Thursday, November 19, 2015

स्क्रूटनी में आया नो चेंज, आरटीआइ में पता चला उत्तर पुस्तिका की जांच ही नहीं हुई

- सुपौल की विनिता कुमारी इंगलिश उत्तर पुस्तिका की जांच बिना शिक्षक ने दे दिया 14 अंक, हो गयी फेल

संवाददाता, पटनासारे विषयों में अच्छे अंक आयें. इंगलिश में फेल हो गयी. स्क्रूटनी को आवेदन दिया तो बोर्ड ने नो चेंज कर रिजल्ट जस का तस रखा. अब जब सूचना के अधिकार के तहत इंगलिश की उत्तर पुस्तिका निकाली गयी तो पता चला कि उत्तर पुस्तिका की जांच ही नहीं हुई. सुपौल की विनिता कुमारी (रौल नंबर 1500113, रौल कोड 42038) गुुरुवार को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति में इंगलिश के उत्तर पुस्तिका लेकर बोर्ड अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद सिंह ने मिली. अध्यक्ष ने जल्द से जल्द सही रिजल्ट देने का वादा भी किया है.
- शिक्षक की गलती की सजा भुगत रही छात्रा सारे विषयो में पास होने के बावजूद विनीता कुमारी फेल हो गयी. शिक्षक की एक गलती की वजह से विनीता कुमारी फेल हो गयी और उसका नामांकन प्लस टू में नहीं हो पाया. विनीता कुमारी के अनुसार 17 मार्च 2015 को द्वितीय पाली में इंगलिश की परीक्षा हुई थी. उत्तर पुस्तिका में सारे प्रश्न के जवाब भी लिखे हुए है. शिक्षक ने उत्तर पुस्तिका की जांच किये बिना ही उत्तर पुस्तिका में 14 अंक डाल दिया. आश्चर्य की बात है कि उत्तर पुस्तिका के प्रथम पृष्ठ पर हर प्रश्न के अलग-अलग अंक भी चढ़ाये गये है. लेकिन अंदर के पृष्ठ पर एक भी प्रश्न की जांच नहीं हुई है. इंगलिश में पास करने के लिए विनीता को 30 अंक चाहिए था. हाई स्कूल जदिया, सुपौल की छात्रा विनीता कुमारी ने मैट्रिक के द्वितीय पाली की परीक्षा जेनरल हाई स्कूल त्रिवेणीगंज, सुपौल में जाकर दिया था.
- जून में किया था उत्तर पुस्तिका लेने के लिए अप्लाई रिजल्ट में गड़बड़ी होने के बाद विनीता कुमारी ने तुरंत स्क्रूटनी के लिए अप्लाई किया. इसके साथ ही सूचना के अधिकार के तहत उत्तर पुस्तिका लेने का अप्लाई किया. विनीता कुमारी के पिता प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि स्क्रूटनी में नो चेंज आ गया. उसके बाद बोर्ड का चक्कर लगाते रहे कि उत्तर पुस्तिका जल्द से जल्द मिले. लेकिन उत्तर पुस्तिका 19 नवंबर 2015 को छह महीने के बाद मिला है. उत्तर पुस्तिका देखने के बाद पता चला है कि उत्तर पुस्तिका की जांच ही नहीं हुई है.
- इंगलिश के अंक नहीं जुड़ते हैवैसे बिहार बोर्ड के मैट्रिक में इंगलिश की परीक्षा में छात्र को बस एपियर होना ही जरूरी होता है. इंगलिश के अंक कुल अंकों में नहीं जुड़ते है. ऐसे में छात्र का नामांकन बिहार के किसी भी स्कूल या कॉलेज में तो हो जाता है, लेकिन बिहार के बाहर दूसरे कॉलेज या स्कूल में नामांकन नहीं हो पाता है. कुछ ऐसा ही विनीता कुमारी के साथ भी हुआ. विनीता को रांची में प्लस टू में नामांकन लेना था, लेकिन विनीता कुमारी का नामांकन अभी तक नहीं हो पाया है. क्याेंकि नामांकन के लिए उसे इंगलिश में 70 फीसदी के उपर मार्क्स होना चाहिए.
अन्य विषयों में विनीता के आयें ये अंक विषय - कुल अंक
मैथेमेटिक्स - 68 संस्कृत - 76
साइंस - 72 हिन्दी - 65
सोशल साइंस - 58 कोट
विनीता कुमारी का उत्तर पुस्तिका मैने भी देखा है. इस मामले को तुरंत सही किया जायेगा. एक सप्ताह के अंदर उत्तर पुस्तिका की जांच के बाद सही अंक दिया जायेगा. शिक्षक की गलती की वजह से छात्रा परेशान हुई है. कॉपी का मूल्यांकन किस सेंटर पर हुआ, इसका पता लगाया जायेगा. लालकेश्वर प्रसाद सिंह, अध्यक्ष, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति \\B

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