Sunday, April 3, 2016

दस रूपये में नहीं मिलेगी सीबीएसइ की आंसर कॉपी, चाहिए ताे देने होंगे एक हजार

 सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद सूचना के अधिकार के तहत नहीं दी जाती आंसर कॉपी

रिंकू झा, पटना
समस्तीपुर के 12वीं के छात्र बसुधेष विजय ने सूचना के अधिकार (आरटीआइ) के तहत सीबीएसइ से वर्ष 2013 की आंसर काॅपी मांगी. लेकिन सीबीएसइ ने आंसर कॉपी नहीं दिया. इसके बाद बसुधेष विजय केंद्रीय सूचना आयोग के पास गये. केंद्रीय सूचना आयोग ने सीबीएसइ पटना रीजनल ऑफिस पर 25 हजार रूपये का जुर्माना लगाया और 21 दिन के अंदर छात्र को आंसर काॅपी उपलब्ध करवाने को आदेश दिया. बसुधेष के पिता डा. वीके मिश्रा ने बताया के 13 दिसंबर 2015 को केंद्रीय सूचना आयोग ने सीबीएसइ रीजनल ऑफिस को 21 दिन के अंदर जुर्माना देने काे कहा था. लेकिन अभी सीबीएसइ ने नहीं दिया है.                         बसुधेष विजय अकेले छात्र नहीं हैं, जिनको ऐसी परेशानी से जूझना पड़ा. ऐसे सैकड़ों छात्र आरटीआइ के तहत सीबीएसइ से आंसर काॅपी की मांग करते हैं, लेकिन उनको नहीं दिया जाता. अगर किसी छात्र को आंसर कॉपी चाहिए तो इसके लिए उसे सीबीएसइ के पास अप्लाई करना होता है. अप्लाई करने बाद मार्क्स का वेरिफिकेशन होता है. इसके बाद ही सीबीएसइ आंसर काॅपी उपलब्ध करवाती है. इसकी वजह से दस रुपये में होने वाले काम के लिए भी छात्रों को हजार रुपये तक देना पड़ता है.
- आंसर कॉपी चाहिए तो देना होगा एक हजार रूपया सीबीएसइ के नियम के अनुसार आंसर काॅपी सूचना के अधिकार के तहत नहीं मिलेगा. इसके लिए छात्र को आवेदन देना होगा. आवेदन देने के समय मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए तीन सौ रूपये देना होता है. वेरिफिकेशन होने के बाद फिर आंसर कॉपी मिलता है. आंसर कॉपी लेने के लिए फिर सात सौ रूपये देना होता है. मतलब एक हजार रूपये खर्च कीजिए तो सीबीएसइ आंसर कॉपी देता है. इसके लिए 20 से 25 दिनों का इंतजार भी करना होता है.
- 2011 में सुप्रीम कोर्ट ने दस रूपये में आंसर काॅपी देने का दिया था आदेश सूचना के अधिकार के तहत दस रूपये में आंसर कॉपी मिले, इसके लिए कोलकाता हाई कोर्ट ने आदित्य बंधोपाध्याय बनाम सीबीएसइ के तहत दस रूपये और दो रूपये प्रति पेज के हिसाब से आंसर काॅपी उपलब्ध करवाने के लिए कहा था. हाईकोर्ट के आॅर्डर को सीबीएसइ ने सुप्रीम कोर्ट में केस किया. सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता हाई कोर्ट के आॅर्डर को सही ठहराया. इसके बावजूद सीबीएसइ छात्रों को आंसर कॉपी सूचना के अधिकार के तहत नहीं दे रही है.
- बसुधेष विजय के केस में केंद्रीय सूचना आयोग ने दिया आदेश इतना ही नहीं बसुधेष विजय के केस के तहत केंद्रीय सूचना आयोग ने भी 2015 दिसंबर में सीबीएसइ से आंसर कॉपी सूचना के अधिकार के तहत देने काे कहा था. लेकिन अपने ही नियम पर आंसर काॅपी उपलब्ध करवाता है. अब सीबीएसइ के खिलाफ फिर एक बार छात्र सुप्रीम कोर्ट में पिटिशन डाले है. लॉ की पढ़ाई कर रहे कुमार शानू और पारस जैन ने सुप्रीम कोर्ट में कंटेंप्ट पिटिशन डाला है, जिसमें सीबीएसइ ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को नहीं माना है. कुमार शानू ने बताया कि अांसर कॉपी लेने के लिए छात्रों को काफी पैसे खर्च होते है. ऐसे में सीबीएसइ को सुप्रीम कोर्ट का आदेश मानना होगा. इसके लिए हमने पिटिशन डाला है.
कोट : सीबीएसइ का यह नियम है. मैं इसमें बहुत कुछ नहीं कह सकता हूं. आंसर कॉपी लेने के लिए आवेदन ही करने का नियम है. सूचना के अधिकार के तहत कॉपी नहीं दी जाती है. इसके लिए 20 से 25 दिन लगता है. यह सारा कुछ दिल्ली से होता है.
आरआर मीणा, रीजनल आॅफिसर, सीबीएसइ पटना \\B

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