Sunday, April 3, 2016

स्कूलों ने सिलेबस में एनसीइआरटी बुक्स से किया किनारा, अभिभावकों की कट रही जेब

 कोर्स में 30 फीसदी एनसीइआरटी और 70 फीसदी प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबें शामिल

रिंकू झा, पटनाहर क्लास में एनसीइआरटी बुक्स ही चलाये जायेेंगे. स्कूल किसी भी क्लास में प्राइवेट पब्लिकेशन के बुक नहीं चलायेंगे. 2016 के सेशन से इसे लागू करने के लिए स्कूलों को निर्देश दिया गया था. लेकिन इस बार भी स्कूलों ने अपनी मनमानी करने से बाज नहीं आये. अधिकांश स्कूलों ने अपने बुक्स की लिस्ट में एनसीइआरटी को किनारा करके प्राइवेट पब्लिकेशन के बुक्स को शामिल किये है. इसमें 30 फीसदी बुक्स ही एनसीइआरटी के है. बाकी 70 फीसदी बुक्स केवल प्राइवेट पब्लिकेशन के है. कई स्कूल तो ऐसे हैं जिन्होंने एनसीइआरटी के 10 फीसदी बुक्स भी नहीं रखा है.
- ढीली हो रही अभिभावक की जेब एनसीइआरटी बुक्स के दाम प्राइवेट पब्लिकेशन बुक्स की तुलना में 50 फीसदी कम होती होती है. ऐसे में प्राइवेट पब्लिकेशन के बुक्स की खरीदारी करने में अभिभावकों की जेब ढीली पड़ रही है. अभिभावक रोहित रंजन की माने तो उन्हें क्लास चौथी की बुक्स खरीदना है. हर बुक की कीमत दो सौ रूपये से कम नहीं है. एनसीइआरटी के एक या दो बुक ही स्कूल की लिस्ट में शामिल है. वहीं अभिभावक प्रिया भाटिया ने बताया कि किताबों के पूरा सेट खरीदने में चार हजार के लगभग खर्च आयें है.
- हर किताब के साथ लेना होता है वर्क बुकअधिकांश स्कूलों में किताबों के साथ वर्क बुक भी चलता है. ऐसे में जितनी किताबें उतने ही वर्क बुक भी लेना होता है. ऐसे में अगर आठ सब्जेक्ट है तो वर्क बुक मिला कर 16 की संख्या हो जाती है. प्राइवेट पब्लिकेशन के बुक के साथ वर्क बुक लेना आवश्यक है. वर्क बुक की प्रैक्टिस हर सब्जेक्ट में करना होता है. इससे एक्स्ट्रा खर्च अभिभावकों को करना होता है.
- 8वीं तक शामिल करना है एनसीइआरटी बुक्स बस्ता का बोझ कम करने के लिए मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा हर क्लास में एनसीइआरटी बुक्स को लागू करने के लिए कहा गया था. इसे इसी बार 2016 के सेशन से ही लागू करना था. एनसीइआरटी बुक्स स्टूडेंट्स को आसानी से उपलब्ध हो, इसके लिए सीबीएसइ ने तमाम स्कूलों से स्टूडेंट्स के रिक्वायरमेंट के अनुसार संख्या बताने को भी कहा गया था. लेकिन पटना के अधिकांश स्कूलों ने यह नहीं किया. ऑन लाइन बुक्स रिक्वायरमेंट की लिस्ट सीबीएसइ ने मांगी थी.
हर क्लास के किताबों की खरीदारी में अभिभावक हो रहे परेशान क्लास - 1 से 4
कुल सब्जेक्ट - आठ बुक्स की संख्या - 12 से 15
कुल एनसीइआरटी बुक्स - तीन सारे बुक्स का प्राइस - 25 सौ से 35 सौ तक
क्लास - 5 से 7 कुल सब्जेक्ट - आठ
बुक्स की संख्या - 16 से 18 कुल एनसीइआरटी बुक्स - दो
सारे बुक्स का प्राइस - 35 सौ से 44 सौ तक क्लास - 8वीं
कुल सब्जेक्ट - आठ बुक्स की संख्या - 18 से 20
कुल एनसीइआरटी बुक्स - तीन सारे बुक्स का प्राइस - 5 हजार तक
कोटप्राइवेट पब्लिकेशन के बुक की खरीदारी अधिक होती है. हर क्लास के एवरेज बात करें तो 30 फीसदी ही एनसीइआरटी के बुक्स स्कूलों में पढ़ाई जाती है. बाकी 70 फीसदी बुक्स प्राइवेट पब्लिकेशन के ही चलते है. स्कूल की ओर से लिस्ट लेकर अभिभावक आते है. हम उन्हें किताब उपलब्ध करवाते है.
शिव शक्ति सिंह, वाइस प्रेसिडेंट, ज्ञान गंगा लिमिटेड\\B

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