Sunday, November 15, 2015

एफिलिएशन मिलने के बाद सीबीएसइ के नियम ताक पर

- सीबीएसइ से एक बार एफिलिएशन मिलने के बाद स्कूल करते है अपनी मनमानी

संवाददाता, पटना
नियम से अलग हट कर सेक्शन चला रहे है. टीचर्स की संख्या कम है. एक सेक्शन में 40 से अधिक स्टूडेंट का नामांकन लिया जाता है. स्कूल में प्ले ग्राउंड नहीं है. क्लास रूम की कमी है. स्कूल कैंपस में कोचिंग संस्थान खुले हुए है. स्कूल के टीचर्स बाहर में ट्यूशन करते है. पटना के कई स्कूल सीबीएसइ के नियम को ताक पर रख कर स्कूल चला रहे है. सीबीएसइ से मान्यता लेने के समय भले पटना के स्कूल सारे नियम को फॉलो करते हों, लेकिन जैसे ही सीबीएसइ से एक बार एफिलिएशन मिल जाता है तो सारे नियम से परे हट कर स्कूल अपनी मनमानी करता है. बाहर में ट्यूशन करते है कई स्कूलों के टीचर्स
सीबीएसइ की माने तो दो साल पहले बोर्ड ने तमाम टीचर्स के लिए एक सर्कूलर जारी किया. इसमें कहा गया था कि कोई भी सीबीएसइ स्कूल के टीचर स्कूल के अलावा बाहर प्राइवेट ट्यूशन नहीं कर सकते है. लेकिन पटना में तमाम स्कूलों के कई टीचर्स बाहर प्राइवेट ट्यूशन करते है. कई टीचर्स को काेचिंग संस्थान तक खोल रखा है. इसके अलावा कई स्कूल कैंपस में ही कोचिंग संस्था चल रहे है. स्कूल की पढ़ाई के बाद कोचिंग में स्टूडेंट को क्लास करना पड़ता है. इसके लिए स्टूडेंट को अलग से फी भी देना होता है. एडहॉक पर भरते है टीचर्स
पटना के स्कूलों में एडहॉक पर टीचर्स को रख कर काम चलाया जाता है. ऐसे में कम पैसे पर ही टीचर्स काे स्कूल वाले रखते है. इससे क्वालिटी एजुकेशन पर काफी असर होने लगा है. टीचर्स भी आयें दिन स्कूल में बदल दिये जाते है. एक स्कूल के टीचर ने बताया कि दो से तीन हजार सैलरी के नाम पर मिलता है. ऐसे में क्वालिटी एजुकेशन कहां से आयेगा. एडहॉक पर हमें कुछ महीनों के लिए रखा जाता है. ऐसे में हम भी काम चलाने के लिए ही पढ़ाते है. परमिशन से अधिक चल रहे सेक्शन
सीबीएसइ के अनुसार क्लास वन से लेकर 12वीं तक एक समान सेक्शन ही स्कूल में रखा जायेगा. अगर क्लास वन में तीन सेक्शन चल रहे है तो 12वीं तक तीन ही सेक्शन हर क्लास में होगा. लेकिन पटना के अधिकांश स्कूल में क्लास वन से 12वीं तक के सेक्शन में अंतर है. क्लास वन में तीन सेक्शन तो 10वीं तक यह 7 से आठ सेक्शन हो जाते है. इसी को लेकर 2014 में सीबीएसइ ने पटना के सेंट माइकल के साथ कई स्कूलों को फिक्स सेक्शन चलाने का निर्देश दिया था. लेकिन दो साल लगभग हो जाने के बाद भी स्कूल अपनी मरजी के ही सेक्शन चला रहे है.
मान्यता प्राप्त स्कूलों को इन नियम को करना है पालन - जितने सेक्शन चलाने का परमिशन मिले, उतने ही सेक्शन स्कूल को चलाना है
- एक सेक्शन में 40 से अधिक स्टूडेंट नहीं होना चाहिए - 40 स्टूडेंट पर दो टीचर्स होने चाहिए
- स्कूल में मेन गेट के अलावा दो और गेट होने चाहिए - स्कूल में क्लास रूम के अलावा सीढ़ी, लिफ्ट, मेन गेट आदि में सीसी टीवी कैमरा लगा हो
- स्कूल में आउट डोर गेम के लिए प्ले ग्राउंड हो. इंडोर गेम के लिए हॉल होने चाहिए - स्कूल अाने और जाने को स्टूडेंट के लिए कंवियेंस की व्यवस्था स्कूल करें
- ट्रेंड टीचर्स की ही नियुक्ति स्कूल में हो - एंटी सेक्सुल हेरेसमेंट, एंटी रैंगिग सेल भी स्कूल में हो
- फर्स्ट एड, रेस्ट रूम और डाक्टर की व्यवस्था स्कूल में हो - टीचर्स की सैलरी सीबीएसइ द्वारा फिक्स सैलरी ही दी जायेगी 

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