Sunday, April 3, 2016

प्राइवेट स्कूल : ना लिया नामांकन और ना ही भरा जुर्माना

- पटना जिला के 32 स्कूलों ने अब तक नहीं लिया आरटीइ के तहत कोई नामांकन

संवाददाता, पटनाशिक्षा का अधिकार सभी को है. भले इसको लागू करने के लिए शिक्षा का अधिकार कानून बना हो, लेकिन प्राइवेट स्कूलों ने इस कानून की परिभाषा ही बदल दी है. सभी को शिक्षा देने के बदले अपनी मरजी से शिक्षा का अधिकार देने की बात करते है. प्राइवेट स्कूलों पर सरकार का काेई दबाव नहीं है. शिक्षा के अधिकार को स्कूल अपनी मरजी से चलाते है. आरटीइ के तहत नामांकन नहीं लेने पर जुर्माना का भी प्रावधान है, लेकिन आश्चर्य की बात है कि अब तक किसी भी स्कूल ने जुर्माना तक नहीं भरा है.
- किसी नोटिस की बात नहीं मानता प्राइवेट स्कूल जुर्माना को लेकर स्कूल के पास कोई नोटिस भी नहीं दिया गया है. विभागीय स्तर पर प्राइवेट स्कूलों पर कार्रवाई करने की बातें तो होती है, लेकिन अभी तक किसी भी स्कूल पर आरटीइ के तहत कोई कार्रवाई नहीं किया गया है. प्राइवेट स्कूलों में आरटीइ के तहत नामांकन जून जुलाई से शुरू होता है और सालों भर चलता है. विभाग के दबाव पर कोई स्कूल एक दो नामांकन ले कर खानापूर्ति कर लेते है. 2015-16 सत्र की बात करें तो जुलाई से लेकर जनवरी तक 107 स्कूलों ने 1422 बच्चों का नामांकन लिया है.
- 25 फीसदी नामांकन का अभी तक नहीं दी जानकारी बिहार में शिक्षा का अधिकार काननू 2011 में पूरी तरह से लागू किया गया. आरटीइ के तहत 25 फीसदी नामांकन क्लास वन में हर स्कूलों को लेना है. लेकिन 2011 से लेकर अब तक किसी भी स्कूल ने विभाग को 25 फीसदी नामांकन की जानकारी नहीं दिया है. क्लास वन में कितने बच्चे पढ़ रहे है और उसका 25 फीसदी नामांकन के तहत कितने बच्चे का नामांकन लिया गया. स्कूल बस खानापूर्ति केे तौर पर दो चार बच्चे की जानकारी विभाग को देते है.
- 32 स्कूलों ने नहीं लिया अब तक नामांकन आरटीइ के तहत 32 स्कूल ऐसे है जिन्होंने अब तक एक भी नामांकन नहीं लिया है. इसमें सबसे बड़ा कहे जाने वाला दिल्ली पब्लिक स्कूल है. जहां पर 2011 से 2015 तक एक भी नामांकन आरटीइ के तहत नहीं लिया गया है. इन स्कूलों ने अब तक जुर्माना भी नहीं भरा है. इन 32 स्कूलों पर कार्रवाई करने की प्रक्रिया पिछले चार महीने से चल रही है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं किया गया है. दिल्ली पब्लिक स्कूल की बात करें तो कई बार स्कूल को नामांकन लेने के लिए नोटिस भी दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद नामांकन नहीं लिया गया है.
कोटशिक्षा के अधिकार के तहत प्राइवेट स्कूल काफी उदासीन है. कोई भी स्कूल नामांकन नहीं लेना चाहता है. ऐसे में स्कूल पर अलग-अलग तरीके से दबाव डालते है. दबाव डालने में एक दो स्कूल नामांकन लेता भी है. लेकिन 25 फीसदी नामांकन स्कूल ने लिया या नहीं, इसकी जानकारी कोई भी स्कूल ने अभी तक नहीं दिया है.
राम सागर सिंह, कार्यकारी निदेशक, सर्वशिक्षा अभियान \\\\ \\B

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