइ ने 2013 में पीएसए लेना शुरू किया था. यह फार्मेटिव असेसमेंट फोर के बदले लिया जाता था.
साइंस और सोशल साइंस विषयों में होता था पीएसए
9वीं और 10वीं में फाइनल परीक्षा के पहले पीएसए लिया जाता था. साेशल साइंस, साइंस, मैथ, इंगलिश में पीएसए लिया जाता था. 60 अंक के पीएसए में कुल 90 प्रश्न पूछे जाते थे. पीएसए में जो अंक स्टूडेंट को प्राप्त होते थे, उसका एवरेज मार्किंग निकाल कर फाइनल रिजल्ट तैयार किया जाता था.
नॉलेज बढ़ाने के लिए शुरू हुआ था पीएसए
सीबीएसइ ने सब्जेक्ट नॉलेज से अलग हट कर अन्य जानकारी के लिए पीएसए की शुरुआत 9वीं और 10वीं क्लास के लिए शुरू किया था. लेकिन इसे प्रॉपर पे में सीबीएसइ शुरू नहीं कर पायी. इसके एग्जाम को लेकर भी हमेशा फिक्स समय नहीं होता था. परीक्षा फार्म भरवाने के बाद कभी भी इसे ले लिया जाता था. इससे स्टूडेंट पीएसए को लेकर पूरी तरह से तैयार भी नहीं होते थे. पीएसए का कोई सिलेबस नहीं था.
फीडबैक में स्टूडेंट और अभिभावक ने बंद करने को कहा था
सीबीएसइ ने कुछ महीनो पहले पीएसए को लेकर स्टूडेंट और अभिभावक से फीडबैक मांगा था. फीडबैक में स्टूडेंट और अभिभावक ने इसे बंद करने की अपील की थी. इसके अलावा कई स्कूल प्रशासन ने भी पीएसए को बंद करने को कहा था.
कोट
पीएसए को दो साल पहले शुरू किया गया था. लेकिन इससे स्टूडेंट खुश नहीं थे. टोटल मार्क्स में भी स्टूडेंट पिछड़ जा रहे थे. पीएसए सक्सेस नहीं हो पाया. इस कारण इसे बंद किया जायेगा.
केके चौधरी, कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन, सीबीएसइ
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