Rinku Jha
Monday, November 2, 2015
टीचर्स जो पढ़ायेंगे, उसकी होगी अब रिकार्डिंग
- सीबीएसइ ने स्कूलों को क्लास रूम में डिवाइस लगवाने का दिये निर्देश
संवाददाता, पटना
टीचर्स क्लास रूम में कैसे पढ़ा रहे हैं? क्या पढ़ा रहे हैं? स्टूडेंट को समझ में आ भी रहा है या नहीं? स्टूडेंट के प्रश्नों का जवाब टीचर्स सही से दे पा रहे है या नहीं? अब इन तमाम चीजों पर सीबीएसइ की नजर होगी. अब स्कूल में जो भी टीचर्स पढ़ायेंगे, उसकी जानकारी सीबीएसइ के पास जायेगी. टीचर्स के टीचिंंग का सीबीएसइ खुद रिव्यू करेगा. अप्रैल 2016 सत्र से इसकी शुरुआत सीबीएसइ के तमाम स्कूलों में किया जायेगा.
हर क्लास रूम में लगेगा रिकॉर्डिंग डिवाइस
टीचर्स की टीचिंग पर नजर रखने के लिए सीबीएसइ तमाम स्कूलों के क्लास रूम में रिकार्डिंग डिवाइस लगवाने जा रही है. इस डिवाइस से क्लास रूम में होने वाली तमाम गतिविधियों की रिकॉर्डिंग की जायेगी. इसके बाद रिकॉर्डिंग की सीडी बना कर स्कूल की तरफ से रीजनल ऑफिस में जमा किया जायेगा. रीजनल ऑफिस से सीडी को सीबीएसइ भेजा जायेगा. बोर्ड की ओर से क्लास रूम टीचिंग का रिव्यू किया जायेगा. इस रिव्यू में सीबीएसइ इस बात की जांच करेगी कि क्लास रूम टीचिंग पर टीचर्स का कितना ध्यान हाेता है. ज्ञात हो कि डिवाइस लगाने का खर्च सीबीएसइ की ओर से हर स्कूलों को दिया जायेगा.
टीचर्स को मिलेगा सर्टिफिकेट
सीबीएसइ ने टीचर्स को बेस्ट टीचिंग का सर्टिफिकेट भी देने का प्लान बना रही है. क्लास रूम टीचिंग में जिस टीचर्स की टीचिंग सबसे बढ़िया होगी. ऐसे दस टीचर्स को हर महीने चुना जायेगा. इसके अलावा जो टीचर्स टीचिंग में लापरवाही करते हुए पायें जायेंगे, उन्हें बोर्ड की ओर से नोटिस दिया जायेगा. साथ में दो या तीन महीने का समय दिया जायेगा. सीबीएसइ सूत्रों की माने तो इसके बाद भी अगर टीचर्स में सुधार नहीं होगा तो ऐसे टीचर्स को स्कूल से निकाला भी जा सकता है.
डिवाइस लगने से होगा ये सारे फायदे
- टीचर्स क्लास बंक नहीं कर पायेंगे
- टीचिंग में लापरवाही नहीं हो पायेगी - टीचर्स द्वारा हर स्टूडेंट पर एक जैसा फोकस रहेगा
- फिजिकल पनिशमेंट पर लगेगा रोक - टीचर्स बिना कारण स्टूडेंट को डांटेंगे नहीं
- स्टूडेंट भी टीचर्स पर झूठा आरोप नहीं लगा सकेंगे - टीचर्स और स्टूडेंट के संबंध में सुधार होगा
- प्रिंसिपल को अलग से टीचर्स पर नजर नहीं रखना पड़ेगा - स्टूडेंट के पढ़ाई पर भी नजर रखा जा सकेगा
कोट
शिक्षा के अधिकार के तहत यह शुरू किया जा रहा है. इससे एजुकेशन में तो सुधार होगा ही साथ में टीचर्स द्वारा पनिशमेंट जैसी चीजों पर भी रोक लगायी जा सकेगी. टीचर्स और स्टूडेंट्स दोनों ही क्लास रूम पढ़ाई को महत्व देंगे. अप्रैल 2016 से इसे लागू कर दिया जायेगा.
राजीव रंजन सिन्हा, सिटी कोर्डिनेटर, सीबीएसइ
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